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सड़क के किनारे की जमीनों का मुआवजा अलग हो
Updated Sat, 10 Feb 2018 01:08 AM IST
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चकिया। क्षेत्र के बुढ़वल, शाहपुर हाता तथा सोनहुल गांव में प्रस्तावित सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर के निर्माण में सड़क के किनारे की जमीनों तथा मकानों का मुुआवजा बाजार रेट के आधार पर चार गुना देने की मांग को लेकर किसानों ने शुक्रवार को किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में नगर के गांधी पार्क में एक धरना दिया। धरने के दौरान पहुंचे तहसीलदार को किसानों ने पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सोनहुुल गांव के पास बनने वाले सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें सड़क के किनारे आवासीय मकान बनाकर रह रहे किसानों को उनकी जमीन और मकान का मुआवजा सर्किल रेट के आधार पर ही निर्धारित किया गया है। जबकि सड़क के किनारे के मकानों और जमीनों की कीमत सर्किल रेट से बहुत अधिक है। वक्ताओ ने कहा कि किसानों को बाजार रेट का चार गुना मुआवजा देने से ही किसानों को फायदा मिलेगा। वक्ताओ ने जमीन देने वाले किसानों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई है। इस दौरान किसान नेता शंभूनाथ यादव, रामअचल यादव, लालचंद यादव, अजय राय, परमानंद मौर्य, भृगुनाथ, बजरंगी चौहान, शिवलोचन मौर्य, रामकृत, गुप्तनाथ, शंकर, राम निहाल, जगदीश प्रसाद, श्यामदेव आदि मौजूद रहे।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सोनहुुल गांव के पास बनने वाले सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें सड़क के किनारे आवासीय मकान बनाकर रह रहे किसानों को उनकी जमीन और मकान का मुआवजा सर्किल रेट के आधार पर ही निर्धारित किया गया है। जबकि सड़क के किनारे के मकानों और जमीनों की कीमत सर्किल रेट से बहुत अधिक है। वक्ताओ ने कहा कि किसानों को बाजार रेट का चार गुना मुआवजा देने से ही किसानों को फायदा मिलेगा। वक्ताओ ने जमीन देने वाले किसानों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई है। इस दौरान किसान नेता शंभूनाथ यादव, रामअचल यादव, लालचंद यादव, अजय राय, परमानंद मौर्य, भृगुनाथ, बजरंगी चौहान, शिवलोचन मौर्य, रामकृत, गुप्तनाथ, शंकर, राम निहाल, जगदीश प्रसाद, श्यामदेव आदि मौजूद रहे।
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