{"_id":"5803c6d94f1c1b691a28f55c","slug":"organic-farming-will-ganges","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा किनारे होगी जैविक खेती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा किनारे होगी जैविक खेती
शाहनवाज चौधरी बुलंदशहर
Updated Sun, 16 Oct 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
गंगा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नमामि गंगे मिशन के तहत अब गंगा किनारे सिर्फ जैविक खेती ही की जाएगी। गंगा को केमिकल्स के कुप्रभाव से बचाने के लिए कवायद शुरू की गई है। बता दें कि जनपद में गंगा चार ब्लाकों से होकर आगे बढ़ रही है। नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा किनारे बसे गांवों में निश्चित भूमि के कलस्टर तैयार किए जाएगे।
इस संबंध में किसानों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषि विभाग के अफसरों को चिट्ठी मिल गई है। चिट्ठी के क्रम में विभाग के अफसरों ने गंगा किनारे वाले गांवों को चिंहित करना शुरू कर दिया है। गांवों को चिंहित करने के बाद उन किसानों को छांटा जाएगा, जिनकी जमीन गंगा के आसपास है।
विज्ञापन
प्रथम चरण में गंगा के आसपास खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षण मिलेगा। बाद में उन किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनकी जमीन गंगा से थोड़ा हटकर हैं। इसके पीछे मंशा कृषि में रसायनों के प्रयोग को खत्म कर गंगा में बढ़ते रासायनिक प्रदूषण को कम करना है। बता दें कि जनपद में ऊंचागांव, डिबाई, स्याना और अनूपशहर से गंगा गुजरती है।
विज्ञापन
गंगा के दोनों और हजारों हेक्टयर क्षेत्र में रासायनिक खाद और दवाओं का प्रयोग कर खेती की जाती है। बरसात के दिनों में फसलों का रासायनिक पानी गंगा में पहुंचता है, इससे गंगा में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ जाता है।