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अफसरों ने न खुद मदद की, न सीएम को करने देंगे
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 18 Jan 2016 11:44 PM IST
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डिबाई की बेटी रहमत के शरीर में टीबी फैलने के मामले में अफसरों ने पीड़ित पिता की आर्थिक रिपोर्ट बनाकर प्रमुख सचिव बाल विकास को भेज दी है।
अफसरों की रिपोर्ट देखकर ऐसा लग रहा है कि न तो वह मदद करेंगे, न ही सीएम को करने देंगे। अफसरों की रिपोर्ट के मुताबिक, टेमपोरो मैंडीबुलर ज्वाइंट रोग से पीड़ित रहमत के परिजन अमीर हैं और वह बेटी का इलाज कराने में सक्षम हैं।
जबकि, पीड़ित पिता ने खुद को आर्थिक रूप से कमजोर बताया है। बता दें कि डिबाई निवासी 15 वर्षीया रहमत के पूरे शरीर में टीबी फैल गई है।
आर्थिक रुप से कमजोर होने की बात कहकर किशोरी के पिता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बेटी के इलाज की गुुहार लगाई थी। डीएम द्वारा प्रमुख सचिव बाल विकास को भेजी गई रिपोर्ट में डिबाई निवासी रहमत के पिता मोहब्बत अली के पास दो मकान दिखाए गए हैं।
एक मकान का रकबा 70 गज और दूसरा 350 वर्ग मीटर का है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक रहमत के पिता मोहब्बत अली के पास शस्त्र लाइसेंस भी है। मोहब्बत ठेकेदारी का काम करते हैं।
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परिवार में दूध की डेयरी भी है। बता दें कि, मेडिकल रिपोर्ट में अगली पसलियों के अंदर और रीढ़ की हड्डी में टीबी की पुष्टि हो चुकी है। रहमत भोजन नहीं कर पाती है, वह केवल पेय पदार्थ पर जीवित है।
रहमत का उपचार ऑल इंडिया इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) दिल्ली में चल रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रहमत के इलाज पर रोजाना 400-500 रुपये खर्च होते हैं।
रहमत के परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर नहीं है। उनका परिवार रहमत का इलाज कराने में सक्षम है। बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेज दी गई है। - आरके सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
बेटी के इलाज में लाखों रुपये खर्च कर चुका हूं। पिछले 11 साल से इलाज करा रहा हूं। भाई की काफी पहले मौत हो चुकी है। उसके परिवार के पालन-पोषण का जिम्मा भी मुझ पर ही है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई थी। - मोहब्बत खां, रहमत के पिता
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अफसरों की रिपोर्ट देखकर ऐसा लग रहा है कि न तो वह मदद करेंगे, न ही सीएम को करने देंगे। अफसरों की रिपोर्ट के मुताबिक, टेमपोरो मैंडीबुलर ज्वाइंट रोग से पीड़ित रहमत के परिजन अमीर हैं और वह बेटी का इलाज कराने में सक्षम हैं।
जबकि, पीड़ित पिता ने खुद को आर्थिक रूप से कमजोर बताया है। बता दें कि डिबाई निवासी 15 वर्षीया रहमत के पूरे शरीर में टीबी फैल गई है।
आर्थिक रुप से कमजोर होने की बात कहकर किशोरी के पिता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बेटी के इलाज की गुुहार लगाई थी। डीएम द्वारा प्रमुख सचिव बाल विकास को भेजी गई रिपोर्ट में डिबाई निवासी रहमत के पिता मोहब्बत अली के पास दो मकान दिखाए गए हैं।
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एक मकान का रकबा 70 गज और दूसरा 350 वर्ग मीटर का है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक रहमत के पिता मोहब्बत अली के पास शस्त्र लाइसेंस भी है। मोहब्बत ठेकेदारी का काम करते हैं।
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परिवार में दूध की डेयरी भी है। बता दें कि, मेडिकल रिपोर्ट में अगली पसलियों के अंदर और रीढ़ की हड्डी में टीबी की पुष्टि हो चुकी है। रहमत भोजन नहीं कर पाती है, वह केवल पेय पदार्थ पर जीवित है।
रहमत का उपचार ऑल इंडिया इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) दिल्ली में चल रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रहमत के इलाज पर रोजाना 400-500 रुपये खर्च होते हैं।
रहमत के परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर नहीं है। उनका परिवार रहमत का इलाज कराने में सक्षम है। बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेज दी गई है। - आरके सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
बेटी के इलाज में लाखों रुपये खर्च कर चुका हूं। पिछले 11 साल से इलाज करा रहा हूं। भाई की काफी पहले मौत हो चुकी है। उसके परिवार के पालन-पोषण का जिम्मा भी मुझ पर ही है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई थी। - मोहब्बत खां, रहमत के पिता