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आलीशान भवन, कार व आयकरदाता किसानों की होगी पहचान
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आलीशान भवन, कार व आयकरदाता किसानों की होगी पहचान
बुलंदशहर। जिले के ऐसे किसान जिनके पास आलीशान भवन, लग्जरी कार है अथवा वह आयकरदाता हैं, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नहीं मिलेगी। इसके लिए किसानों का सत्यापन किया जा रहा है। 30 जून तक कृषि विभाग के साथ तहसील और ब्लॉक स्तरीय कर्मचारी गांव में चौपाल लगाकर सत्यापन का काम करेंगे।
जिले में तमाम ऐसे किसान हैं, जो सुविधा संपन्न होने के बावजूद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे हैं। इतना ही नहीं लग्जरी कार और आलीशान भवन के स्वामी होने व आयकरदाता होने के बावजूद उनके खातों में प्रधानमंत्री सम्मान निधि का पैसा पहुंच रहा है। जिले में अभी तक ऐसे 7200 किसान मिल चुके हैं। यहीं नहीं तमाम किसान ऐसे भी हैं, जो स्वयं अथवा उनके परिवार के लोग सरकारी कर्मचारी व राजनीति से भी जुड़े सुविधा संपन्न हैं। इसके बावजूद वह योजना का लाभ ले रहे हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। योजना से पैसा पाने वाले अपात्र किसानों को चिन्हित करने के लिए अब ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाई जाएगी। इसमें तहसील और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी की मौजूदगी में गांव के लोगों द्वारा ऐसे किसानों की पोल खोली जाएगी। जहां मौके पर ही ऐसे किसानों के खसरा, खतौनी, वार्षिक आय, पारिवारिक स्थिति आदि का अधिकारियों द्वारा जायजा लिया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सोशल ऑडिट कराई जाएगी।
गांव में चौपाल का आयोजन कर ऐसे किसानों को चिन्हित किया जाएगा। साथ ही अपात्र मिलने पर किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैसा रोका जाएगा। इसके साथ ही मौके पर पात्र किसानों का फार्म भर कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाया जाएगा। चौपाल में जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, उप निदेशक कृषि, खंड विकास अधिकारी, ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान मौजूद रहेंगे। जिनके द्वारा 30 जून तक इसका सत्यापन कर अपात्र को चिन्हित कर उनका डाटा स्टॉप करने व अब तक योजना के लाभ से वंचित पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन करते हुए लाभ दिलाने के लिए पंजीकरण किया जाएगा। उप निदेशक कृषि शिव कुमार ने बताया कि इसकी तैयारी की जा रही है और जल्द ही यह कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जिले में इस समय योजना का 3.95 लाख किसान लाभ ले रहे हैं।
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बुलंदशहर। जिले के ऐसे किसान जिनके पास आलीशान भवन, लग्जरी कार है अथवा वह आयकरदाता हैं, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नहीं मिलेगी। इसके लिए किसानों का सत्यापन किया जा रहा है। 30 जून तक कृषि विभाग के साथ तहसील और ब्लॉक स्तरीय कर्मचारी गांव में चौपाल लगाकर सत्यापन का काम करेंगे।
जिले में तमाम ऐसे किसान हैं, जो सुविधा संपन्न होने के बावजूद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे हैं। इतना ही नहीं लग्जरी कार और आलीशान भवन के स्वामी होने व आयकरदाता होने के बावजूद उनके खातों में प्रधानमंत्री सम्मान निधि का पैसा पहुंच रहा है। जिले में अभी तक ऐसे 7200 किसान मिल चुके हैं। यहीं नहीं तमाम किसान ऐसे भी हैं, जो स्वयं अथवा उनके परिवार के लोग सरकारी कर्मचारी व राजनीति से भी जुड़े सुविधा संपन्न हैं। इसके बावजूद वह योजना का लाभ ले रहे हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। योजना से पैसा पाने वाले अपात्र किसानों को चिन्हित करने के लिए अब ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाई जाएगी। इसमें तहसील और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी की मौजूदगी में गांव के लोगों द्वारा ऐसे किसानों की पोल खोली जाएगी। जहां मौके पर ही ऐसे किसानों के खसरा, खतौनी, वार्षिक आय, पारिवारिक स्थिति आदि का अधिकारियों द्वारा जायजा लिया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सोशल ऑडिट कराई जाएगी।
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गांव में चौपाल का आयोजन कर ऐसे किसानों को चिन्हित किया जाएगा। साथ ही अपात्र मिलने पर किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैसा रोका जाएगा। इसके साथ ही मौके पर पात्र किसानों का फार्म भर कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाया जाएगा। चौपाल में जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, उप निदेशक कृषि, खंड विकास अधिकारी, ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान मौजूद रहेंगे। जिनके द्वारा 30 जून तक इसका सत्यापन कर अपात्र को चिन्हित कर उनका डाटा स्टॉप करने व अब तक योजना के लाभ से वंचित पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन करते हुए लाभ दिलाने के लिए पंजीकरण किया जाएगा। उप निदेशक कृषि शिव कुमार ने बताया कि इसकी तैयारी की जा रही है और जल्द ही यह कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जिले में इस समय योजना का 3.95 लाख किसान लाभ ले रहे हैं।
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