{"_id":"689cc453b9edc4bb7f0cda1e","slug":"farmers-surrounded-the-collectorate-with-tractors-and-blocked-the-road-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-138834-2025-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: ट्रैक्टर लेकर किसानों ने घेरी कलक्ट्रेट, किया चक्का जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: ट्रैक्टर लेकर किसानों ने घेरी कलक्ट्रेट, किया चक्का जाम
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे किसान। संवाद
बुलंदशहर। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर बुधवार को कलक्ट्रेट का घेराव कर चक्का जाम कर दिया। उनका आरोप है कि गन्ना भुगतान, नकली पेस्टीसाइट, स्मार्ट मीटर लगाने व चकबंदी समेत कई समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब किसान कलक्ट्रेट में ही जमे रहेंगे। ट्रैक्टर खड़े होने के कारण डीएम कार्यालय से लेकर कालाआम तक जाम लग गया। किसानों ने कलक्ट्रेट में ही हुक्का गुड़गुड़ाया और भोजन पकाया।
किसान भूड़ चौराहे, स्याना अड्डा चौराहे, गुलावठी तिराहे, तहसील तिराहे, खुर्जा रोड, मामन रोड, काली नदी रोड और शिकारपुर बाईपास से शहर की ओर 100 से अधिक ट्रैक्टरों से कलक्ट्रेट पहुंचे। उनके उग्र रूप को देखते हुए 10 मिनट में ही कलक्ट्रेट का गेट खोल दिया गया। गुस्साए किसान कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के पास धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। किसानों के गुस्से को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर उनकी समस्याएं सुनीं। जाम के कारण अधिकारी व कर्मचारी वाहन लेकर कलक्ट्रेट से बाहर नहीं निकल सके।
भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर करीब 70 करोड़ रुपये बकाया है। किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। जिले में नकली पेस्टीसाइट धड़ल्ले से बिक रहा है। कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसानों को सरकारी कार्यालयों में अपने काम के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है। इसके बाद भी काम नहीं हो रहा। आवारा पशुओं के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। बंदरों के आतंक से आमजन परेशान है। ऊर्जा निगम घरों व किसानों के ट्यूबवेल पर स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जा रहे हैं। इसके बाद भी किसानाें को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। कई गांवों में चकबंदी का कार्य पूरा नहीं हो रहा। इससे किसानों की खतौनी नहीं बन रही और उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अरब सिंह ने चेतावनी दी कि जब तक किसानाें की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। किसान अपने साथ खाट व गद्दा आदि के अलावा खाने-पीने का सामान साथ लेकर आए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता चल रही है लेकिन अभी किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। कई विभाग के अधिकारी भी किसानों को मनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह 15 अगस्त भी कलक्ट्रेट में ही मनाएंगे। इस दौरान कैप्टन विशन सिंह, चौ. गजेंद्र सिंह, पिंटू प्रमुख, तेजवीर सिंह, हरीश लोधी, लीलू प्रधान, आलोक चौधरी, मौन्टू चौधरी, वीरेंद्र यादव और भूपेंद्र सिंह समेत सैकड़ों किसान शामिल रहे।
जाम से जूझते रहे लोग
कलक्ट्रेट में किसान बुधवार करीब डेढ़ बजे पहुंच गए। उनके ट्रैक्टर खड़े होने के कारण कलक्ट्रेट और कालाआम से आने-जाने वाले सभी मार्ग जाम हो गए। अंसारी रोड मार्ग, शिकारपुर बाईपास मार्ग, भूड़ रोड, डीएम रोड, चांदपुर रोड, लल्ला बाबू चौराहा मार्ग, काली नदी रोड, अस्पताल रोड समेत सभी मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने वाहनों को निकलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन बात नहीं बन सकी।
विज्ञापन
किसान भूड़ चौराहे, स्याना अड्डा चौराहे, गुलावठी तिराहे, तहसील तिराहे, खुर्जा रोड, मामन रोड, काली नदी रोड और शिकारपुर बाईपास से शहर की ओर 100 से अधिक ट्रैक्टरों से कलक्ट्रेट पहुंचे। उनके उग्र रूप को देखते हुए 10 मिनट में ही कलक्ट्रेट का गेट खोल दिया गया। गुस्साए किसान कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के पास धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। किसानों के गुस्से को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर उनकी समस्याएं सुनीं। जाम के कारण अधिकारी व कर्मचारी वाहन लेकर कलक्ट्रेट से बाहर नहीं निकल सके।
विज्ञापन
भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर करीब 70 करोड़ रुपये बकाया है। किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। जिले में नकली पेस्टीसाइट धड़ल्ले से बिक रहा है। कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसानों को सरकारी कार्यालयों में अपने काम के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है। इसके बाद भी काम नहीं हो रहा। आवारा पशुओं के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। बंदरों के आतंक से आमजन परेशान है। ऊर्जा निगम घरों व किसानों के ट्यूबवेल पर स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जा रहे हैं। इसके बाद भी किसानाें को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। कई गांवों में चकबंदी का कार्य पूरा नहीं हो रहा। इससे किसानों की खतौनी नहीं बन रही और उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अरब सिंह ने चेतावनी दी कि जब तक किसानाें की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। किसान अपने साथ खाट व गद्दा आदि के अलावा खाने-पीने का सामान साथ लेकर आए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता चल रही है लेकिन अभी किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। कई विभाग के अधिकारी भी किसानों को मनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह 15 अगस्त भी कलक्ट्रेट में ही मनाएंगे। इस दौरान कैप्टन विशन सिंह, चौ. गजेंद्र सिंह, पिंटू प्रमुख, तेजवीर सिंह, हरीश लोधी, लीलू प्रधान, आलोक चौधरी, मौन्टू चौधरी, वीरेंद्र यादव और भूपेंद्र सिंह समेत सैकड़ों किसान शामिल रहे।
जाम से जूझते रहे लोग
कलक्ट्रेट में किसान बुधवार करीब डेढ़ बजे पहुंच गए। उनके ट्रैक्टर खड़े होने के कारण कलक्ट्रेट और कालाआम से आने-जाने वाले सभी मार्ग जाम हो गए। अंसारी रोड मार्ग, शिकारपुर बाईपास मार्ग, भूड़ रोड, डीएम रोड, चांदपुर रोड, लल्ला बाबू चौराहा मार्ग, काली नदी रोड, अस्पताल रोड समेत सभी मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने वाहनों को निकलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन बात नहीं बन सकी।