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Bulandshahar News: ऊपरी मंजिल से शुरू कराया स्टोरेज, हादसा तो होना ही था

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 24 Apr 2023 12:31 AM IST
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Storage started from upper floor, accident was bound to happen
बुलंदशहर। हम तो मालिकों के आदेश पर काम कर रहे थे... उन्होंने ही कहा था कि कोल्ड स्टोर में गाजर की बोरियों को पांचवी मंजिल से भरना शुरू करो। इसी के चलते अंत में बेसमेंट में बोरियां भरने का काम किया जा रहा था। नीचे खाली होने और ऊपर वजन बढ़ने के कारण ही स्ट्रक्चर झुककर धंस गया। अधिकारियों के पूछने पर यह बात वहां मौजूद डरे-सहमे मजदूरों ने बताई।
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मजदूरों का कहना था कि कोल्ड स्टोर के बेसमेंट में अभी भी काम चल रहा था। ऊपर का पांच मंजिला स्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया था। इसकी क्षमता करीब 50 हजार बोरियां रखने की थी। 15 दिन पहले से गाजर से भरी बोरियां रखना शुरू हुआ था। नियमानुसार पहले बेसमेंट को भरा जाता है। संचालकों ने पहले पांचवीं मंजिल, फिर चौथी, तीसरी, दूसरी और पहली मंजिल पर शनिवार तक करीब 45 हजार बोरियां रखवा दी थी। बेसमेंट में भी करीब दो हजार बोरियां रखी जा चुकी थीं। करीब 1500 बोरियां और रखी जानी थीं, उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
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देर रात ही सभी मालिक हो गए थे फरार
बताया गया कि हादसे के वक्त मौके पर कोल्ड स्टोर के तीनों संचालक मौजूद थे। हादसे के बाद तत्काल स्टोर की बिजली सप्लाई बंद कराई गई। इसके बाद मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कराया। मौके पर लोगों को एकत्र होते देख कुछ देर बाद तीनों मालिक वहां से फरार हो गए।
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बाहर ही जगह अंदर हो रही थी नंबरिंग
नियमानुसार बोरियों पर मुख्य द्वार पर ट्रॉली लगने के बाद जैसे-जैसे बोरियों को कोल्ड स्टोर में अंदर ले जाया जाता है, उसी दौरान उन पर नंबर डाले जाते हैं। मजदूर गौरव कोल्ड स्टोर में अंदर ही यह काम कर रहा था।
कई बार पुलिस और परिजनों के बीच हुई नोकझोंक
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मुख्य द्वार बंद करा दिया था। देर रात ही कोल्ड स्टोर हादसे की सूचना मिलते ही मजदूरों के परिजन व आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे थे। परिजनों का कहना था कि उनके परिजन अंदर फंसे हुए हैं और पुलिस उन्हें अंदर नहीं जाने दे रही है। इसे लेकर पुलिस और लोगों के बीच कई बार नोकझोंक हुई।


एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत स्थानीय मजदूरों ने हटाया मलबा
देर रात ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, कई थानों की पुलिस और यूपी फायर सर्विस की टीमों के साथ गैर जनपदों से भी ट्रेनी पुलिसकर्मियों को बचाव अभियान के लिए बुला लिया गया था। रविवार दोपहर को एक-एक कर पांचवीं मंजिल से बोरियां हटाने का कार्य शुरू किया गया। बचाव अभियान में स्थानीय तीस मजदूरों को भी लगाया गया।
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