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जिला अस्पताल में फर्श पर तड़पती रही वृद्धा, पास से गुजरते रहे कर्मचारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 11:11 PM IST
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negligence in dirstrict hospital
जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर जमीन पर लेटी हुई वृद्धा। - फोटो : BULANDSHAHR
जिला अस्पताल में फर्श पर तड़पती रही वृद्धा, पास से गुजरते रहे कर्मचारी
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल में शनिवार को सिकंदराबाद से बुखार का उपचार कराने आई वृद्धा ओपीडी के बाहर घंटो कराहती रही, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जहमत नहीं उठाई। दर्द से कराहती रही वृद्धा के पास से चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी समेत अन्य स्टॉफ उधर से गुजरते रहे जब मामला सीएमएस के संज्ञान में आया तो वृद्धा को इमरजेंसी में भर्ती किया गया।
शनिवार को सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के गांव बोढ़ा निवासी 62 वर्षीय किरन पत्नी जुगेंद्र बुखार होने पर अपना उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल आई थीं। उपचार से पूर्व पंजीकरण और संबंधित चिकित्सक के कक्ष में पहुंचने की प्रक्रिया के दौरान वृद्धा की हालत गंभीर हो गई और गश खाकर ओपीडी के गेट पर जमीन पर लेट गई और दर्द से कराहती रही। इस दौरान ओपीडी के चिकित्सक और कर्मी ओपीडी से बाहर और अंदर जाते रहे, लेकिन किसी ने भी वृद्धा को देखने तक की जहमत तक नहीं उठाई और नजर अंदाज कर निकलते रहे। वृद्धा के दर्द से कराहने पर मीडियाकर्मियों की जैसे ही नजर पड़ी तो वृद्धा से पूछताछ की। इस पर महिला ने बताया कि उन्हें बुखार और टायफाइड है। उपचार कराने गांव से अकेली आई हूं, मुझे भर्ती करवा दो। इस पर सीएसएस संपर्क किया गया तो आननफानन कर्मियों ने महिला को इतरजेंसी में भर्ती कर उसका उपचार शुरु कराया।
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एक दिन में जिला अस्पताल पहुंचे 1087 मरीज
बदलते मौसम के चलते जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को 1087 लोगों ने पंजीकरण कराकर प्राथमिक उपचार कराया।
जटिया अस्पताल में भी टार्च की रोशनी में हुआ था इलाज
जनपद के सरकारी चिकित्सालयों के हालत बद से बदतर हो रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य अफसर संसाधन होने के बावजूद उनका प्रयोग करने से बचते नजर आते हैं। फरवरी माह में खुर्जा जटिया चिकित्सालय में बिजली न होने पर जनरेटर चलाने की जगह स्वास्थ्य कर्मी मोबाइल टॉर्च की रोशनी में घायलों का इलाज करते नजर आए थे। गत दो मार्च को अनूपशहर क्षेत्र निवासी दुष्कर्म की शिकार मासूम का शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया तो पुलिसवालों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पंचनामा लिखा था।
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मामले की जानकारी मिलती ही वृद्धा को उपचार के लिए तत्काल इमरजेंसी में भर्ती करवा दिया गया। ओपीडी के बाहर वृद्धा के जमीन पर लेटे होने संबंधी कर्मियों से पूछताछ की जाएगी और भविष्य में ऐसा ना हो इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। - राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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