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डेढ़ माह बाद शुरू हुई ओपीडी
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जिला अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार करते मरीज।
- फोटो : BULANDSHAHR
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डेढ़ माह बाद शुरू हुई ओपीडी
बुलंदशहर। कोरोना महामारी के कारण बंद पड़ी जिला अस्पताल की ओपीडी शुक्रवार को करीब डेढ़ माह बाद दोबारा से शुरू की गई। इस दौरान तीन सौ से अधिक मरीजों ने अस्पताल में पहुंचकर चिकित्सकों से परामर्श लिया। अगले सप्ताह से सीएचसी-पीएचसी पर भी ओपीडी सेवाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
16 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की बढ़ती गति को रोकने के लिए जिला अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई थीं। जिसके चलते प्रतिदिन अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले डेढ़ हजार से अधिक मरीजों को परेशानी हुई थी। अब संक्रमण की रफ्तार कम होने पर विभाग ने ओपीडी सेवाएं दोबारा से संचालित कर दी हैं। शुक्रवार को ओपीडी सेवाएं शुरू की गई तो कुल 326 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। बताते चलें कि ईएनटी और नेत्र विभाग की ओपीडी सेवाएं पहले ही संचालित की जा चुकी हैं। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक शुरू की गई ओपीडी सेवाओं के साथ आने वाले मरीजों की खून की जांच, एक्सरे समेत अन्य सेवाएं भी पूर्व की भांति संचालित की गईं। इससे पहले ओपीडी परिसर को सैनिटाइज कराते हुए ओपीडी सेवा चालू की गई। खुर्जा स्थित जटिया अस्पताल में कोविड मरीजों को भर्ती करना जारी रहेगा। अभी अस्पताल में सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी सेवा शुरू करने की कोई योजना स्वास्थ्य विभाग ने नहीं बनाई है।
सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य गाइडलाइन का पालन जरूरी
सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद के मुताबिक, अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज और उनके तीमारदारों को कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। उपचार के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज और तीमारदार को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही पर्चा बनवाने, चिकित्सक से परामर्श के दौरान और दवाई लेने के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
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निजी अस्पतालों में भी भर्ती हो सकेंगे मरीज
कोविड हॉस्पिटल बनाए गए निजी अस्पतालों को भी अब अन्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती करने के लिए छूट मिलेगी। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को लिखित प्रार्थना पत्र सीएमओ को देना होगा साथ ही यह भी तय करना होगा कि आवश्यकता पर तत्काल अस्पताल को दोबारा कोविड अस्पताल बनाया जा सकेगा, जिसके बाद ही उन्हें अन्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती करने की छूट मिलेगी।
तीसरी लहर के लिए तैयार है विभाग : डॉ. रोहताश
एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि विभाग कोरोना की तीसरी लहर के लिए पूरी तरह से तैयार है। अगले सप्ताह से सभी सीएचसी-पीएचसी पर ओपीडी सेवाएं संचालित करने की तैयारी है, जबकि निजी अस्पतालों के प्रार्थना पत्र के आधार पर उन्हें अन्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती करने की छूट दी जाएगी।
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बुलंदशहर। कोरोना महामारी के कारण बंद पड़ी जिला अस्पताल की ओपीडी शुक्रवार को करीब डेढ़ माह बाद दोबारा से शुरू की गई। इस दौरान तीन सौ से अधिक मरीजों ने अस्पताल में पहुंचकर चिकित्सकों से परामर्श लिया। अगले सप्ताह से सीएचसी-पीएचसी पर भी ओपीडी सेवाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
16 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की बढ़ती गति को रोकने के लिए जिला अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई थीं। जिसके चलते प्रतिदिन अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले डेढ़ हजार से अधिक मरीजों को परेशानी हुई थी। अब संक्रमण की रफ्तार कम होने पर विभाग ने ओपीडी सेवाएं दोबारा से संचालित कर दी हैं। शुक्रवार को ओपीडी सेवाएं शुरू की गई तो कुल 326 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। बताते चलें कि ईएनटी और नेत्र विभाग की ओपीडी सेवाएं पहले ही संचालित की जा चुकी हैं। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक शुरू की गई ओपीडी सेवाओं के साथ आने वाले मरीजों की खून की जांच, एक्सरे समेत अन्य सेवाएं भी पूर्व की भांति संचालित की गईं। इससे पहले ओपीडी परिसर को सैनिटाइज कराते हुए ओपीडी सेवा चालू की गई। खुर्जा स्थित जटिया अस्पताल में कोविड मरीजों को भर्ती करना जारी रहेगा। अभी अस्पताल में सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी सेवा शुरू करने की कोई योजना स्वास्थ्य विभाग ने नहीं बनाई है।
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सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य गाइडलाइन का पालन जरूरी
सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद के मुताबिक, अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज और उनके तीमारदारों को कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। उपचार के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज और तीमारदार को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही पर्चा बनवाने, चिकित्सक से परामर्श के दौरान और दवाई लेने के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
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निजी अस्पतालों में भी भर्ती हो सकेंगे मरीज
कोविड हॉस्पिटल बनाए गए निजी अस्पतालों को भी अब अन्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती करने के लिए छूट मिलेगी। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को लिखित प्रार्थना पत्र सीएमओ को देना होगा साथ ही यह भी तय करना होगा कि आवश्यकता पर तत्काल अस्पताल को दोबारा कोविड अस्पताल बनाया जा सकेगा, जिसके बाद ही उन्हें अन्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती करने की छूट मिलेगी।
तीसरी लहर के लिए तैयार है विभाग : डॉ. रोहताश
एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि विभाग कोरोना की तीसरी लहर के लिए पूरी तरह से तैयार है। अगले सप्ताह से सभी सीएचसी-पीएचसी पर ओपीडी सेवाएं संचालित करने की तैयारी है, जबकि निजी अस्पतालों के प्रार्थना पत्र के आधार पर उन्हें अन्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती करने की छूट दी जाएगी।