फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Shabby building

श्मशान घाट-भवन जर्जर...हादसों का इंतजार कर रहे जिम्मेदार!

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jan 2021 10:57 PM IST
विज्ञापन
Shabby building
मध्य गंगानहर कॉलोनी में जर्जर हाल में आवास। - फोटो : BULANDSHAHR
श्मशान घाट-भवन जर्जर...हादसों का इंतजार कर रहे जिम्मेदार!
विज्ञापन

बुलंदशहर/ खानपुर/ जहांगीराबाद। गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट पर बने गलियारे की छत गिरने से कई लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद शासन से लेकर प्रशासन तक मामले में कार्रवाई की बात कह रहा है। वहीं, जनपद में भी श्मशान घाट और भवनों की हालत ठीक नहीं है। जर्जर भवन हादसे को दावत दे रहे हैं। नगर स्थित श्मशान घाट के पिलर काफी जर्जर हो चुके हैं और रास्ता तो काफी बदहाल है। वहीं, खानपुर के भी श्मशान घाट की हालत काफी खस्ता है। जबकि, जहांगीराबाद स्थित टाउन बिजलीघर में तो अफसर और कर्मी जान दांव पर लगाकर काम कर रहे हैं।
नगर क्षेत्र से होकर गुजर रही काली नदी के किनारे वर्षों पूर्व लोगों ने एकजुट होकर अंत्येेष्टि के लिए श्मशान घाट का निर्माण करवाया था। समय-समय पर लोगों के सहयोग से श्मशान घाट पर काफी व्यवस्थाएं पूर्ण हो चुकी है। लेकिन घाट के रजिस्टर्ड न होने और पालिका या प्रशासन का सहयोग न मिलने के चलते बदहाल पड़ा है। श्मशान घाट पर बने अंत्येष्टि स्थल के दो पिलर से निर्माण सामग्री हटने लगी है और साथ ही बिल्डिंग जर्जर हालत में है। इसके अलावा श्मशान घाट पर आने-जाने वाला मार्ग कच्चा होने की वजह और काली नदी किनारे होने से लोगों को हादसे की आशंका बनी रहती है। पालिका अफसरों का कहना है कि श्मशान घाट पर निर्माण के लिए शासन से करीब 40 लाख रुपये की धनराशि आई हुई है। घाट पर निर्माण कार्य कराने के लिए सिंचाई विभाग मेरठ कार्यालय से अनुमति मांगी गई है। लेकिन, अभी तक अनुमति न मिलने के चलते कार्य अटका हुआ है।
विज्ञापन

वहीं, खानपुर नगर पंचायत द्वारा चार वर्ष पूर्व करीब 40 लाख रुपये की लागत से श्मशान घाट का निर्माण कराया गया। जो मानकों के अनुसार कार्य न होने के चलते अल्प समय में ही जर्जर हालत में पहुंच गया है। जिसकी शिकायत कई बार क्षेत्रवासियों द्वारा पंचायत अफसरों से की जा चुकी है। लेकिन, निकाय प्रशासन की हठधर्मिता के चलते ठेकेदार ने अधोमानक निर्माण कार्य कर इतिश्री कर ली। निकाय प्रशासन की अनदेखी के चलते कभी भी बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई है। वर्तमान समय में श्मशान घाट में बने शवदाह गृह व आश्रय स्थल की छत में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। गाजियाबाद में श्मशान घाट में हुए हादसे के बाद से लोग अब खानपुर में नीम नदी के पास स्थित श्मशान घाट में जाने से भी बच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा श्मशान घाट अब जर्जर हो गया है। जहां पर कभी किसी बड़े हादसे की संभावना बनी हुई है। इसलिए सभी लोगो ने श्मशान घाट में न जाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मध्यगंग नहर कॉलोनी की इमारत हो चुकी है जर्जर
नगर के मध्यगंग नहर कॉलोनी में कर्मियों के बने आवास जर्जर हालत में हैं। जहां पर रह रहे लोगों को बारिश के समय अनहोनी होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि जर्जर आवास को लेकर कई बार अफसरों को अवगत कराया गया। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरन रहना पड़ रहा है। वहीं, हाईडिल कॉलोनी में बने कर्मियों के आवास भी जर्जर हालात में है। जिसमें कई परिवार रह रहे हैं। एक्सईएन शिव कुमार ने बताया कि हाईडिल कॉलोनी में भवनों की हालत ठीक है। यदि कहीं रिपेयरिंग आदि की आवश्यकता है तो उनको सही कराया जाएगा।
बिजलीघर कार्यालय का भवन है खस्ताहाल
जहांगीराबाद टाउन बिजलीघर की जर्जर इमारत कभी भी भरभराकर गिर सकती है। जर्जर इमारत की तरफ न तो विभागीय अफसरों का कोई ध्यान हैं और न ही प्रशासन का। जबकि, बिजलीघर पर प्रतिदिन सैकड़ों उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने आते हैं और दर्जनों बिजलीकर्मी इस जर्जर इमारत में काम करते हैं। जगह-जगह से लिंटर टूटकर गिरने लगा है और लिंटर में लगे सरिये साफ नजर आने लगे हैं। इसके अलावा बिजलीघर पर स्थित कैश काउंटर का भी लगभग यही हाल है। विभागीय एसडीओ आदेश वशिष्ठ ने बताया कि बिजलीघर की जर्जर इमारत के बारे में समय-समय पर वरिष्ठ अफसरों को अवगत कराया जा चुका है।
लॉकडाउन में भरभराकर गिर चुका है जिला पंचायत का लिंटर
जहांगीराबाद टाउन स्कूल मैदान के पास जिला पंचायत द्वारा करीब दो दर्जन से अधिक दुकानों का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद से ही विवाद के कारण इन दुकानों का आवंटन प्रक्रिया का काम पूरा नहीं हो सका। लॉकडाउन के दौरान इन दुकानों के बाहर का लिंटर भी भरभराकर गिर चुका है। इस लिंटर के नीचे अमूमन बच्चों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां बच्चे खेलते रहते हैं। यदि लॉकडाउन नहीं होता है तो यहां भी कोई बडा हादसा हो सकता था।

जनपद भर के निकाय अफसरों और सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है वह अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित पुराने भवनों और स्थलों की जानकारी एकत्र कर दें। इसके अलावा अन्य विभागों के अफसरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह पुराने भवन के बारे में जानकारी दें, जिससे कि सभी को नियमानुसार दुरुस्त कराया जा सके।
- रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed