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एक वर्ष से कर्जमाफी की आस लेकर कार्यालयों का चक्कर लगा रहे है बीस हजार किसान
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:07 AM IST
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चंदौली। प्रदेश के योगी सरकार का एक वर्ष पूरा हो गया। किसानों की कर्जमाफी की गई लेकिन अभी जिले में करीब 20 हजार किसान हैं जो अब भी योजना के लाभ से वंचित है। ऐसे कर्ज में डूबे किसान कार्यालयों और बैंकों का चक्कर काट रहे हैं।
प्रदेश की सरकार ने किसानों के एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद किसानों को चिह्नित कर बैंकों से कर्ज लिए किसानों का विवरण आन लाइन कर दिया गया। प्रशासन की ओर से जिले में 31406 किसानों का विवरण आनलाइन किया गया। बाद में जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने 20019 किसानों को बाहर कर दिया। इसके बाद पहले चरण में बाकी 2937 बचे किसानों को कर्जमाफी का चेक दिया गया। दूसरे चरण में 3251, तीसरे चरण में 4566, चौथे चरण में 529, पांचवे चरण में 59, छठे चरण में 25 किसानों का कार्जमाफी किया गया। जिसके लिए शासन से 131.156 करोड़ रुपये मिले थे। जबकि अभी भी 20019 किसान कृषि विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। वहीं इन 20 हजार किसानों के अलावा जिले में 7200 ऐसे किसान हैं जिन्होंने कर्ज लेने के बाद एक या दो किश्त जमा भी किया लेकिन बाद में कर्ज चुकता नहीं कर पाए हैं। इन किसानों को भी कर्जमाफी की योजना से वंचित कर दिया गया। अब कर्ज नहीं जमा कर पा रहे ये किसान भी योजना में नाम शामिल कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
कोट
कर्जमाफी योजना के लिए कुल आठ चरण में किसानों का चयन किया गया था। जो लोग शासन स्तर से तय दिशा-निर्देश के अनुसार कर्जमाफी का लाभ दिया गया। जिन किसानों की शिकायतें मिल रही हैं उसकी जांच कराकर जो लोग पात्र मिले हैं उन्हें योजना मेें शामिल कर कर्जमाफी का लाभ दिया जा रहा है । राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी
प्रदेश की सरकार ने किसानों के एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद किसानों को चिह्नित कर बैंकों से कर्ज लिए किसानों का विवरण आन लाइन कर दिया गया। प्रशासन की ओर से जिले में 31406 किसानों का विवरण आनलाइन किया गया। बाद में जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने 20019 किसानों को बाहर कर दिया। इसके बाद पहले चरण में बाकी 2937 बचे किसानों को कर्जमाफी का चेक दिया गया। दूसरे चरण में 3251, तीसरे चरण में 4566, चौथे चरण में 529, पांचवे चरण में 59, छठे चरण में 25 किसानों का कार्जमाफी किया गया। जिसके लिए शासन से 131.156 करोड़ रुपये मिले थे। जबकि अभी भी 20019 किसान कृषि विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। वहीं इन 20 हजार किसानों के अलावा जिले में 7200 ऐसे किसान हैं जिन्होंने कर्ज लेने के बाद एक या दो किश्त जमा भी किया लेकिन बाद में कर्ज चुकता नहीं कर पाए हैं। इन किसानों को भी कर्जमाफी की योजना से वंचित कर दिया गया। अब कर्ज नहीं जमा कर पा रहे ये किसान भी योजना में नाम शामिल कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
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कोट
कर्जमाफी योजना के लिए कुल आठ चरण में किसानों का चयन किया गया था। जो लोग शासन स्तर से तय दिशा-निर्देश के अनुसार कर्जमाफी का लाभ दिया गया। जिन किसानों की शिकायतें मिल रही हैं उसकी जांच कराकर जो लोग पात्र मिले हैं उन्हें योजना मेें शामिल कर कर्जमाफी का लाभ दिया जा रहा है । राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी
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