{"_id":"59aefd124f1c1bad078b46f6","slug":"11504640274-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू ने तहसील प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू ने तहसील प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
Updated Wed, 06 Sep 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सकलडीहा। समाधान दिवस पर शिकायत करने पहुंचे भाकियू के सदस्यों का प्रार्थना पत्र न लेने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। चेताया कि मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो किसान आंदोलन के लिये मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
किसानों ने आरोप लगाया कि लेहरा मनिहरा ड्रेन की साफ सफाई न होने से कई गांव के किसानों की हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गई। संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे रहे। मंगलवार को जमुनीपुर, लेङहरा मनिहरा माइनर की साफ सफाई व टेल तक पानी पहुंचाने की शिकायत को लेकर किसान यूनियन पहुंचे, लेकिन हर बार की तरह कोरा आश्वासन देते हुए प्रार्थना पत्र रख लिया गया। इससे आक्रोशित किसानों ने तहसील गेट पर पहुंचकर एसडीएम तहसीलदार सहित विभागीय अधिकारियों कऊे खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। चेताया कि मांगों को गंभीरता से नही लिया तो किसान सड़क पर उतकर विरोध प्रदर्शन करने के लिये मजबूर होंगे। इस मौके पर विरोध जताने वाले जितेन्द्र तिवारी, रामअवतार सिहिं, प्रेमनारायण मौर्य, रामसूरत मौर्य, हृदय नारायण सिंह, चंद्रिका सिंह, रामजी यादव, त्रिभुवन तिवारी, प्रमोद सिंह, सूरत मौर्य, नरसिंह, विरेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसानों ने आरोप लगाया कि लेहरा मनिहरा ड्रेन की साफ सफाई न होने से कई गांव के किसानों की हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गई। संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे रहे। मंगलवार को जमुनीपुर, लेङहरा मनिहरा माइनर की साफ सफाई व टेल तक पानी पहुंचाने की शिकायत को लेकर किसान यूनियन पहुंचे, लेकिन हर बार की तरह कोरा आश्वासन देते हुए प्रार्थना पत्र रख लिया गया। इससे आक्रोशित किसानों ने तहसील गेट पर पहुंचकर एसडीएम तहसीलदार सहित विभागीय अधिकारियों कऊे खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। चेताया कि मांगों को गंभीरता से नही लिया तो किसान सड़क पर उतकर विरोध प्रदर्शन करने के लिये मजबूर होंगे। इस मौके पर विरोध जताने वाले जितेन्द्र तिवारी, रामअवतार सिहिं, प्रेमनारायण मौर्य, रामसूरत मौर्य, हृदय नारायण सिंह, चंद्रिका सिंह, रामजी यादव, त्रिभुवन तिवारी, प्रमोद सिंह, सूरत मौर्य, नरसिंह, विरेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन