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शनिवार से नेत्र विभाग की ओपीडी भी हो जाएगी बंद
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शनिवार से नेत्र विभाग की ओपीडी भी हो जाएगी बंद
बुलंदशहर। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की ओपीडी भी बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। सर्जन और ऑप्टोमेट्रिस्ट के स्थानांतरण के बाद ओटी कई दिन पहले ही बंद हो चुकी है। ओपीडी के लिए एक ऑप्टोमेट्रिस्ट को अटैच किया गया था, वह शुक्रवार के बाद अपने मूल तैनाती स्थल पर लौट जाएंगे। आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए तो मरीज भटक ही रहे थे, ओपीडी भी बंद होने से समस्या और गहरा जाएगी।
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में तीन सर्जन और एक ऑप्टोमेट्रिस्ट की तैनाती थी। एक सर्जन सेवानिवृत्त हो गए, दूसरे काफी समय से मेडिकल अवकाश पर थे, तीसरे सर्जन का तबादला दूसरे जनपद में कर दिया गया। इसके बाद नेत्र रोगियों के ऑपरेशन बंद हो गए। विभाग के एकमात्र ऑप्टोमेट्रिस्ट का भी तबादला कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मालागढ़ स्वास्थ्य केंद्र के ऑप्टोमेट्रिस्ट को जिला अस्पताल में अटैच कर दिया था। वह शुक्रवार तक जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में ओपीडी करेंगे। शनिवार को यह अपने मूल तैनाती स्थल पर चले जाएंगे। इसके बाद शनिवार से नेत्र रोगियों को उपचार नहीं मिल सकेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शनिवार तक चिकित्सक मिलने की संभावना है।
आंखों के प्रतिदिन होते थे 10 से 15 ऑपरेशन
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की ओटी में प्रतिदिन 10 से 15 लोगों की आंखों के ऑपरेशन होते थे। जिला अस्पताल में जहां एक रुपये के पर्चे पर निशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था है, अब आम लोगों को निजी अस्पताल में 15 से 25 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ेंगे।
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ईसीजी की सेवा एक सप्ताह से पड़ी बंद
नेत्र विभाग के साथ जिला अस्पताल में ईसीजी की सेवा भी एक सप्ताह से बंद पड़ी है। इसके चलते मरीजों को निजी केंद्र पर जाकर महंगी रकम खर्च कर जांच करानी पड़ रही है।
बोले मरीज
आंखों में परेशानी होने पर उपचार कराने के लिए आई थी। पिछले कई दिनों से सर्जन नहीं मिल रहे। अब पता चला कि उनका स्थानांतरण हो गया है। - जेवती, अढ़ौली निवासी
पत्नी की आंख में परेशानी है। अस्पताल में एक भी नेत्र चिकित्सक न मिलने पर बैरंग लौटना पड़ रहा है। - रविकुमार, जीवनपुरा निवासी
आंख में परेशानी होने पर चिकित्सक ने जांच कराने की सलाह दी थी। जांच के बाद कई दिनों से अस्पताल के चक्कर लगा रहा हूं। चिकित्सक नहीं मिल रहे और न ही ओटी संचालित हो रही है। - रामेश्वर, अनूपशहर निवासी
नेत्र सर्जन और ऑप्टोमेट्रिस्ट का अन्य जनपद में स्थानांतरण हो चुका है। उनके स्थान पर अन्य विशेषज्ञ को तैनाती दिलाए जाने की मांग की गई है। उम्मीद है जल्द सर्जन और ऑप्टोमेट्रिस्ट की नियुक्ति मिल जाएगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस, जिला अस्पताल
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की ओपीडी भी बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। सर्जन और ऑप्टोमेट्रिस्ट के स्थानांतरण के बाद ओटी कई दिन पहले ही बंद हो चुकी है। ओपीडी के लिए एक ऑप्टोमेट्रिस्ट को अटैच किया गया था, वह शुक्रवार के बाद अपने मूल तैनाती स्थल पर लौट जाएंगे। आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए तो मरीज भटक ही रहे थे, ओपीडी भी बंद होने से समस्या और गहरा जाएगी।
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में तीन सर्जन और एक ऑप्टोमेट्रिस्ट की तैनाती थी। एक सर्जन सेवानिवृत्त हो गए, दूसरे काफी समय से मेडिकल अवकाश पर थे, तीसरे सर्जन का तबादला दूसरे जनपद में कर दिया गया। इसके बाद नेत्र रोगियों के ऑपरेशन बंद हो गए। विभाग के एकमात्र ऑप्टोमेट्रिस्ट का भी तबादला कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मालागढ़ स्वास्थ्य केंद्र के ऑप्टोमेट्रिस्ट को जिला अस्पताल में अटैच कर दिया था। वह शुक्रवार तक जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में ओपीडी करेंगे। शनिवार को यह अपने मूल तैनाती स्थल पर चले जाएंगे। इसके बाद शनिवार से नेत्र रोगियों को उपचार नहीं मिल सकेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शनिवार तक चिकित्सक मिलने की संभावना है।
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आंखों के प्रतिदिन होते थे 10 से 15 ऑपरेशन
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की ओटी में प्रतिदिन 10 से 15 लोगों की आंखों के ऑपरेशन होते थे। जिला अस्पताल में जहां एक रुपये के पर्चे पर निशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था है, अब आम लोगों को निजी अस्पताल में 15 से 25 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ेंगे।
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ईसीजी की सेवा एक सप्ताह से पड़ी बंद
नेत्र विभाग के साथ जिला अस्पताल में ईसीजी की सेवा भी एक सप्ताह से बंद पड़ी है। इसके चलते मरीजों को निजी केंद्र पर जाकर महंगी रकम खर्च कर जांच करानी पड़ रही है।
बोले मरीज
आंखों में परेशानी होने पर उपचार कराने के लिए आई थी। पिछले कई दिनों से सर्जन नहीं मिल रहे। अब पता चला कि उनका स्थानांतरण हो गया है। - जेवती, अढ़ौली निवासी
पत्नी की आंख में परेशानी है। अस्पताल में एक भी नेत्र चिकित्सक न मिलने पर बैरंग लौटना पड़ रहा है। - रविकुमार, जीवनपुरा निवासी
आंख में परेशानी होने पर चिकित्सक ने जांच कराने की सलाह दी थी। जांच के बाद कई दिनों से अस्पताल के चक्कर लगा रहा हूं। चिकित्सक नहीं मिल रहे और न ही ओटी संचालित हो रही है। - रामेश्वर, अनूपशहर निवासी
नेत्र सर्जन और ऑप्टोमेट्रिस्ट का अन्य जनपद में स्थानांतरण हो चुका है। उनके स्थान पर अन्य विशेषज्ञ को तैनाती दिलाए जाने की मांग की गई है। उम्मीद है जल्द सर्जन और ऑप्टोमेट्रिस्ट की नियुक्ति मिल जाएगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस, जिला अस्पताल