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बुलंदशहर: प्रिंस जादौन का अनशन जारी, हिरासत से निकलकर बरोली मार्ग पर बैठे; सीओ से वार्ता के बाद मंदिर में धरना

Fri, 11 Sep 2026 06:24 PM IST
Rahul Kumar Tiwari संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Fri, 11 Sep 2026 06:24 PM IST
सार

बुलंदशहर के पहासू में प्रिंस जादौन पुलिस हिरासत से निकलकर समर्थकों के साथ बरोली मार्ग पर धरने पर बैठ गए। सीओ शिकारपुर से वार्ता के बाद उन्हें मठ मंदिर में धरना देने की सहमति मिली। प्रिंस स्वर्ण आयोग के गठन और यूजीसी कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं। 
 

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Prince Jadaun chief of Sanatan Raksha Vahini sat on protest in Bulandshahr against UGC
पहासू में प्रिंस जादौन का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला संवाद

विस्तार

बुलंदशहर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कानून के विरोध में बीते चार दिनों से फजलपुर गांव निवासी सनातन रक्षा वाहिनी के प्रमुख प्रिंस जादौन अनशन पर बैठे थे, जिनको पुलिस ने नजरबंद किया हुआ था। शुक्रवार को वह किसी तरह पुलिस हिरासत से निकलकर बरोली मार्ग पर आ गए और ग्रामीणों संग धरने पर बैठ गए।
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जहां पर सीओ शिकारपुर प्रमोद सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे, जिनके समझाने के बाद प्रिंस मार्ग से हटकर मठ मंदिर पर धरने पर बैठ गए। जहां मंदिर कमेटी इस धरने के विरोध में है, जो मंदिर को राजनीति का अखाड़ा बनाने से रोक रही है। हालांकि शुक्रवार शाम तक प्रिंस अपने समर्थकों संग मंदिर में ही बैठे रहे।
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प्रिंस जादौन का कहना है कि आठ सितंबर को क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत आगामी 20 सितंबर को दिल्ली में होने वाली महापंचायत के लिए ग्रामीणों को आमंत्रित करने के लिए पहासू आए थे। प्रिंस जादौन के नेतृत्व में ही पहासू में कार्यक्रम होना था, जिसकी सूचना मिलने पर पहासू पुलिस ने सात सितंबर की रात को ही प्रिंस जादौन को फजलपुर गांव स्थित उनके घर पर नजरबंद कर दिया।
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जहां वह स्वर्ण आयोग का गठन करने, यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग को लेकर घर पर ही अनशन पर बैठ गए। वह पिछले चार दिनों से अनशन पर बैठे थे। बृहस्पतिवार को उनके स्वास्थ्य की जांच कराने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट शासन को भेज दी। प्रिंस ने शुक्रवार दोपहर तक प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता की मांग की थी, लेकिन कोई उनके घर नहीं पहुंचा। ऐसे में शाम करीब चार बजे वह किसी तरह पुलिस हिरासत से निकलकर आ गए और गांव के बाहर बरोली मार्ग पर अपने समर्थकों संग धरने पर बैठ गए।

सूचना पर सीओ शिकारपुर वहां पहुंचे और वार्ता होने के बाद प्रिंस को मठ मंदिर में धरना देने की सहमति दे दी। इस पर प्रिंस अपने समर्थकों संग मठ मंदिर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। साथ ही प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं, मठ मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश पुजारी का कहना है कि यह धार्मिक स्थान है, जिसको राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा। धरने पर बैठे लोगों से किसी अन्य स्थान पर जाने की अपील की है।


धरने पर बैठे लोगों से वार्ता की जा रही है। इस संबंध में उनकी जो मांगें हैं, वह भी उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी गई हैं। प्रयास किया जा रहा है कि शांतिपूर्वक धरने को समाप्त कराया जाए। - प्रमोद सिंह, सीओ शिकारपुर

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