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यूरिया घोटाला : दो सचिवों से मांगा स्पष्टीकरण
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यूरिया घोटाला : दो सचिवों से मांगा स्पष्टीकरण
बुलंदशहर। जिले में अगस्त और सितंबर में हुए यूरिया घोटाले के मामले में दो समिति सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इससे पहले पूर्व में 24 सहकारी समिति और उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। विभागीय अफसरों के अनुसार सचिवों से जवाब मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को सहकारी समिति और उर्वरक की दुकानों से यूरिया उपलब्ध करवाया जाता है। यूरिया का वितरण किसान को पॉश मशीन से करने का नियम है। लेकिन जनपद में गत अगस्त और सितंबर माह में दो बार बड़ा यूरिया घोटाले का मामला सामने आया था। उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने दो बार 50 से अधिक किसानों को 24 समिति और उर्वरक विक्रेताओं की सूची जारी कर अवगत करवाया था कि इन्होंने नियम से अधिक यूरिया का वितरण कर दिया है। उक्त किसानों को 15 हजार से अधिक यूरिया के कट्टे वितरित किए हैं। मंत्रालय से यह सूची मिलने के बाद डीएम ने विभागीय अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए थे। इसकी जांच पूरी होने के साथ 24 समिति और उर्वरक की दुकानों के डीएम के आदेश पर लाइसेंस निरस्त हो गए थे। एआर कोआपरेटिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उक्त मामले में दो समिति के सचिवों से स्पष्टीकरण मांग लिया गया है। उनका जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बुलंदशहर। जिले में अगस्त और सितंबर में हुए यूरिया घोटाले के मामले में दो समिति सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इससे पहले पूर्व में 24 सहकारी समिति और उर्वरक की दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। विभागीय अफसरों के अनुसार सचिवों से जवाब मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को सहकारी समिति और उर्वरक की दुकानों से यूरिया उपलब्ध करवाया जाता है। यूरिया का वितरण किसान को पॉश मशीन से करने का नियम है। लेकिन जनपद में गत अगस्त और सितंबर माह में दो बार बड़ा यूरिया घोटाले का मामला सामने आया था। उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने दो बार 50 से अधिक किसानों को 24 समिति और उर्वरक विक्रेताओं की सूची जारी कर अवगत करवाया था कि इन्होंने नियम से अधिक यूरिया का वितरण कर दिया है। उक्त किसानों को 15 हजार से अधिक यूरिया के कट्टे वितरित किए हैं। मंत्रालय से यह सूची मिलने के बाद डीएम ने विभागीय अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए थे। इसकी जांच पूरी होने के साथ 24 समिति और उर्वरक की दुकानों के डीएम के आदेश पर लाइसेंस निरस्त हो गए थे। एआर कोआपरेटिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उक्त मामले में दो समिति के सचिवों से स्पष्टीकरण मांग लिया गया है। उनका जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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