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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Nine-year-old's only son dies of rabies; he was not vaccinated after being bitten by a dog

Bulandshahar News: रेबीज से नौ वर्षीय इकलौते पुत्र की मौत, कुत्ते के काटने पर नहीं लगवाई थी वैक्सीन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 10:29 PM IST
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Nine-year-old's only son dies of rabies; he was not vaccinated after being bitten by a dog
खुर्जा। रेबीज से नौ वर्षीय मासूम की मौत हो गई। उसे करीब एक महीने पहले कुत्ते ने काटा था। परिजनों ने एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं लगवाई थी। चार दिन पहले बुखार आने के साथ ही बच्चा अजीब आवाजें निकालने लगा, तब परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां से उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ में चिकित्सकों ने रेबीज की पुष्टि कर हायर सेंटर जाने को कहा। इसके बाद परिजन बच्चे को उपचार के लिए राजस्थान के भरतपुर ले जा रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इकलौते पुत्र की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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अरनिया क्षेत्र के गांव सुरजावली निवासी विष्णु कुमार का बेटा सत्यदेव (9) कक्षा तीन में पढ़ता था। विष्णु ने बताया कि बेटे को करीब एक महीने पहले कुत्ते ने काट लिया था। उसने उस समय कुछ नहीं बताया। इसके बाद 27 नवंबर को उसे तेज बुखार आने के साथ ही शरीर लाल पड़ गया। खुर्जा के एक बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे तो उन्होंने लक्षण देखकर कहीं और ले जाने की सलाह दी।
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एक अन्य निजी चिकित्सक के भी उपचार से इन्कार करने पर वह बेटे को अलीगढ़ के निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने बच्चे में रेबीज की पुष्टि कर हायर सेंटर रेफर कर दिया। अलीगढ़ में मासूम को घबराहट महसूस होने लगी। वह पानी देखकर डरने लगा और जुबान लड़खड़ाने लगी। साथ ही उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया। इस पर परिजन उसे लेकर दिल्ली एम्स पहुंचे। वहां भी रेबीज की पुष्टि के साथ ही कहीं और ले जाने की सलाह दी गई।
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वैक्सीन नहीं लगाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि वह तीन नवंबर को मासूम को एआरवी लगवाने के लिए मुनी सीएचसी गए थे, लेकिन चिकित्सक ने वैक्सीन लगाने से मना कर दिया था। वहीं, स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विकास राय का कहना है कि परिजनों के आरोप निराधार हैं। बच्चे के परिजन केंद्र पर नहीं आए। सभी को एआरवी लगाई जा रही है। विष्णु की 11 वर्षीय पुत्री भी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को कोई पालतू या निराश्रित जानवर काटे तो एआरवी जरूर लगवाएं।

चार साल में 14 से अधिक लोगों की हो चुकी मौत
वर्ष 2021 से अब तक जिले में 14 से अधिक लोगों की रेबीज से मौत हो चुकी है। हालांकि, विभाग केवल पांच लोगों की रेबीज से माैत होने की पुष्टि कर रहा है। इस वर्ष रेबीज से यह चौथी मौत है। स्वास्थ्य विभाग सिकंदराबाद निवासी नौ वर्षीय बच्ची की 2021 में, खुर्जा निवासी एक बच्चे की 2022 में, ततारपुर निवासी एक महिला की अप्रैल 2023 में, सदर तहसील क्षेत्र निवासी एक युवक की सितंबर 2024 में और सिकंदराबाद निवासी एक कारोबारी की मार्च 2024 में रेबीज से मौत की पुष्टि कर रहा है। जबकि, 2021 में खानपुर निवासी एक युवक व एक दो साल की बच्ची, वर्ष 2022 में खुर्जा निवासी एक युवक, 26 जनवरी को चोला क्षेत्र के गांव कोंदू निवासी 56 वर्षीय लाल सिंह, 27 जून को खुर्जा क्षेत्र के गांव फराना निवासी 26 वर्षीय बृजेश सोलंकी और 25 सितंबर को अनूपशहर निवासी देवेंद्र समेत 14 से अधिक लोगों की रेबीज से मौत हुई है।


24 से 48 घंटे में लगवाएं एआरवी की पहली डोज
जिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि कुत्ता, बंदर या बिल्ली के काटने पर 24 से 48 घंटे के अंदर एआरवी की पहली डोज लगवा लेनी चाहिए। दूसरी डोज तीन दिन बाद, तीसरी सात दिन बाद और चौथी डोज 14 दिन बाद या जरूरत पड़ने पर 28 दिन बाद लगवा लेनी चाहिए। वैक्सीन नहीं लगवाने पर रेबीज के लक्षण कभी भी सामने आ सकते हैं। जख्म अधिक गहरा होने पर एक सप्ताह के अंदर एंटी रेबीज सीरम लगवाना चाहिए।

मामले की जानकारी मिली है। मंगलवार को मृतक के घर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। परिजन सरकारी चिकित्सालय गए या नहीं, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. रमित कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी व नोडल अधिकारी
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