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अस्पताल में नहीं चला पंखा, पेड़ के नीचे बैठी गर्भवती
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अस्पताल में नहीं चला पंखा, पेड़ के नीचे बैठी गर्भवती
बुलंदशहर/डिबाई। लगातार अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चाओं में रहना वाले स्वास्थ्य विभाग की एक और लापरवाही सामने आई है। डिबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संसाधन होने के बावजूद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर डिबाई स्वास्थ्य केंद्र पर आई महिला बिजली न होने के कारण परिसर में पेड़ के नीचे जमीन पर लेटी रही। लेकिन किसी भी कर्मी द्वारा जनरेटर नहीं चलाया गया। इससे परिजनों में रोष बना हुआ है।
डिबाई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार को कनेहरा निवासी गर्भवती महिला को प्रसव पीढ़ा होने पर परिजन लेकर पहुंचे थे। केंद्र पर पहुंचने के दौरान बिजली गुल हो गई। इस दौरान गर्भवती महिला को गर्मी महसूस हुई तो परिजनों ने पंखा चलवाने की मांग की। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात द्वारा बिजली न होने की बात कही गई और जनरेटर नहीं चलाया गया। इसके बाद परिजन गर्भवती महिला को केंद्र के बाहर खुले स्थान पर ले आए। जहां बैठने की कोई व्यवस्था न होने पर महिला जमीन पर ही पेड़ के नीचे लेट गई। इस दौरान केंद्र पर तैनात कर्मचारी से लेकर अफसर गुजरते रहे लेकिन किसी ने भी जनरेटर चलवाने की जहमत तक नहीं उठाई।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के दिन दिखी लापरवाही
प्रत्येक माह की नौ तारीख को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। शुक्रवार को भी केंद्र पर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र पर गर्भवती महिलाओं को बैठाने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। इससे महिलाओं को खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।
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25 केवीए का लगा है जनरेटर
बिजली गुल होने पर बिजली की व्यवस्था करने के लिए विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 25 केवीए का जनरेटर लगवाया गया है। लेकिन जनरेटर को सीमित के समय के लिए चलाया जाता है। आरोप है कि केंद्र पर बिजली अक्सर आती-जाती रहती है। इसके बावजूद केंद्र पर जनरेटर को नहीं चलाया जाता। केंद्र प्रभारी डॉ. हेमंत गिरि ने बताया कि बिजली जाने पर जनरेटर चलाया जाता है। गर्भवती महिला के जमीन पर लेटे रहने की जानकारी नहीं है।
मामले की जांच कराई जाएगी। समस्त सीएचसी पर बिजली गुल होने पर जनरेटर लगे हैं। बिजली गुल होने पर जनरेटर चलाया जाता है या नहीं इसकी भी जांच कराई जाएगी। गर्भवती महिला जमीन पर क्यों लेटी इसकी पूर्ण जानकारी की जाएगी।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
दर्द से कराहती रही महिला, एक घंटा देरी से पहुंची एंबुलेंस
औरंगाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी पर बृहस्पतिवार शाम एक महिला नसबंदी कराने आई थी। सीएचसी पर ऑपरेशन होने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। डिस्चार्ज होने के बाद घर जाने के लिए 108 एंबुलेंस पर कॉल की गई। आरोप है कि कॉल करने के एक घंटा बाद भी एंबुलेंस सीएचसी पर नहीं पहुंची और महिला की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों के अनुसार करीब एक घंटे तक महिला सीएचसी परिसर में दर्द से कराहती रही। लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मी ने उसे देखना तक उचित नहीं समझा। इसके बाद आशा कार्यकर्ता द्वारा मामले की जानकारी सीएचसी प्रभारी को दी गई। साथ ही सीएमओ को भी मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि एंबुलेंस के देरी से पहुंचने का मामला संज्ञान में है। एंबुलेंस प्रभारी को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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बुलंदशहर/डिबाई। लगातार अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चाओं में रहना वाले स्वास्थ्य विभाग की एक और लापरवाही सामने आई है। डिबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संसाधन होने के बावजूद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर डिबाई स्वास्थ्य केंद्र पर आई महिला बिजली न होने के कारण परिसर में पेड़ के नीचे जमीन पर लेटी रही। लेकिन किसी भी कर्मी द्वारा जनरेटर नहीं चलाया गया। इससे परिजनों में रोष बना हुआ है।
डिबाई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार को कनेहरा निवासी गर्भवती महिला को प्रसव पीढ़ा होने पर परिजन लेकर पहुंचे थे। केंद्र पर पहुंचने के दौरान बिजली गुल हो गई। इस दौरान गर्भवती महिला को गर्मी महसूस हुई तो परिजनों ने पंखा चलवाने की मांग की। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात द्वारा बिजली न होने की बात कही गई और जनरेटर नहीं चलाया गया। इसके बाद परिजन गर्भवती महिला को केंद्र के बाहर खुले स्थान पर ले आए। जहां बैठने की कोई व्यवस्था न होने पर महिला जमीन पर ही पेड़ के नीचे लेट गई। इस दौरान केंद्र पर तैनात कर्मचारी से लेकर अफसर गुजरते रहे लेकिन किसी ने भी जनरेटर चलवाने की जहमत तक नहीं उठाई।
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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के दिन दिखी लापरवाही
प्रत्येक माह की नौ तारीख को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। शुक्रवार को भी केंद्र पर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र पर गर्भवती महिलाओं को बैठाने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। इससे महिलाओं को खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।
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25 केवीए का लगा है जनरेटर
बिजली गुल होने पर बिजली की व्यवस्था करने के लिए विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 25 केवीए का जनरेटर लगवाया गया है। लेकिन जनरेटर को सीमित के समय के लिए चलाया जाता है। आरोप है कि केंद्र पर बिजली अक्सर आती-जाती रहती है। इसके बावजूद केंद्र पर जनरेटर को नहीं चलाया जाता। केंद्र प्रभारी डॉ. हेमंत गिरि ने बताया कि बिजली जाने पर जनरेटर चलाया जाता है। गर्भवती महिला के जमीन पर लेटे रहने की जानकारी नहीं है।
मामले की जांच कराई जाएगी। समस्त सीएचसी पर बिजली गुल होने पर जनरेटर लगे हैं। बिजली गुल होने पर जनरेटर चलाया जाता है या नहीं इसकी भी जांच कराई जाएगी। गर्भवती महिला जमीन पर क्यों लेटी इसकी पूर्ण जानकारी की जाएगी।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
दर्द से कराहती रही महिला, एक घंटा देरी से पहुंची एंबुलेंस
औरंगाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी पर बृहस्पतिवार शाम एक महिला नसबंदी कराने आई थी। सीएचसी पर ऑपरेशन होने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। डिस्चार्ज होने के बाद घर जाने के लिए 108 एंबुलेंस पर कॉल की गई। आरोप है कि कॉल करने के एक घंटा बाद भी एंबुलेंस सीएचसी पर नहीं पहुंची और महिला की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों के अनुसार करीब एक घंटे तक महिला सीएचसी परिसर में दर्द से कराहती रही। लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मी ने उसे देखना तक उचित नहीं समझा। इसके बाद आशा कार्यकर्ता द्वारा मामले की जानकारी सीएचसी प्रभारी को दी गई। साथ ही सीएमओ को भी मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि एंबुलेंस के देरी से पहुंचने का मामला संज्ञान में है। एंबुलेंस प्रभारी को कड़े निर्देश दिए गए हैं।