{"_id":"b012b7c2d35e2863b1a56234759d349d","slug":"farmers-will-seal-the-border-on-1st-febuary-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक को सीमा सील करेंगे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक को सीमा सील करेंगे किसान
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 28 Jan 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गन्ना समर्थन मूल्य, बकाया भुगतान और अन्य मांगों को लेकर किसानों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है।
बृहस्पतिवार को गन्ना किसानों ने भाकियू (भारतीय किसान यूनियन) के बैनर तले राजेबाबू पार्क में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई। किसान खेती में काम आने वाले औजारों के साथ एक फरवरी को अनिश्चित काल के लिए जनपद की सीमा को चार स्थानों पर सील कर यातयात को रोकेंगे।
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरपाल सिंह तेवतिया ने बताया कि किसान अपने अधिकारों को लेकर एक फरवरी को सड़कों पर उतरेंगे। इस बार किसान करो या मरो की स्थिति में आंदोलन करेंगे।
एक फरवरी को जनपद के अलग-अलग चार हाईवे को अनिश्चितकालीन अवधि तक सील किया जाएगा। किसान सीमा सील कर सड़कों पर बेमियादी धरना देंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष यशवीर सिंह और प्रदेश सचिव मांगेराम त्यागी ने संयुक्त रूप से कहा कि किसानों के सब्र का बांध टूट चुका है। अब किसान प्रदेश और केंद्र सरकार को सबक सिखाएंगे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष कैप्टन बिशन सिंह सिरोही ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना लुटवा कर यह सोच रही है कि किसान कमजोर हो गया है, तो यह उसकी भूल है। इस दौरान प्रह्लाद सिंह, सेंसरपाल सिंह, दिनेश चरौरा, किरनपाल, दिनेश कुमार, चौधरी विजेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
ये मार्ग रहेंगे जाम
एक फरवरी को किसान खुर्जा में दाता राम चौक, स्याना में पब्लिक इंटर कॉलेज के निकट, गुलावठी में सिकंदराबाद तिराहे पर, ककोड़ में थाना चौराहे पर बेमियादी चक्काजाम कर धरना देंगे।
इन वाहनों को नहीं रोका जाएगा
स्कूल वाहन, अंतिम यात्रा वाहन, एंबुलेंस, दमकल वाहन, गन्ना से लदे वाहन, दूध के वाहन और बारात के काफिले में शामिल वाहन।
‘अमीरों के लिए काम कर रही सरकार’
रालोद के जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि सरकार अमीर लॉबी के लिए काम कर रही है। तीन साल से गन्ना मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर है।
इंडियन शुगर केन कंट्रोल एक्ट के अनुसार 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं देने पर 15 फीसदी ब्याज देय होता है, लेकिन प्रदेश सरकार ने पिछले सत्र का 4090 करोड़ रुपये ब्याज चीनी मिलों द्वारा देय था उसे भी माफ कर दिया।
सपा के घोषणा पत्र में लागत मूल्य से 50 फीसदी अधिक मूल्य देने का वायदा किया गया था। राजीव चौधरी ने गन्ना मूल्य बढ़ाने और भुगतान की मांग की।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को गन्ना किसानों ने भाकियू (भारतीय किसान यूनियन) के बैनर तले राजेबाबू पार्क में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई। किसान खेती में काम आने वाले औजारों के साथ एक फरवरी को अनिश्चित काल के लिए जनपद की सीमा को चार स्थानों पर सील कर यातयात को रोकेंगे।
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरपाल सिंह तेवतिया ने बताया कि किसान अपने अधिकारों को लेकर एक फरवरी को सड़कों पर उतरेंगे। इस बार किसान करो या मरो की स्थिति में आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
एक फरवरी को जनपद के अलग-अलग चार हाईवे को अनिश्चितकालीन अवधि तक सील किया जाएगा। किसान सीमा सील कर सड़कों पर बेमियादी धरना देंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष यशवीर सिंह और प्रदेश सचिव मांगेराम त्यागी ने संयुक्त रूप से कहा कि किसानों के सब्र का बांध टूट चुका है। अब किसान प्रदेश और केंद्र सरकार को सबक सिखाएंगे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष कैप्टन बिशन सिंह सिरोही ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना लुटवा कर यह सोच रही है कि किसान कमजोर हो गया है, तो यह उसकी भूल है। इस दौरान प्रह्लाद सिंह, सेंसरपाल सिंह, दिनेश चरौरा, किरनपाल, दिनेश कुमार, चौधरी विजेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
ये मार्ग रहेंगे जाम
एक फरवरी को किसान खुर्जा में दाता राम चौक, स्याना में पब्लिक इंटर कॉलेज के निकट, गुलावठी में सिकंदराबाद तिराहे पर, ककोड़ में थाना चौराहे पर बेमियादी चक्काजाम कर धरना देंगे।
इन वाहनों को नहीं रोका जाएगा
स्कूल वाहन, अंतिम यात्रा वाहन, एंबुलेंस, दमकल वाहन, गन्ना से लदे वाहन, दूध के वाहन और बारात के काफिले में शामिल वाहन।
‘अमीरों के लिए काम कर रही सरकार’
रालोद के जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि सरकार अमीर लॉबी के लिए काम कर रही है। तीन साल से गन्ना मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर है।
इंडियन शुगर केन कंट्रोल एक्ट के अनुसार 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं देने पर 15 फीसदी ब्याज देय होता है, लेकिन प्रदेश सरकार ने पिछले सत्र का 4090 करोड़ रुपये ब्याज चीनी मिलों द्वारा देय था उसे भी माफ कर दिया।
सपा के घोषणा पत्र में लागत मूल्य से 50 फीसदी अधिक मूल्य देने का वायदा किया गया था। राजीव चौधरी ने गन्ना मूल्य बढ़ाने और भुगतान की मांग की।