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Bulandshahar News: दो भाइयों की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। देहात कोतवाली क्षेत्र में हाइवे पर ट्रक लूटने के बाद दो भाइयों की हत्या कर शव सड़क किनारे फेंकने वाले दोनों आरोपियों को न्यायालय ने दोषी माना है। अपर सत्र न्यायाधीश न्याय कक्ष संख्या 15 हेमंत कुमार के न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि 15 जनवरी 2012 को देहात कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-91 पर सड़क किनारे एक खेत में दो व्यक्तियों के शव पड़े मिले थे। शव के चेहरे पर कंबल और मिट्टी डली हुई थी जबकि, हाथ और पैर बाहर निकले हुए थे। पुलिस ने मामले में तब शिनाख्त नहीं होने पर अज्ञात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में शवों की शिनाख्त एटा जनपद के थाना जैथरा के गांव गड़िया खरौली निवासी अरविंद कुमार ने अपने भाई अहिवरन और अभिलाख के रूप में की थी। अरविंग ने तहरीर देकर बताया कि उनके दोनों भाई एसआरएल कंपनी में एक ट्रक के चालक और परिचालक थे। दोनों 14 जनवरी 2012 से लापता थे, ट्रक भी गायब था। अरविंद ने आरोप लगाया था कि उनके भाइयों के साथ एसआरएल कंपनी में उनके गांव निवासी नंदकिशोर, ब्रह्मानंद व गांव बसंतपुर के सर्वेश व राजवीर भी नौकरी करते थे। जिन्हें पूर्व में किसी कारण से कंपनी मालिक ने हटा दिया था। पुलिस ने बाद में वह ट्रक भी बरामद कर लिया था। अरविंद ने बताया कि उसके भाइयों की हत्या के बाद आरोपी गांव देहात में कहते फिर रहे हैं कि अरविंद से उनका फैसला करा दो, उनसे गलती हो गई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी ब्रह्मानंद और नंदकिशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। जांच के बाद दोनों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में पेश कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर दोनों को दोषी मानकर सजा सुनाई है।
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बुलंदशहर। देहात कोतवाली क्षेत्र में हाइवे पर ट्रक लूटने के बाद दो भाइयों की हत्या कर शव सड़क किनारे फेंकने वाले दोनों आरोपियों को न्यायालय ने दोषी माना है। अपर सत्र न्यायाधीश न्याय कक्ष संख्या 15 हेमंत कुमार के न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि 15 जनवरी 2012 को देहात कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-91 पर सड़क किनारे एक खेत में दो व्यक्तियों के शव पड़े मिले थे। शव के चेहरे पर कंबल और मिट्टी डली हुई थी जबकि, हाथ और पैर बाहर निकले हुए थे। पुलिस ने मामले में तब शिनाख्त नहीं होने पर अज्ञात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में शवों की शिनाख्त एटा जनपद के थाना जैथरा के गांव गड़िया खरौली निवासी अरविंद कुमार ने अपने भाई अहिवरन और अभिलाख के रूप में की थी। अरविंग ने तहरीर देकर बताया कि उनके दोनों भाई एसआरएल कंपनी में एक ट्रक के चालक और परिचालक थे। दोनों 14 जनवरी 2012 से लापता थे, ट्रक भी गायब था। अरविंद ने आरोप लगाया था कि उनके भाइयों के साथ एसआरएल कंपनी में उनके गांव निवासी नंदकिशोर, ब्रह्मानंद व गांव बसंतपुर के सर्वेश व राजवीर भी नौकरी करते थे। जिन्हें पूर्व में किसी कारण से कंपनी मालिक ने हटा दिया था। पुलिस ने बाद में वह ट्रक भी बरामद कर लिया था। अरविंद ने बताया कि उसके भाइयों की हत्या के बाद आरोपी गांव देहात में कहते फिर रहे हैं कि अरविंद से उनका फैसला करा दो, उनसे गलती हो गई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी ब्रह्मानंद और नंदकिशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। जांच के बाद दोनों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में पेश कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर दोनों को दोषी मानकर सजा सुनाई है।
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