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Bulandshahar News: हीट स्ट्रोक के बढ़ रहे मरीज, छह पहुंचे इमरजेंसी में
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जिला अस्पताल के काउंटर पर दवा लेने को खड़े मरीज। संवाद
बुलंदशहर। जिले का तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने के साथ ही हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। डायरिया भी बच्चों से लेकर बड़ों को अपनी चपेट में ले रहा है। जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी चिकित्सालयों में मरीजों को चिकित्सक प्रतिदिन परामर्श दे रहे हैं।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में हीट स्ट्रोक के 194 मरीजों ने परामर्श लिया। छह मरीज को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर कम निकलने की सलाह दी।
जिला अस्पताल में ओपीडी में फिजिशियन के पास प्रतिदिन 300 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें हीट स्ट्रोक और डायरिया के मरीज भी शामिल हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि दिन में तेज गर्मी और शाम को उमस बढ़ने से हीट स्ट्रोक के लक्षण मिल रहे हैं।
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अस्पताल में प्रतिदिन तेज बुखार के साथ डिहाइड्रेशन के लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं। बताया कि इन दिनों पड़ रही तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। तेज धूप में अधिक देर तक रहने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जो हीट स्ट्रोक का प्रमुख कारण है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि चक्कर आना, सिर में दर्द व सिर का भारी होना, दिल की धड़कन बढ़ना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं।
जिन लोगों को बीपी, शुगर, सांस व ह्रदय संबंधित बीमारियां है, उन्हें हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। साथ ही बच्चे, गर्भवती महिलाओं को भी हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है।
Iओपीडी में प्रतिदिन हीट स्ट्रोक के मरीज भी उपचार करवाने के लिए आ रहे है। साथ ही डायरिया के मरीजों को भी परामर्श दिया जा रहा है। गर्मी से बचाव के सभी उपाय जरूर अपनाएं। जरूरत होने पर ही धूप में निकलें। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पतालI
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शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में हीट स्ट्रोक के 194 मरीजों ने परामर्श लिया। छह मरीज को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर कम निकलने की सलाह दी।
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जिला अस्पताल में ओपीडी में फिजिशियन के पास प्रतिदिन 300 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें हीट स्ट्रोक और डायरिया के मरीज भी शामिल हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि दिन में तेज गर्मी और शाम को उमस बढ़ने से हीट स्ट्रोक के लक्षण मिल रहे हैं।
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अस्पताल में प्रतिदिन तेज बुखार के साथ डिहाइड्रेशन के लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं। बताया कि इन दिनों पड़ रही तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। तेज धूप में अधिक देर तक रहने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जो हीट स्ट्रोक का प्रमुख कारण है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि चक्कर आना, सिर में दर्द व सिर का भारी होना, दिल की धड़कन बढ़ना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं।
जिन लोगों को बीपी, शुगर, सांस व ह्रदय संबंधित बीमारियां है, उन्हें हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। साथ ही बच्चे, गर्भवती महिलाओं को भी हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है।
Iओपीडी में प्रतिदिन हीट स्ट्रोक के मरीज भी उपचार करवाने के लिए आ रहे है। साथ ही डायरिया के मरीजों को भी परामर्श दिया जा रहा है। गर्मी से बचाव के सभी उपाय जरूर अपनाएं। जरूरत होने पर ही धूप में निकलें। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पतालI