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Bulandshahar News: झमाझम बारिश ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 18 Mar 2023 11:09 PM IST
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rain turned water on the wishes of the farmers
संवाद न्यूज एजेंसी
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बुलंदशहर। जिले में शनिवार को तेज हवा के साथ हुई 47.5 एमएम बारिश से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गुलावठी में ओलावृष्टि हुई। कृषि वैज्ञानिक गेहूं की फसल में 12 फीसदी, सरसों, आलू, मटर समेत सब्जी की फसलों में 15 से 20 फीसदी तक नुकसान की संभावना जता रहे हैं। वैज्ञानिक आगे भी बारिश की संभावना जता रहे हैं। बारिश से शहर भी जलमग्न हो गया।

इस बार आलू का भाव कम होने से किसान खासे परेशान हैं। वहीं, पिछले कई दिन से बादल छाने के साथ बूंदाबांदी होने पर किसानों की चिंता बढ़ गई थी। किसान इस समय बारिश न होने की प्रार्थना कर रहे थे। इसी बीच शनिवार दोपहर बाद बादल छा गए और दिन में रात जैसा अंधेरा हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। इस बीच गुलावठी में ओलावृष्टि भी हुई। बारिश शुरू होते ही किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई।किसान नीरज त्यागी, राजीव, कलुआ और महेंद्र आदि ने बताया कि बारिश के साथ तेज हवा के झोंको से खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल गिरकर जमीन पर बिछ गई। इस समय गेहूं की फसल में बाली निकल रही है और गिर जाने से उत्पादन कम होगा। वहीं, खेतों में कटी और पड़ी सरसों की फसल पानी बरसने से भीगकर खराब हो जाएगी। ऐसे में गुणवत्ता खराब होने से काफी नुकसान होगा। आलू की फसल को भी नुकसान हुआ है। जो आलू खेत में है और निकल चुका है, उसमें गलाव होने की संभावना बढ़ गई है। इसके अलावा जायद की उगाई जा रही खीरा, ककड़ी, लोकी, तरबूज और खरबूज की फसल भी खराब हो सकती हैं। यह सभी फसल बेल वाली हैं और खेतों में पानी भरने से बेल गल जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. विवेकराज के अनुसार इस बारिश से गेहूं की फसल को अभी 12 फीसदी तो सरसों व आलू समेत सब्जी की फसलों को 15 से 20 फीसदी तक नुकसान है। यदि आगे भी बारिश होती है तो यह नुकसान और अधिक बढ़ जाएगा। सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल को होगा। जिले में 1.95 लाख हेक्टेयर गेहूं की फसल का रकबा है। किसानों को चाहिए कि वह खेतों में भरे बारिश के पानी को जल्द से जल्द निकाल दें। ऐसा करने पर कुछ हद तक फसलों के नुकसान को बचाया जा सकता है।
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