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मोदी ने पूछा बीसी सखी का काम कैसा लग रहा है, हेमलता हो उठीं गदगद
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मोदी ने पूछा बीसी सखी का काम कैसा लग रहा है, हेमलता हो उठीं गदगद
बुलंदशहर। जिले के गांव सिवाली की बीसी सखी हेमलता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही पूछा कि बीसी सखी का काम कैसा लग रहा है तो वह गदगद हो उठीं। हेमलता ने पीएम से मंगलवार को प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में खुलकर बात की। उन्हें कार्यक्रम में रुपये के ट्रांजेक्शन में प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित भी किया गया।
ब्लॉक लखावटी क्षेत्र के गांव सिवाली की रहने वाली बीसी सखी हेमलता ने बताया कि जब उनक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई तो बहुत खुशी मिली। उन्होंने पूछा कि तुमने किस तरह से यह काम किया और आगे भी इसी तरह काम करना। कितनी राशि का लेनदेन किया है। यह सब जानकारी लेकर प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हमारी सरकार में काम कर कैसा लग रहा है। इस दौरान उन्हें चार हजार रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई। हेमलता ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी प्रधानमंत्री से सीधे बात होगी। उन्होंने बताया कि वह कौशल स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की ओर से उन्हें बीसी सखी बनाया गया था। उन्होंने बीसी सखी रहते हुए 46 लाख 41 हजार 705 रुपये का लेनदेन किया।
गांव में ही बीसी सखी करती हैं रुपयों का लेनदेन
शासन की ओर से गांव में ही रुपये का लेनदेन करने के लिए बीसी सखी तैनात की गई हैं। मिशन के अधिकारी सौरभ शाक्य ने बताया कि जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत पर बीसी सखी तैनात की गई हैं। यह गांव में लोगों के रुपये का लेनदेन करती हैं। एक व्यक्ति इनके माध्यम से दस हजार रुपये तक का लेनदेन कर सकता है। इसके लिए ग्रामीणों को दूर-दराज बैंक में भी जाने की जरूरत नहीं होती है। इनका संपर्क बैंक से रहता है। जितनी भी राशि का वह लेनदेन करती हैं, उसकी पूरी जानकारी बैंक को भी रहती है।
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को लगातार सरकारी योजनाओं आदि का लाभ दिया जा रहा है। इन महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का भी काम किया जा रहा है, ताकि वह खुद आत्मनिर्भर बन सकें। जिले में इस समय 4500 से अधिक महिला समूह हैं। हेमलता की मेहनत तारीफ के काबिल है। उनसे दूसरी महिलाओं को सीख लेने की जरूरत है। - अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।
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बुलंदशहर। जिले के गांव सिवाली की बीसी सखी हेमलता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही पूछा कि बीसी सखी का काम कैसा लग रहा है तो वह गदगद हो उठीं। हेमलता ने पीएम से मंगलवार को प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में खुलकर बात की। उन्हें कार्यक्रम में रुपये के ट्रांजेक्शन में प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित भी किया गया।
ब्लॉक लखावटी क्षेत्र के गांव सिवाली की रहने वाली बीसी सखी हेमलता ने बताया कि जब उनक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई तो बहुत खुशी मिली। उन्होंने पूछा कि तुमने किस तरह से यह काम किया और आगे भी इसी तरह काम करना। कितनी राशि का लेनदेन किया है। यह सब जानकारी लेकर प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हमारी सरकार में काम कर कैसा लग रहा है। इस दौरान उन्हें चार हजार रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई। हेमलता ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी प्रधानमंत्री से सीधे बात होगी। उन्होंने बताया कि वह कौशल स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की ओर से उन्हें बीसी सखी बनाया गया था। उन्होंने बीसी सखी रहते हुए 46 लाख 41 हजार 705 रुपये का लेनदेन किया।
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गांव में ही बीसी सखी करती हैं रुपयों का लेनदेन
शासन की ओर से गांव में ही रुपये का लेनदेन करने के लिए बीसी सखी तैनात की गई हैं। मिशन के अधिकारी सौरभ शाक्य ने बताया कि जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत पर बीसी सखी तैनात की गई हैं। यह गांव में लोगों के रुपये का लेनदेन करती हैं। एक व्यक्ति इनके माध्यम से दस हजार रुपये तक का लेनदेन कर सकता है। इसके लिए ग्रामीणों को दूर-दराज बैंक में भी जाने की जरूरत नहीं होती है। इनका संपर्क बैंक से रहता है। जितनी भी राशि का वह लेनदेन करती हैं, उसकी पूरी जानकारी बैंक को भी रहती है।
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को लगातार सरकारी योजनाओं आदि का लाभ दिया जा रहा है। इन महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का भी काम किया जा रहा है, ताकि वह खुद आत्मनिर्भर बन सकें। जिले में इस समय 4500 से अधिक महिला समूह हैं। हेमलता की मेहनत तारीफ के काबिल है। उनसे दूसरी महिलाओं को सीख लेने की जरूरत है। - अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।