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करंट की चपेट आई बस, पांच की मौत

Fri, 04 Dec 2015 11:30 PM IST
अमर उजाला, बुलंदशहर
अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 04 Dec 2015 11:30 PM IST
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five bus passengers died.
गमी में शरीक होने आए रबुपुरा के ग्रामीणों से भरी बस ककोड़ में हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। इसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
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हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने दो शवों को थाने के सामने रखकर जाम लगा दिया। एडीएम प्रशसान विशाल सिंह ने डीएम की तरफ से लोगों को मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख मुआवजा और झुलसे लोगों को मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर जाम खुला।
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घटना पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी पत्र भेजकर शोक जताया है। हादसा शुक्रवार शाम करीब साढे़ पांच बजे हुआ।  ककोड़ निवासी इस्लाम(45) पुत्र कलुआ की शुक्रवार दोपहर बीमारी से मौत हो गई थी।
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इस्लाम की रबूपुरा में बहन रहती है। इसके अलावा इस्लाम की भी रिश्तेदारियां हैं। इस्लाम की मौत की खबर सुनकर रबूपुरा के लोग बस से  ककोड़ पहुंचे। बस चालक ककोड़ थाने के सामने टीचर्स कॉलोनी में होकर बस को मोहल्ला कुरैशियान में लेकर जा रहा था।

जहां हाइटेंशन तार काफी नीचे झूल रहा था। जैसे ही चालक ने बस को आगे बढ़ाया तार से छूते ही बस में करंट दौड़ गया। इसमें  रबूपुरा निवासी कल्लो (40) पत्नी भूरा, सज्जो(40) पत्नी रसीद, दिलशाद (22) पुत्र शरीफ, रिजवान (18) पुत्र नसरू और सनम(14) पुत्री रहीस निवासी रबूपुरा की मौके पर ही मौत हो गई।

इनमें रिजवान और दिलशाद इस्लाम के भांजे थे। वहीं हादसे से लाइन में फाल्ट हो गया और सप्लाई ठप हो गई। इस पर मोहल्ले के लोगों ने पहुंचकर करंट से झुलसे लोगों को बस से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। गुस्साए लोगों ने साढे़ सात बजे थाने के सामने दो शव रखकर जाम लगा दिया।

सूचना पर 20 मिनट बाद पहुंचे एडीएम प्रशासन ने जिलाधिकारी की तरफ से सीएम के रिलीफ फंड से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये आर्थिक सहायता देने और और झुलसे लोगों का निशुल्क इलाज कराने का आश्वासन दिया तो लोगों ने जाम खोला।

एसएसपी की मौजूदगी में दर्ज हुई रिपोर्ट
हंगामे, जाम की सूचना पर पहुंचे एसएसपी ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर विद्युत निगम के अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

इसमें एसई, एक्सईएन, एसडीओ, जेई और लाइनमैन के खिलाफ लापरवाही बरतने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। एसएसपी अनंत देव भी रात में ककोड़ पहुंचे और लोगों को मदद का भरोसा दिलाया।

मिट्टी देने आए खुद मिट्टी में मिल गए
अपने की मौत पर मिट्टी डालने आया परिवार खुद मिट्टी में मिल गया। मृतक के जनाजे में आए लोगों को शायद यह मालूम नहीं था कि इस्लाम की मौत उनकी भी उनकी भी कब्रगाह बन जाएगी।

परिजनों के चेहरे पर इस्लाम के जाने का गम जरूर था। लेकिन अब उनकी जिंदगी में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। किसी के भाई और किसी बेटों का शव देखकर परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

फफकते होटों से शब्द तक नहीं निकल रहे थे। परिजनों ने जब हादसे की व्यथा बयां की तो सुनने वालों की भी आंखें भर आईं।

मौत से जकड़े देख लगा दी छलांग और बोले बचाओ बचाओ
बुलंदशहर। बस में मौत से जकड़े लोगों ने जान बचाने के लिए बस से नीते छलाग लगी दी। जिस समय वस में करंट दौड़ा तब सभी लोग इस्लाम के बारे में बातें करने में मशगूल थे।

बस में मौजूद लोगों के रिश्तेदार गुफरान और कय्यूम का कहना था कि पहले लगा कि बस में भूकंप आ गया। उसके बाद लगा कि बस उपर से कहीं टकरा गई।

लेकिन जब पूरे शरीर में करंट सा दौड़ने लगा तब ज्यादातर लोग शोर मचाने लगे कि कूदो बिजली उतर गई है। इतनी सुनते ही खिड़की के पास खड़े लोग और शीशे की तरफ बैठे लोगों ने छलाग लगा दी।

कई लोग गली में जाकर गिरे और कई कूद ही नहीं सके। वह चिपके रह गए। भगदड़ में दो दर्जन से अधिक लोग झुलस गए और जख्मी हो गए।

