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बच्ची से दुष्कर्म में चचेरे भाई को 20 साल कैद
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बच्ची से दुष्कर्म में चचेरे भाई को 20 साल कैद
बुलंदशहर। गुलावठी में चार वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के मामले में दोषी चचेरे भाई को कोर्ट ने 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार शर्मा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) डा. पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। रकम पीड़ित बच्ची को देने के आदेश दिए गए हैं।
गुलावठी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने छह अगस्त 2020 को तहरीर दी थी। इसमें उसने बताया था कि तीन अगस्त को उनकी चार वर्षीय पुत्री घर पर अकेली मौजूद थी। इसी दौरान उसके घर पर उसके बड़े भाई का पुत्र मारूफ घुस आया। वह उनकी बेटी को एक कमरे में ले गया और उससे दुष्कर्म किया। जब उसकी पत्नी घर लौटी तो बेटी को बेहोशी की हालत में पड़ा देख सब समझ गई। इसके बाद वह उसे अस्पताल लेकर गए। फिर आरोपी मारूफ के खिलाफ शिकायत की गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
छह लोगों की गवाही रही अहम
मामले में अभियोजक विजय कुमार शर्मा की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए। पहला गवाह वादी, दूसरा गवाह पीड़िता, तीसरा गवाह पीड़िता की मां, चौथा गवाह डा. सुधा शर्मा, पांच गवाह विवेचक लोकेंद्र पाल सिंह और छठा गवाह डॉ. अमित कुमार रहे। इनकी सभी की गवाही पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया।
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जघन्य अपराध: कोर्ट
पुलिस की जांच में सामने आया था कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले अपनी चचेरी मासूम बहन से खेल खेलने ले जाने का झांसा दिया था। मामले में फैसला सुनाते वक्त न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चार वर्षीय चचेरी बहन के साथ खेल के बहाने घृणित कार्य जघन्य अपराध है।
पुलिस ने की मजबूत पैरवी
घटना के बाद आरोपी को त्वरित गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा था। मामले में एसपी सिटी के पर्यवेक्षण में प्रभारी मॉनीटरिंग सेल तेजपाल सिंह और हेड कांस्टेबल योगेश ने न्यायालय में सशक्त पैरवी की। यही वजह रही आरोपी को सजा मिल सकी। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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बुलंदशहर। गुलावठी में चार वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के मामले में दोषी चचेरे भाई को कोर्ट ने 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार शर्मा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) डा. पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। रकम पीड़ित बच्ची को देने के आदेश दिए गए हैं।
गुलावठी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने छह अगस्त 2020 को तहरीर दी थी। इसमें उसने बताया था कि तीन अगस्त को उनकी चार वर्षीय पुत्री घर पर अकेली मौजूद थी। इसी दौरान उसके घर पर उसके बड़े भाई का पुत्र मारूफ घुस आया। वह उनकी बेटी को एक कमरे में ले गया और उससे दुष्कर्म किया। जब उसकी पत्नी घर लौटी तो बेटी को बेहोशी की हालत में पड़ा देख सब समझ गई। इसके बाद वह उसे अस्पताल लेकर गए। फिर आरोपी मारूफ के खिलाफ शिकायत की गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
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छह लोगों की गवाही रही अहम
मामले में अभियोजक विजय कुमार शर्मा की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए। पहला गवाह वादी, दूसरा गवाह पीड़िता, तीसरा गवाह पीड़िता की मां, चौथा गवाह डा. सुधा शर्मा, पांच गवाह विवेचक लोकेंद्र पाल सिंह और छठा गवाह डॉ. अमित कुमार रहे। इनकी सभी की गवाही पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया।
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जघन्य अपराध: कोर्ट
पुलिस की जांच में सामने आया था कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले अपनी चचेरी मासूम बहन से खेल खेलने ले जाने का झांसा दिया था। मामले में फैसला सुनाते वक्त न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चार वर्षीय चचेरी बहन के साथ खेल के बहाने घृणित कार्य जघन्य अपराध है।
पुलिस ने की मजबूत पैरवी
घटना के बाद आरोपी को त्वरित गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा था। मामले में एसपी सिटी के पर्यवेक्षण में प्रभारी मॉनीटरिंग सेल तेजपाल सिंह और हेड कांस्टेबल योगेश ने न्यायालय में सशक्त पैरवी की। यही वजह रही आरोपी को सजा मिल सकी। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी