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Bulandshahar News: आरटीआई में गांव सिखेड़ा की सूचना मांगी, जवाब दे दिया बसी बांगर का
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बुलंदशहर। सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत गलत जानकारी देने का मामला सामने आया है। एक शिकायतकर्ता की आरटीआई का गलत निस्तारण किया गया है। उन्होंने गांव सिखेड़ा की जानकारी मांगी थी। जवाब बसी बांगर का आया है। निस्तारण पत्र भी किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से जारी हुआ है।
गांव सिखेड़ा निवासी इंद्रपाल सिंह ने गांव के विकास कार्यों और ग्राम पंचायत के खर्चों की जानकारी मांगी थी। उन्होंने आरटीआई के तहत आवेदन किया था। इंद्रपाल का आरोप है कि ग्राम सचिव ने समय पर सूचना नहीं दी और ग्राम प्रधान से मिलीभगत कर शिकायत का फर्जी निस्तारण दिखा दिया।
इंद्रपाल ने जनसूचना पोर्टल पर शिकायत की स्थिति देखी। उसमें निस्तारण पत्र किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से अपलोड था। आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट है कि मामले को दबाने के लिए खानापूर्ति की गई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में भी शिकायत की। वहां से भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बिना जानकारी दिए ही शिकायत को निस्तारित दर्शा दिया गया।
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शिकायत निस्तारण के जारी पत्र की शुरुआत में इंद्रपाल सिंह से संबंधित शिकायत का उल्लेख था। इसके बाद ग्राम पंचायत बसी बांगर का जिक्र किया गया। सहायक विकास अधिकारी ऊंचागांव के माध्यम से शिकायतकर्ता मुजीब द्वारा मांगी गई आरटीआई का हवाला दिया गया। इंद्रपाल सिंह ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।
साथ ही उन्होंने मांगी गई सूचना दिलाने की भी अपील की है। जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने इसे मिस टाइप बताया। कहा कि आरटीआई के प्रकरण आईजीआरएस पर वैसे ही संदर्भित है। आरटीआई का अलग नियम है। उचित निस्तारण व आरटीआई की जानकारी जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
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गांव सिखेड़ा निवासी इंद्रपाल सिंह ने गांव के विकास कार्यों और ग्राम पंचायत के खर्चों की जानकारी मांगी थी। उन्होंने आरटीआई के तहत आवेदन किया था। इंद्रपाल का आरोप है कि ग्राम सचिव ने समय पर सूचना नहीं दी और ग्राम प्रधान से मिलीभगत कर शिकायत का फर्जी निस्तारण दिखा दिया।
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इंद्रपाल ने जनसूचना पोर्टल पर शिकायत की स्थिति देखी। उसमें निस्तारण पत्र किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से अपलोड था। आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट है कि मामले को दबाने के लिए खानापूर्ति की गई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में भी शिकायत की। वहां से भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बिना जानकारी दिए ही शिकायत को निस्तारित दर्शा दिया गया।
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शिकायत निस्तारण के जारी पत्र की शुरुआत में इंद्रपाल सिंह से संबंधित शिकायत का उल्लेख था। इसके बाद ग्राम पंचायत बसी बांगर का जिक्र किया गया। सहायक विकास अधिकारी ऊंचागांव के माध्यम से शिकायतकर्ता मुजीब द्वारा मांगी गई आरटीआई का हवाला दिया गया। इंद्रपाल सिंह ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।
साथ ही उन्होंने मांगी गई सूचना दिलाने की भी अपील की है। जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने इसे मिस टाइप बताया। कहा कि आरटीआई के प्रकरण आईजीआरएस पर वैसे ही संदर्भित है। आरटीआई का अलग नियम है। उचित निस्तारण व आरटीआई की जानकारी जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।