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कर्मचारी को ११ माह बाद किया सेवानिवृत्त
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कर्मचारी को 11 माह बाद किया सेवानिवृत्त, रिकवरी के आदेश
बुलंदशहर। पावर कॉरपोरेशन में एक कर्मचारी को 11 माह बाद सेवानिवृत्त किया गया। इस दौरान उसे दिए गए वेतन को जब निगम ने वापस मांगा तो उसने मना कर दिया। इसके चलते अब एक बाबू से रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। यह मामला अनूपशहर बस अड्डा स्थित बिजलीघर नंबर तीन की महिला कर्मचारी का है।
बताया गया कि अनूपशहर बस अड्डा स्थित बिजलीघर नंबर तीन पर तैनात कर्मचारी भगवती देवी की सेवानिवृत्ति 31 जनवरी 2018 को होनी थी। किसी कारणवश उसे सेवानिवृत्त नहीं किया जा सका। इसके बाद जब तत्कालीन एक्सईएन जागेश कुमार को इसका पता चला तो उन्होंने उसे तुरंत सेवानिवृत्त करने के आदेश दिए थे। करीब 11 महीने बाद उसे सेवानिवृत्त किए जाने तक वेतन के रूप में राशि भी मिलती रही। इस राशि को उससे वापस लेने के लिए विभाग की ओर से जब नोटिस जारी किया तो इस कर्मचारी ने राशि लौटाने से साफ मना कर दिया। इस पर अब निगम के अफसरों ने उससे वेतन के रूप में ली गई राशि को वापस लेने के लिए रिकवरी के आदेश जारी कर दिए हैं। बताया गया कि इस राशि की रिकवरी के आदेश एसई रणजीत सिंह ने उस बाबू को किए हैं, जिसकी गलती से भगवती देवी को समय पर सेवानिवृत्त नहीं किया जा सका था। वहीं, दूसरी ओर भगवती देवी का कहना है कि अभी तक उसके अन्य भुगतान नहीं किए गए हैं। उसने भुगतानों पर रोक लगाने का आरोप लगाया है। एक्सईएन तरुण पाठक का कहना है कि कर्मचारी द्वारा अतिरिक्त वेतन वापस ना करने की स्थिति में बाबू के वेतन से रिकवरी के आदेश जारी हुए हैं।
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बुलंदशहर। पावर कॉरपोरेशन में एक कर्मचारी को 11 माह बाद सेवानिवृत्त किया गया। इस दौरान उसे दिए गए वेतन को जब निगम ने वापस मांगा तो उसने मना कर दिया। इसके चलते अब एक बाबू से रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। यह मामला अनूपशहर बस अड्डा स्थित बिजलीघर नंबर तीन की महिला कर्मचारी का है।
बताया गया कि अनूपशहर बस अड्डा स्थित बिजलीघर नंबर तीन पर तैनात कर्मचारी भगवती देवी की सेवानिवृत्ति 31 जनवरी 2018 को होनी थी। किसी कारणवश उसे सेवानिवृत्त नहीं किया जा सका। इसके बाद जब तत्कालीन एक्सईएन जागेश कुमार को इसका पता चला तो उन्होंने उसे तुरंत सेवानिवृत्त करने के आदेश दिए थे। करीब 11 महीने बाद उसे सेवानिवृत्त किए जाने तक वेतन के रूप में राशि भी मिलती रही। इस राशि को उससे वापस लेने के लिए विभाग की ओर से जब नोटिस जारी किया तो इस कर्मचारी ने राशि लौटाने से साफ मना कर दिया। इस पर अब निगम के अफसरों ने उससे वेतन के रूप में ली गई राशि को वापस लेने के लिए रिकवरी के आदेश जारी कर दिए हैं। बताया गया कि इस राशि की रिकवरी के आदेश एसई रणजीत सिंह ने उस बाबू को किए हैं, जिसकी गलती से भगवती देवी को समय पर सेवानिवृत्त नहीं किया जा सका था। वहीं, दूसरी ओर भगवती देवी का कहना है कि अभी तक उसके अन्य भुगतान नहीं किए गए हैं। उसने भुगतानों पर रोक लगाने का आरोप लगाया है। एक्सईएन तरुण पाठक का कहना है कि कर्मचारी द्वारा अतिरिक्त वेतन वापस ना करने की स्थिति में बाबू के वेतन से रिकवरी के आदेश जारी हुए हैं।
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