फाल्ट ने बचा ली कई जान
जिस समय बस में करंट उतरा उसके कुछ ही देर बाद लाइन में फाल्ट हो गया और करंट बंद हो गया। जिससे राहत यह हुई कि जो चार छूतेही शुरूआती दौर में ज्यादा झुलसे वह ही मौत के आगौस में गे लेकिन करमट बंद होने से बाकी लोग कम झुलस कर ही रह गए। 

मौका ए वारदात पर मौजूद लोगों का कहना है कि शुरू में कुछ लोग मदद के लिए पहुंचे जरूर लेकिन करंट होने के खौफ से झुलसे लोगों की निकालने से बचते रहे, बाद में यह कंफर्म होने पर की करंट नहीं है तब जाकर लोगों मदद में जुटे। झुलसे लोगों को बाहर निकाला और वाहनों से अस्पताल को भिजवाया।

इस्लाम के घर टूटा दुखा को बड़ा पहाड़
हादसे की जानकारी जैसे की  ककोड़ में मरे इस्लाम के घर पहुंची वहां गम जताने काफी नाते रिश्तेदार आए हुए थे। इस मनहूस खबर ने उनको और विचलित कर दिया।

सभी लोग जनाते के पास से मौका ए वारदात की तरफ दौड़ भागे। भागते लोगों का कहना था कि एक के गम को सहन नहीं कर पा रहे थे अब बाकी के दुख को कैसे सहन करेंगे।

बड़े हंसमुख थे दोनों भाई रिजवान और दिलशाद
मृतक के परिजनों ने बताया कि रिजवान और दिलशाद दोनों मौसेरे भाई बड़े ही हंसमुख थे। वे कभी भी आपस में झगड़ते नहीं थे। एक-दूसरे का हमेशा साथ देते थे।

दोनों अपने मां-बाप के आंख के तारे थे। दो जवान बेटों की मौत के बाद परिवार ही नहीं पूरे रबूपुरा में गम का माहौल है। गमी के खबर पर सबसे पहले तैयार होकर चलने को तैयार थे।

गार्डिंग होती तो नहीं होता यह हादसा, निगम कराएगा जांच
हाइटेंशन तार से टकराने के कारण गई लोगों की जान पावर कारपोरेशन में व्याप्त भ्रष्टाचार का नतीजा है। पोलों में दूरी के कारण हाइटेंशन लाइन झूल गई।

गार्डिंग न होने के कारण बस सीधे तारों से जा टकराई, जिसके चलते मौत हो गई और दर्जनों जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। पावर कारपोरेशन ने पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

ककोड़ में जिस हाइटेंशन लाइन से बस टकराई, वह काफी पुरानी थी। तारों के बीच पोलों की दूरी काफी अधिक थी, जिसके कारण तार झूल गए थे।

हाइटेंशन लाइन के नीचे गार्डिंग की व्यवस्था भी नहीं थी। इसके कारण बस तारों से टकरा गई। यदि तारों के नीचे गार्डिंग की व्यवस्था होती तो बस तारों से नहीं टकराती।

जबकि पावर कारपोरेशन के नियम के अनुसार किसी भी हाइटेंशन और लो-टेंशन लाइन के नीचे गार्डिंग की व्यवस्था जरूरी होती है। अस्टीमेट में यदि गार्डिंग का जिक्र न हो तो अस्टीमेट पास तक नहीं हो पाता। लेकिन जिले में किसी भी लाइन के नीचे गार्डिंग नहीं होती।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक
ककोड़ बस हादसे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुख प्रकट करते हुए आर्थिक मदद की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ककोड़ बस हादसे पर परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की हैं। इस आश्य का एक पत्र डीएम को भेजा है।

जिला अस्पतालों में अपनों को ढूंढती रहीं आंखें
बुलंदशहर। ककोड़ में बस हादसे की खबर जैसे ही परिजनों को लगी, बड़ी संख्या में परिजन जिला अस्पताल पहुंचने लगे। अपनों की सलामती की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंचे परिजन अपनों को ढूंढते रहे, लेकिन अपने नहीं मिले।

पड़ा रहा बच्ची का शव, नहीं आया कोई
जिला अस्पताल में एक बच्ची का शव पड़ा हुआ था। बच्ची का कोई रिश्तेदार या जानने वाला अस्पताल नहीं पहुंच सका था। इसके कारण बच्ची की पहचान नहीं हो सकी थी।

इसके अलावा गंभीर रूप से घायल दो महिलाओं को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जबकि एक मामूली रूप से घायल महिला को जिला अस्पताल में ही भर्ती कर दिया गया। समाचार लिखे जाने तक किसी भी घायल की पहचान नहीं हो सकी थी।


करंट से फट गया सिर
हाइटेंशन लाइन का करंट इतना जबरदस्त था कि एक महिला का सिर फट गया। गंभीर रूप से घायल दो महिलाओं के सिर में भी कई जगह फटने के निशान मिले। इसके अलावा मृत बच्ची का भी दो जगह से सिर खुल गया।

लाइन काफी पुरानी थी। बस की छत पर कुछ सामान रखा हुआ था, जिससे तार इस सामान में उलझ गए और बस में करंट उतर गया। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
संदीप बंसल, एक्सईएन सिकंदराबाद

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