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ईटीपीबी से वोट डालेंगे सर्विस वाले मतदाता

Sun, 24 Mar 2019 12:50 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Mar 2019 12:50 AM IST
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ईटीपीबी से वोट डालेंगे सर्विस वाले मतदाता

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चंदौली। 17वीं लोकसभा चुनाव में नौकरी करने वाले वोटरों के लिए इलेक्ट्रानिकी ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट (ईटीपीबी) के माध्यम से मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। पारदर्शिता के लिए इलेक्ट्रानिक पोस्टल बैलेट, घोषणा-पत्र समेत लिफाफों तक पर क्यूआर कोड (क्विक रिस्पांस कोड) अंकित रहेगा। मतगणना के समय सबसे पहले इसी क्यूआर कोड की स्कैनिंग की जाएगी। क्यूआर कोड मैच कर जाता है तो गिनती होगी अन्यथा पोस्टल बैलेट को निरस्त कर दिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सातवें चरण के लिए चंदौली में 22 से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 19 मई को मतदान होगा। पुनरीक्षण के मतदाता सूचियां तैयार हो चुकी हैं। जिले के ऐसे मतदाता जो बाहर नौकरी-पेशा में है वे वोट देने से वंचित न रहने पाएं इसके लिए जिला निर्वाचल कार्यालय चारों विधानसभा क्षेत्रों के निवासी जो बाहर नौकरी कर रहे ऐसे वोटरों का डाटा तैयार करा रहा है। दरसअल पहले सर्विस वोटर के लिए पोस्टल बैलेट पेपर भेजा जाता था, लेकिन सैनिकों या सशस्त्र बल के जवान की दुर्गम इलाकों में तैनाती की वजह से मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाते थे। यदि मतदान कर भी दिया तो मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोस्टल बैलेट निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचते थे। इस बार सर्विस वोटरों को ईटीपीबी सिस्टम के इलेक्ट्रानिकली पोस्टल बैलेट उपलब्ध कराया जाएगा।
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ऐसे भेजा जाएगा बैलेट और करेंगे मतदान
चंदौली। उम्मीदवारों के नाम की घोषणा होते ही निर्वाचन अधिकारी द्वारा पोस्टल बैलेट तैयार किया जाएगा। इसमें उम्मीदवार का नाम, उसका फोटो एवं पार्टी का नाम अंकित होगा। यह इलेक्ट्रानिक पोस्टल बैलेट निर्वाचन अधिकारी द्वारा ईटीपीबी सिस्टम के माध्यम से सर्विस वोटरों के विभाग या कार्यालय को भेजे जाएंगे। सर्विस वोटर को एक पिन जारी होगा और इसी पिन के माध्यम से उन्हें इलेक्ट्रानिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट प्राप्त होगा। इस पर क्यूआर कोड अंकित होगा, जिसमें जरूरी सूचनाएं होंगी और इसी निर्धारित होगा कि पोस्टल सही है या गलत। इसके साथ ही सर्विस वोटर को घोषणा-पत्र भी पोस्टल बैलेट के साथ लिफाफों में रखकर निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा।
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इलेक्ट्रानिक पोस्टल बैलेट की तैयारी शुरू हो गई है। नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस पर कार्य शुरू जाएगा। इलेक्ट्रानिकली पोस्टल बैलेट से लेकर घोषणा-पत्र व प्रत्येक प्रपत्र पर यहां तक की लिफाफों पर भी क्यूआर कोड अंकित होगा। मतगणना के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद संबंधित मत को निरस्त कर दिया जाएगा। बच्चा लाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी।

चंदौली। आचार संहिता लागू होने के साथ ही आयोग ने लाइसेंसी असलहों को जमा कराने के निर्देश दिए हैं। लेकिन असलहों को जमा कराने में पुलिस विभाग तेजी नहीं ला पा रही है। अभी तक मात्र 13 फीसदी असलहे जमा कराए गए हैं। जबकि एक सौ से अधिक लोग सुरक्षा का हवाला देकर शस्त्रों को जमा करने में छूट देने की गुहार लगाई है।
दस मार्च को निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद ही आचार संहिता प्रभावी हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा जनपद के 7282 लोगों को असलहे का लाइसेंस जारी किया गया है। आयोग के निर्देशानुसार थानावार असलहा जमा कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि मतदान के एक सप्ताह पूर्व तक इन्हें जमा करना है। परन्तु पुलिस की सक्रियता कम होने के कारण लोग अपने लाइसेंसी असलहों को थानों या शस्त्रागार में जमा करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद के विभिन्न थानों और शस्त्र की दुकानों पर मात्र 13 फीसदी लोगों ने असलहे जमा किए है। जबकि एक सौ से अधिक ऐसे भी असलाधारी है जो चुनाव के दौरान सुरक्षा का हवाला देकर शस्त्रों को जमा करने से बचना चाहते है। लोगों ने डीएम को पत्र देकर सुरक्षा, बैंक ड्यूटी तथा अन्य कारण बताकर छूट देने की गुहार लगाई है। डीएम ने सभी प्रार्थना पत्रों को स्क्रिनिंग कमेटी के पास भेजा है। जांच के बाद ही ऐसे लोगों को शस्त्र जमा करने से छूट मिल सकती है।

कई के पास लाइसेंस है लेकिन असलहा नहीं
सुरक्षा का हवाला देकर जिले में 7298 लोगों ने शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किया है। मगर इनमें 20 फीसदी ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने लाइसेंस तो बनवा लिया लेकिन अभी तक असलहा नहीं खरीदा है। अब ऐसे लोगों के लाइसेंस का नवीनीकरण पर भी संकट आ गया है। जिला प्रशासन ऐसे लोगों की सूची बनाना रही है।


असलहा जमा कराने के लिए निर्देश दिया गया है। थानाध्यक्षों को पत्र भेजा गया है। नामांकन से पूर्व ही शत प्रतिशत लाइसेंसी असलहे जमा कराना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं है। बच्चा लाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम
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