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गर्मी का सितम ः 805 हैंडपंप पड़े खराब, कैसे बुझेगी प्यास

Sun, 02 Apr 2017 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर Updated Sun, 02 Apr 2017 11:43 PM IST
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Season of heat: 805 handpumps poor, poor thirst
सूखे हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
 गर्मी सितम ढा रही है। ऐसे में दूषित पानी उगलने की वजह से 805 हैंडपंप बेकार हो गए हैं। जबकि गर्मी आने से पहले हाकिम और हुक्मरानों ने स्वच्छ पेयजल लोगों तक पहुंचाने के दावे तो खूब किए लेकिन बंद पड़े हैंडपंपों को सुचारु कराने का काम अब तक नहीं किया जा सका है।
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इनमें से ज्यादातर हैंडपंप सार्वजनिक इलाकों में हैं। ऐसे में आम आदमी के लिए पेयजल समस्या बन गई है। वहीं, बिजली कटौती और पावर लाइन के फाल्ट से लोगों की मुसीबत दोगुनी हो रही है। जिले के अरनिया, बीबीनगर,  शिकारपुर, पहासू, सिकंदराबाद, ऊचागांव, अनूपशहर, जहांगीराबाद, गुलावठी, अगौता स्याना, डिबाई, बुलंदशहर, लखावटी,  दानपुर, खुर्जा, अगौता, स्याना, डिबाई और बुलंदशहर में सरकारी हैंडपंपों की संख्या 33858 है।
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जल निगम की रिपोर्ट के अनुसार 33853 में 33058 हैंडपंप काम कर रहे हैं। बाकी 805 हैंडपंप का पानी दूषित होने के चलते बंद कर दिया गया है। सरकारी नुमाइंदों ने बाकायदा हैंडपंपों पर लाल स्याही लगा रखी है। सबसे बड़ी बात यह है कि खराब पड़े ज्यादातर सरकारी हैंडपंप सार्वजनिक स्थानों पर हैं।
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लोकल फाल्ट से बढ़ रही टेंशन
शहर समेत जिलेभर में लोकल फाल्ट के कारण घंटों-घंटों बिजली गुल रहती है। इसके कारण गर्मी में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सबसे खराब हालत ग्रामीण क्षेत्रों की है, जहां न बिजली आने का वक्त है और न गुल होने का। शासन के तमाम आदेश भी बिजली अफसरों की मनमानी के आगे बौने साबित हो रहे हैं।

शहर में 20 घंटे बिजली आपूर्ति शेड्यूल के सापेक्ष जहां 14 से 15 घंटे आपूर्ति मिल रही है। वहीं, गांव में 16 घंटे रोस्टर के सापेक्ष महज 10 से 11 घंटे ही बिजली मिल रही है। यही हाल तहसील और कस्बों का है। इस समय जिले में बिजली की डिमांड 750 मेगावाट है, जबकि सप्लाई 550 मेगावाट हो रही है।

40 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में नहीं मिल रहा स्वच्छ पानी
पिछले दिनों जल निगम ने सरकारी स्कूलों के पेयजल के नमूने जांच के लिए भेजे थे। इनमें से 40 से अधिक विद्यालयों में दूषित पानी छात्र पी रहे हैं। बावजूद संबंधित विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल का बंदोबस्त नहीं हो सका। ऐसे में बच्चों को दूषित पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है।

400 से अधिक तालाब भी सूखे
जिले में कस्बों और गांवों में 400 से अधिक तालाब भी सूखे पड़े हैं। इससे परिंदे और जानवरों की जिंदगी पर खतरा बना हुआ है। एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने बताया ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों को सूखे तालाबोें में पानी भरने का आदेश दे दिया गया है।


जो हैंडपंप दूषित पानी के कारण बंद किए गए हैं। वहां पेयजल की व्यवस्था कराई जाएगी। जो हैंडपंप रिबोर होने लायक हैं उनको रिबोर भी कराया जाएगा।
   जसजीत कौर
मुख्य विकास अधिकारी

समस्या है, पर साहब सुनते नहीं
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी लाल निशान लगे हैंडपंप हैं। यहां रिबोरिंग की जरूरत है।
राकेश नरवर, ग्रामीण

सरकारी मुलाजिमों को कई बार ऐसे हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए कहा गया लेकिन कोई सुनने को तेयामगर किसी ने नहीं सुना
विधुलेखा कौशिक, शिक्षक

दुरुस्त होगी पेयजल व्यवस्था
गर्मी में पेयजल की डिमांड में इजाफा हुआ है। हर व्यक्ति को सुचारु रूप से स्वच्छ पानी मिलता रहे, इसके लिए अफसरों के साथ कई चरणों में बैठक की जा चुकी है। पालिका और जल निगम के अफसरों को भी हिदायत दी है। तालाबों को भी जल्द ही पानी से लबालब किया जाएगा।
आंजनेय कुमार सिंह
  डीएम, बुलंदशहर
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