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बुलंदशहर में तैयार बीजों से प्रदेश भर में लहलहाएंगी फसलें
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बुलंदशहर में तैयार बीजों से प्रदेश भर में लहलहाएंगी फसलें
बुलंदशहर। धान और गेहूं के उन्नत किस्म के बीजों को तैयार करने के लिए जिले में छह करोड़ से अधिक की लागत से बीज विधायन संयंत्र तैयार हो गया है। यहां तैयार बीज मेरठ मंडल के जनपदों के साथ गोरखपुर, आजमगढ़ और बनारस मंडल के जनपदों में आपूर्ति किया जाएगा। विशेषज्ञों की मानें तो इस बीज से तैयार फसल की लागत कम होगी और उत्पादन अधिक होगा। इससे किसानों को मोटा मुनाफा होगा।
जनपद प्रदेश के कृषि प्रधान जनपदों में शामिल है। जनपद में छह करोड़ की लागत से बीज विधायन संयंत्र का निर्माण हो गया है। जल्द ही इस केंद्र का शुभारंभ होने के बाद प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को गेेहूं और धान आदि फसलों का उन्नत बीज उपलब्ध करवाया जाता है। बीज विकास निगम के तहत प्रदेश के कई जनपदों में बीज तैयार करने के लिए बीज विधायन केंद्र बने हुए हैं। मेरठ मंडल की बात करें तो यहां पर मेरठ में पहले ही संयंत्र लगा हुआ है। जबकि बुलंदशहर में भी वर्षों से गेहूं और धान का बीज तैयार किया जा रहा था। लेकिन इस संयंत्र की क्षमता करीब 10 हजार क्विंटल तक ही थी। वर्ष 2019 में शासन ने बुलंदशहर में पहले से संचालित बीज विधायन संयंत्र की क्षमता बढ़ाने के साथ गोदाम को बड़ा कर अधिक बीज तैयार करने के लिए छह करोड़ से अधिक की राशि जारी की थी। साथ ही इस संयंत्र पर धान का बीज भी तैयार करने का निर्णय लिया। इसी वर्ष प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह शाही ने इस बीज विधायन संयंत्र केंद्र की आधारशिला रखी थी। विभागीय अफसरों ने बताया कि बीज विधायन केंद्र अब बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही इसका उद्घाटन होगा।
अब यहां पर 40 हजार क्विंटल गेहूं और 40 हजार क्विंटल धान का बीज तैयार किया जाएगा। यह बीज बुलंदशहर के अलावा मेरठ मंडल के अन्य जनपदों के किसानों को भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इस संयंत्र के शुरू होने पर प्रदेश में गेहूं और धान के उन्नत बीज की कमी नहीं रहेगी।
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274 किसान भी कर रहे बीज तैयार, खरीद रहा कृषि विभाग
जनपद में 274 किसान गेहूं और धान का बीज तैयार कर रहे हैं। इस बीज को कृषि विभाग खरीद रहा है। जिसे विभाग के बीज गोदाम से किसानों को उपलब्ध करवाया जाता है। अफसरों ने बताया कि इस बीज को तैयार करने वाले इन सभी किसानों का बीज विकास निगम में पंजीकरण है। इनके द्वारा तैयार किए गए बीज की बीज प्रमाणीकरण संस्था प्रमाणित करती है कि वह सही है या नहीं। इसके बाद ही किसानों से खरीदा जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मेरठ मंडल में सबसे अधिक किसान बुलंदशहर में ही बीज तैयार कर रहे हैं। जनपद मेरठ में बीज तैयार करने वाले किसानों की संख्या 163 है, जबकि गौतमबुद्धनगर में मात्र पांच किसान ही बीज तैयार कर रहे हैं।
बुलंदशहर में छह करोड़ से अधिक की लागत से गेहूं और धान के उन्नत बीज तैयार करने के लिए बीज संयंत्र केंद्र बनकर तैयार हो गया है। यहां तैयार होने वाला बीज आजमगढ़, गोरखपुर और बनारस मंडल के जनपदों में भी भेजा जाएगा। इसका जल्द ही उद्घाटन होगा और इसके बाद बीज तैयार करने की शुरुआत हो जाएगी।
विनोद कुमार शर्मा, परियोजना अधिकारी, बीज विकास निगम, मेरठ
गेहूं व धान की इन किस्मों के बीज होंगे तैयार
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बीज विधायक संयंत्र पर गेहूं के उन्नत बीजों में शामिल एचडी-2967, के-607, एचडी-3086, डीबीडब्ल्यू-90, डीबीडब्ल्यू-107, डब्ल्यूबी-2, पीबीडब्ल्यू-725, डीडब्ल्यूबीआर-73, पीबीडब्ल्यू-77, पीबीडब्ल्यू-17 आदि अगेती और पछेती 20 से अधिक किस्मों का बीज तैयार किया जएगा। इसी तरह धान के उन्नत बीजों में बासमती-1121, 2511 सुगंगध, पीबी-1, पूसा बासमती-1, सुगंध-5, पीबी-1718, पीबी-1637 और पीबी-1509 आदि 15 से अधिक किस्म शामिल होंगी। यह सभी किस्म ऐसी हैं, जिनकी पैदावार अधिक है। अफसरों ने यह भी बताया कि कृषि वैज्ञानिकों की ओर से लगातार गेहूं और धान की अनेक किस्म तैयार की जा रही है। इन किस्मों के बीज भी यहां पर तैयार किए जाएंगे, ताकि किसान इन किस्मों के बीजाें से फसल तैयार करने पर अधिक मुनाफा मिल सके।
