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महिलाओं की भागीदारी देने में प्रमुख दल रहे पीछे
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चंदौली। महिलाओं को सशक्त करने की कवायद सिर्फ राजनीतिक दलों के एजेंडे में ही शामिल रहता है। सच इससे अलग है यहां आधी आबादी को टिकट देने में राजनीतिक दल हमेशा पीछे नजर आती है। लोकसभा चुनाव की बात करें तो मात्र दो बार ही महिलाओं को लोकसभा का प्रत्याशी बनाया गया है। एक बार कांग्रेस ने चंद्रा त्रिपाठी को मैदान में उतारा था और यहां की जनता ने उन्हें संसद भेजा था।
चंदौली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में विभिन्न दलों की बात करें तो 1957 से 2019 तक के चुनाव में किसी दल ने महिलाओं को प्रत्याशी नहीं बनाया है। वहीं कांग्रेस ने दो बार महिला प्रत्याशी बनाया है। पहली बार 1984 में चंद्रा त्रिपाठी (कांग्रेस) की प्रत्याशी रही और जीत हासिल किया। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, अपना दल (कृष्णा गुट) व जनअधिकार पार्टी ने शिव कन्या को प्रत्याशी बनाया है, लेकिन देखना अब यह होगा कि कितनी सफलता मिलता है। संसदीय क्षेत्र में विधानसभा की पांच सीटें हैं। इसमें मुगलसराय, अजगरा, सकलडीहा, शिवपुर और सैयदराजा शामिल हैं। इसमें से अजगरा की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। लोकसभा की मतदाता सूची में 1756837 मतदाता है। इसमें 961337 पुरुष, 795388 महिलाएं शामिल है। मुगललसराय विधानसभा (पीडीडीयू नगर) क्षेत्र में 389132 मतदाता में 211264 पुरुष, 177806 महिला, सकलडीहा में 329983 मतदाता में 182335 पुरुष, 147635 महिला, सैयदराजा में 327059 मतदाता में 179495 पुरुष, 147540 महिला, शिवपुर में 351406 मतदाता में 189922 पुरुष, 161473 महिला व अजगरा में 359257 मतदाता में 198321 पुरुष व 160934 महिलाएं है।
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कब कौन जीता
1952 त्रिभुवन नारायण सिंह (कांग्रेस)
1957 त्रिभुवन नारायण सिंह (कांग्रेस)
1962 बालकृष्ण सिंह (कांग्रेस)
1967 निहाल सिंह (संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी)
1971 सुधाकर पांडेय (कांग्रेस)
1977 नरसिंह यादव (जनता पार्टी)
1980 निहाल सिंह (जनता पार्टी)
1984 चंद्रा त्रिपाठी (कांग्रेस)
1989 कैलाशनाथ सिंह (जनता दल)
1991 आनंदरत्न मौर्य (भाजपा)
1996 आनंदरत्न मौर्य (भाजपा)
1998 आनंदरत्न मौर्य (भाजपा)
1999 जवाहरलाल जायसवाल (सपा)
2004 कैलाशनाथ सिंह यादव (बसपा)
2009 रामकिशुन यादव (सपा)
2014 डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय (भाजपा)