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कृषि कानूनों का पड़ेगा दुष्प्रभाव : किसान सभा
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शिकारपुर क्षेत्र के गांव दरवेशपुर में बैठक में भाग लेते किसान।
- फोटो : BULANDSHAHR
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कृषि कानूनों का पड़ेगा दुष्प्रभाव: किसान सभा
शिकारपुर। कृषि कानूनों के लागू होने पर गरीब किसान, खेतिहर मजदूर, व्यापारी और आम उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित होगा। कृषि कानून खेती पर पूंजीपतियों का कब्जा कराने का षड्यंत्र है। यह बात किसान सभा की बैठक में कामरेड डीपी सिंह ने कही।
किसान सभा के बैनर तले एक बैठक मंगलवार को दरवेशपुर गांव में आयोजित की गई। बैठक में मामऊ, दरवेशपुर, बोहिच, महमूदपुर, नगला फत्तापुर, हातमपुर, मीरापुर, ढ़ूंसरी, नगला बीसर, रिवाड़ा, धामनी, हजरतपुर आदि गांवों के किसान मजदूरों ने भाग लिया। गाजीपुर बॉर्डर संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य व किसान सभा के नेता कामरेड डीपी सिंह ने कहा कि मोदी सरकार खेती को बर्बाद करने पर तुली हुई है। इन कानूनों के लागू होने से सरकारी मंडियां समाप्त हो जाएंगी। किसान फसलों की बिक्री के लिए बड़ी कंपनियों का मोहताज हो जाएगा। किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव चंद्रपाल सिंह ने कहा कि बीज, खाद, कीटनाशक कंपनी की मर्जी से उन्हीं के रेट में खरीदने होंगे। जब तक सरकार इन काले क़ानूनों को वापस नहीं लेती हैं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पंचायत को किसान सभा के क्षेत्रीय सचिव जयभगवान शर्मा, बच्चू सिंह, साबिर, वीरेंद्र लौर, ज्ञानेंद्र, पवनेश, टीटू, मूलचंद त्यागी, इंद्रजीत यादब, भूरा शर्मा, सुंदर, रमेशचंद्र शर्मा, लक्ष्मी, विनोद आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता होशियार सिंह व रामभूल यादव ने संयुक्त रूप से की। संचालन जयभगवान शर्मा ने किया।
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शिकारपुर। कृषि कानूनों के लागू होने पर गरीब किसान, खेतिहर मजदूर, व्यापारी और आम उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित होगा। कृषि कानून खेती पर पूंजीपतियों का कब्जा कराने का षड्यंत्र है। यह बात किसान सभा की बैठक में कामरेड डीपी सिंह ने कही।
किसान सभा के बैनर तले एक बैठक मंगलवार को दरवेशपुर गांव में आयोजित की गई। बैठक में मामऊ, दरवेशपुर, बोहिच, महमूदपुर, नगला फत्तापुर, हातमपुर, मीरापुर, ढ़ूंसरी, नगला बीसर, रिवाड़ा, धामनी, हजरतपुर आदि गांवों के किसान मजदूरों ने भाग लिया। गाजीपुर बॉर्डर संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य व किसान सभा के नेता कामरेड डीपी सिंह ने कहा कि मोदी सरकार खेती को बर्बाद करने पर तुली हुई है। इन कानूनों के लागू होने से सरकारी मंडियां समाप्त हो जाएंगी। किसान फसलों की बिक्री के लिए बड़ी कंपनियों का मोहताज हो जाएगा। किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव चंद्रपाल सिंह ने कहा कि बीज, खाद, कीटनाशक कंपनी की मर्जी से उन्हीं के रेट में खरीदने होंगे। जब तक सरकार इन काले क़ानूनों को वापस नहीं लेती हैं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पंचायत को किसान सभा के क्षेत्रीय सचिव जयभगवान शर्मा, बच्चू सिंह, साबिर, वीरेंद्र लौर, ज्ञानेंद्र, पवनेश, टीटू, मूलचंद त्यागी, इंद्रजीत यादब, भूरा शर्मा, सुंदर, रमेशचंद्र शर्मा, लक्ष्मी, विनोद आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता होशियार सिंह व रामभूल यादव ने संयुक्त रूप से की। संचालन जयभगवान शर्मा ने किया।
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