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बुलंदशहर। धान और गेहूं के उन्नत किस्म के बीजों को तैयार करने के लिए जिले में छह करोड़ से अधिक की लागत से बीज विधायन संयंत्र तैयार हो गया है। यहां तैयार बीज मेरठ मंडल के जनपदों के साथ गोरखपुर, आजमगढ़ और बनारस मंडल के जनपदों में आपूर्ति किया जाएगा। विशेषज्ञों की मानें तो इस बीज से तैयार फसल की लागत कम होगी और उत्पादन अधिक होगा। इससे किसानों को मोटा मुनाफा होगा।
जनपद प्रदेश के कृषि प्रधान जनपदों में शामिल है। जनपद में छह करोड़ की लागत से बीज विधायन संयंत्र का निर्माण हो गया है। जल्द ही इस केंद्र का शुभारंभ होने के बाद प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को गेेहूं और धान आदि फसलों का उन्नत बीज उपलब्ध करवाया जाता है। बीज विकास निगम के तहत प्रदेश के कई जनपदों में बीज तैयार करने के लिए बीज विधायन केंद्र बने हुए हैं। मेरठ मंडल की बात करें तो यहां पर मेरठ में पहले ही संयंत्र लगा हुआ है। जबकि बुलंदशहर में भी वर्षों से गेहूं और धान का बीज तैयार किया जा रहा था। लेकिन इस संयंत्र की क्षमता करीब 10 हजार क्विंटल तक ही थी। वर्ष 2019 में शासन ने बुलंदशहर में पहले से संचालित बीज विधायन संयंत्र की क्षमता बढ़ाने के साथ गोदाम को बड़ा कर अधिक बीज तैयार करने के लिए छह करोड़ से अधिक की राशि जारी की थी। साथ ही इस संयंत्र पर धान का बीज भी तैयार करने का निर्णय लिया। इसी वर्ष प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह शाही ने इस बीज विधायन संयंत्र केंद्र की आधारशिला रखी थी। विभागीय अफसरों ने बताया कि बीज विधायन केंद्र अब बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही इसका उद्घाटन होगा।
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अब यहां पर 40 हजार क्विंटल गेहूं और 40 हजार क्विंटल धान का बीज तैयार किया जाएगा। यह बीज बुलंदशहर के अलावा मेरठ मंडल के अन्य जनपदों के किसानों को भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इस संयंत्र के शुरू होने पर प्रदेश में गेहूं और धान के उन्नत बीज की कमी नहीं रहेगी।
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274 किसान भी कर रहे बीज तैयार, खरीद रहा कृषि विभाग
जनपद में 274 किसान गेहूं और धान का बीज तैयार कर रहे हैं। इस बीज को कृषि विभाग खरीद रहा है। जिसे विभाग के बीज गोदाम से किसानों को उपलब्ध करवाया जाता है। अफसरों ने बताया कि इस बीज को तैयार करने वाले इन सभी किसानों का बीज विकास निगम में पंजीकरण है। इनके द्वारा तैयार किए गए बीज की बीज प्रमाणीकरण संस्था प्रमाणित करती है कि वह सही है या नहीं। इसके बाद ही किसानों से खरीदा जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मेरठ मंडल में सबसे अधिक किसान बुलंदशहर में ही बीज तैयार कर रहे हैं। जनपद मेरठ में बीज तैयार करने वाले किसानों की संख्या 163 है, जबकि गौतमबुद्धनगर में मात्र पांच किसान ही बीज तैयार कर रहे हैं।
बुलंदशहर में छह करोड़ से अधिक की लागत से गेहूं और धान के उन्नत बीज तैयार करने के लिए बीज संयंत्र केंद्र बनकर तैयार हो गया है। यहां तैयार होने वाला बीज आजमगढ़, गोरखपुर और बनारस मंडल के जनपदों में भी भेजा जाएगा। इसका जल्द ही उद्घाटन होगा और इसके बाद बीज तैयार करने की शुरुआत हो जाएगी।
विनोद कुमार शर्मा, परियोजना अधिकारी, बीज विकास निगम, मेरठ
गेहूं व धान की इन किस्मों के बीज होंगे तैयार
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बीज विधायक संयंत्र पर गेहूं के उन्नत बीजों में शामिल एचडी-2967, के-607, एचडी-3086, डीबीडब्ल्यू-90, डीबीडब्ल्यू-107, डब्ल्यूबी-2, पीबीडब्ल्यू-725, डीडब्ल्यूबीआर-73, पीबीडब्ल्यू-77, पीबीडब्ल्यू-17 आदि अगेती और पछेती 20 से अधिक किस्मों का बीज तैयार किया जएगा। इसी तरह धान के उन्नत बीजों में बासमती-1121, 2511 सुगंगध, पीबी-1, पूसा बासमती-1, सुगंध-5, पीबी-1718, पीबी-1637 और पीबी-1509 आदि 15 से अधिक किस्म शामिल होंगी। यह सभी किस्म ऐसी हैं, जिनकी पैदावार अधिक है। अफसरों ने यह भी बताया कि कृषि वैज्ञानिकों की ओर से लगातार गेहूं और धान की अनेक किस्म तैयार की जा रही है। इन किस्मों के बीज भी यहां पर तैयार किए जाएंगे, ताकि किसान इन किस्मों के बीजाें से फसल तैयार करने पर अधिक मुनाफा मिल सके।