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Bulandshahar News: गबन, भ्रष्टाचार पर डाक अधीक्षक ने लगाई थी रोक
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बुलंदशहर। जिले में डाक अधीक्षक त्रिभुवन प्रताप सिंह ने अपने 32 माह के कार्यकाल में कई अच्छे कार्य किए, जिससे वह कुछ लोगों के निशाने पर थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में गबन और भ्रष्टाचार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तो वहीं फर्जी दस्तावेज से नौकरी करने वाले लोगों को बाहर का रास्ता दिखाकर मुकदमा करवाया। कुछ लोगों ने उन्हें फंसाने के लिए कई बार झूठे आरोप लगाकर गलत कार्य करने के लिए दबाव बनाया लेकिन वह नहीं झुके। जिसका उन्होंने सुसाइड नोट में भी जिक्र किया है।
अलीगढ़ के गांव अकरावत निवासी त्रिभुवन प्रताप सिंह जिले के प्रधान डाकघर में 16 दिसंबर 2021 को तैनात हुए। वर्ष 2023 जनवरी माह में 130 पदों पर हुई भर्ती में 60 से अधिक आवेदक फर्जी दस्तावेज से भर्ती होने का प्रयास करते मिले। इन सभी को विभाग के ही एक सेवानिवृत्त कर्मी ड्यूटी ज्वाइन कराने में दबाव बनाते रहे। डाक अधीक्षक जुलाई 2023 में आठ डाक कर्मियों के फर्जी दस्तावेज पर नौकरी किए जाने पर इस्तीफा लेकर कार्रवाई की। इसके बाद नवंबर 2023 में जिले में शामिल जेवर एवं सबोता जाफराबाद शाखा के पांच कर्मियों द्वारा फर्जी खाता खोल कानपुर के एक दंपती के खाते से 21.75 लाख रुपये ट्रांसफर कर लेने पर सभी को निलंबित किया और इस गबन में शामिल डाक अभिकर्ता की एजेंसी निरस्त की। साथ ही दनकौर के मिर्जापुर निलोनी में शाखा डाकपाल द्वारा छह माह से डाक का वितरण न करने पर बर्खास्त किया।
इनके कार्यकाल से पूर्व 16 लाख 21 हजार 700 रुपये की धनराशि गबन मामले की जांच कर निलंबित चल रहे डाक सेवक को बर्खास्त कर दिया। यह धनराशि खाता धारकों ने अपने खातों में जमा करने को दी, जो संबंधित डाकपाल ने जमा न कर अपने खर्चे में ले ली। इसी साल 2024 के मार्च माह में जम्मू निवासी युवक के फर्जी दस्तावेज पर ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी प्राप्त करने पर जांच कराई। संबंधित के दस्तावेज फर्जी निकलने पर सेवा समाप्त कर दी। अगस्त में 10 दिन पूर्व धरपा चुहरपुर पर तैनात शाखा डाकपाल को खातों में जमा करने को आई दो लाख 26 हजार रुपये व खाताधारकों के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर चार लाख 98 हजार 500 रुपये निकाले जाने पर निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराई थी।
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सेवानिवृत्त कर्मियों ने बनाया था दबाव
अपने कार्यकाल के दौरान डाक अधीक्षक ने फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करने वाले डाक कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया तो विभाग के कुछ सेवानिवृत्त कर्मी इन पर दबाव बनाने लगे। यहां तक की लीप टूर कन्वेंस (एलटीसी) के नाम पर बिना भ्रमण यात्रा पर जाए फर्जी बिल लगा पास कराने की मांग की। साथ ही गबन मामले में कार्रवाई न करने के लिए भी दबाव बनाया गया।
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अलीगढ़ के गांव अकरावत निवासी त्रिभुवन प्रताप सिंह जिले के प्रधान डाकघर में 16 दिसंबर 2021 को तैनात हुए। वर्ष 2023 जनवरी माह में 130 पदों पर हुई भर्ती में 60 से अधिक आवेदक फर्जी दस्तावेज से भर्ती होने का प्रयास करते मिले। इन सभी को विभाग के ही एक सेवानिवृत्त कर्मी ड्यूटी ज्वाइन कराने में दबाव बनाते रहे। डाक अधीक्षक जुलाई 2023 में आठ डाक कर्मियों के फर्जी दस्तावेज पर नौकरी किए जाने पर इस्तीफा लेकर कार्रवाई की। इसके बाद नवंबर 2023 में जिले में शामिल जेवर एवं सबोता जाफराबाद शाखा के पांच कर्मियों द्वारा फर्जी खाता खोल कानपुर के एक दंपती के खाते से 21.75 लाख रुपये ट्रांसफर कर लेने पर सभी को निलंबित किया और इस गबन में शामिल डाक अभिकर्ता की एजेंसी निरस्त की। साथ ही दनकौर के मिर्जापुर निलोनी में शाखा डाकपाल द्वारा छह माह से डाक का वितरण न करने पर बर्खास्त किया।
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इनके कार्यकाल से पूर्व 16 लाख 21 हजार 700 रुपये की धनराशि गबन मामले की जांच कर निलंबित चल रहे डाक सेवक को बर्खास्त कर दिया। यह धनराशि खाता धारकों ने अपने खातों में जमा करने को दी, जो संबंधित डाकपाल ने जमा न कर अपने खर्चे में ले ली। इसी साल 2024 के मार्च माह में जम्मू निवासी युवक के फर्जी दस्तावेज पर ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी प्राप्त करने पर जांच कराई। संबंधित के दस्तावेज फर्जी निकलने पर सेवा समाप्त कर दी। अगस्त में 10 दिन पूर्व धरपा चुहरपुर पर तैनात शाखा डाकपाल को खातों में जमा करने को आई दो लाख 26 हजार रुपये व खाताधारकों के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर चार लाख 98 हजार 500 रुपये निकाले जाने पर निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराई थी।
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सेवानिवृत्त कर्मियों ने बनाया था दबाव
अपने कार्यकाल के दौरान डाक अधीक्षक ने फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करने वाले डाक कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया तो विभाग के कुछ सेवानिवृत्त कर्मी इन पर दबाव बनाने लगे। यहां तक की लीप टूर कन्वेंस (एलटीसी) के नाम पर बिना भ्रमण यात्रा पर जाए फर्जी बिल लगा पास कराने की मांग की। साथ ही गबन मामले में कार्रवाई न करने के लिए भी दबाव बनाया गया।