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गंगा के तीरे 30 गांव खुले में शौच से मुक्त
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
Updated Wed, 03 May 2017 11:40 PM IST
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खुले में शौच
- फोटो : अमर उजाला
गंगा किनारे स्थित 30 गांवों को खुले में शौच से मुक्त करा दिया गया है। ओडीएफ योजना को सफल बनाने के लिए 1.36 करोड़ रुपये शौचालय के निर्माण पर खर्च हुए हैं। गंगा को अविरल बनाने के लिए वित्त वर्ष-2016-17 में गंगा किनारे स्थित 30 गांवों को पंचायत राज विभाग और प्रशासन ने संयुक्त रुप से ओडीएफ के लिए चिंहित किया था।
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चिंहित गांवों में सर्वे कर ऐसे परिवारों को भी छांटा गया, जिनके घर पर शौचालय नहीं थे। कुल मिलाकर 11,400 परिवारों को शौचालय के लिए चिंहित किया गया। इस योजना को सफल बनाने के लिए अभियान चलाकर सरकारी मशीनरी ने डुगडुगी बजाकर खुले में शौच के प्रति लोगों को जागरुक किया।
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साथ ही गांवों में नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए। इतना ही नहीं गांव गांव निगरानी कमेटी भी बनाई गई। सरकारी खर्च पर 30 गांवों में पंचायत राज विभाग ने 11400 शौचालयों का निर्माण करवाया है।
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शौचालयों का निर्माण होने से अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। ग्रामीण शौच के लिए गंगा किनारों का रुख फिलहाल नहीं कर रहे हैं। लोगों की जागरुकता और सरकारी तंत्र की लगन के चलते गंगा भी खुले में शौच गांवों को मुक्त कर दिया है।
ओडीएफ को लेकर हड़बड़ी में विभागीय अफसर
ओडीएफ को लेकर शासन का रुख बेहद सख्त है। इसी के चलते जिले में अब तक 125 गांवों को ओडीएफ किया गया है। खासबात यह है कि गंगा किनारे वाले 30 गांवों को छोड़कर ओडीएफ किए गए कुछ गांवों में शौचालय का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। बावजूद इसके ऐसे आधे अधूरे गांवों को भी खुले में शौच से मुक्त की सूची में शामिल किया गया है।
गंगा किनारे वाले ओडीएफ गांव
अहार बांगर, अबरपुर उर्फ बच्चीखेड़ा , आजमपुर उर्फ तौरई बांगरद्व फतहपुर, हसनपुर बांगर, मोहम्मदपुर बांगर व मुबारिकपुर बांगर , शेरपुर बांगर , सिरोरा बांगर , बदरपुर , भोपतपुर , बिलौना चाप बांगर , ढक नगला, गोकुलपुर खादर , करनवास बांगर , मोहम्मदाबाद उर्फ भेरिया हरद्वारपुर , नौदई बांगर, निवाड़ी बांगर, निवाड़ी खादर , राजघाट बांगर, महाराजपुर, तलवार , उदयगढ़ी बांगर, रवीनी कटीरी , औरंगाबाद ताहरपुर , बसी बांगर , चांसी, फरीदाबांगर, मवई,रामघाट बांगर
गंगा किनारे बसे 30 गांवों को ओडीएफ कर दिया गया है। इसी के साथ गंगा भी खुले में शौच से आजाद हो गई है। मौजूदा वित्त वर्ष में 450 गांवों को ओडीएफ किया जाएगा। सीडीओ, जसजीत कौर