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विधायक बंधुओं ने की क्राॅस वोटिंग, भाजपा में जाने के संकेत
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Fri, 10 Jun 2016 10:18 PM IST
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विधायक गुड्डू पंडित
- फोटो : ब्यूरो
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विधायक बंधु छह माह से सियासी पिच पर बगावती पारी खेल रहे थे। सपा की साइकिल रैली और पार्टी आयोजनों में शामिल न होना सब कुछ बयां कर रहा था कि पार्टी में कुछ तो ठीक नहीं चल रहा है। ऐसा नहीं है कि आला कमान इससे अंजान था। जिलाध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने विधायक बंधुओं की पार्टी विरोधी गतिविधियों से आला कमान को अवगत करा दिया था।
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खासतौर पर विधायक गुड्डू पंडित का लिबास पीला या भगवा हो गया था। एकाएक माथे पर हल्दी और चंदन का तिलक देखकर लोग हैरान थे। हालांकि कुछ सियासी पंडितों को इल्म था कि विधायक बंधु कहीं और सियासी जमीन तलाश रहे हैं। सोशन नेटवर्किंग साइट पर पूजा-अर्चना और हवन की फोटो बगावत की ओर इशारा पहले ही कर चुकी थी।
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कई बार अफवाह भी उड़ी कि विधायक गुडडू पंडित ने सपा छोड़ भाजपा का दाम थाम लिया है। अब चर्चा है कि विधान परिषद के चुनाव में क्रास वोटिंग कर विधायक बंधुओं ने सपा छोड़ नए सियासी घर की ओर कदम बढ़ा दिया है।
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यदि विधायक बंधुओं ने सपा छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया तो जनपद में सियासी समीकरणों का बदलना तय है। भाजपा में भी विरोध और बगावत के स्वय उठ सकते हैं। बता दें कि भाजपा के कई संभावित उम्मीदवार विधानसभाओं में मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
वहीं, कुछ दिन पूर्व बसपा सुप्रीमों मायावती से विधायक बंधुओं की मुलाकात के संबंध में चर्चा हुई। जानकारों का कहना है कि विधायक गुडडू अपनी पत्नी काजल शर्मा, भाई मुकेश शर्मा और खुद गुडडू पंडित विधान सभा चुनाव में तीन सीट चाहते थे। मगर शर्त नामंजूर कर दी गई।
उधर, शिकारपुर के विधायक मुकेश शर्मा ने बताया कि हम लोग शनिवार को लखनऊ में प्रेस कान्फ्रेंस बुला रहे हैं, इसमें पार्टी को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
विधायक बंधु पार्टी विरोधी गतिविधियों में पहले से लिप्त थे। संदिग्ध गतिविधियों से आला कमान को अवगत करा दिया गया था। विधायक बंधुओं के सपा छोड़ने से पार्टी को सियासी नुकसान नहीं होगा। विधायक बंधु साइकिल रैली में शामिल नहीं हुए। वे पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होते थे। समय समय पर उनके जाने की चर्चा भी थी। - दिनेश गुर्जर, सपा जिलाध्यक्ष