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बेहिसाब ट्रांजेक्शन पर बैंक खाते फ्रीज

Sun, 11 Dec 2016 10:56 PM IST
शाहनवाज चौधरी /बुलंदशहर
शाहनवाज चौधरी /बुलंदशहर Updated Sun, 11 Dec 2016 10:56 PM IST
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Unaccounted transactions freeze on bank accounts
बैंक

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बेहिसाब ट्रांजेक्शन पर बैंकों ने सैकड़ों खाते फ्रीज कर दिए हैं। आठ नवंबर के बाद जिन बैंक एकाउंट में लिमिट से अधिक धनराशि डाली गई थी,उन बैंक खातों पर आयकर अफसरों के आदेश पर कार्रवाई की गई है। एकाएक बैंक एकाउंटस फ्रीज होने के बाद बैंक ग्राहकों में हड़कंप मचा है।

जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की 256 शाखाएं हैं और साढ़े 15 लाख उपभोक्ता इन बैंक शाखाओं से जुड़े हुए हैं। आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने देश के नाम संदेश में 500-1000 रुपये के नोट चलन से बाहर करने का आदेश दिया था। तब से अब तक कुछ बैंक खातों में बेहिसाब ट्रांजेक्शन की गई। करंट एकाउंट्स में धन अधिक ट्रांसफर किया गया।
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बैकिंग सूत्रों ने बताया कि खाताधारकों का बाजार में रुपया उधार पड़ा हुआ था। नोट बंदी के बाद ऐसे खाताधारकों के करंट एकाउंटस में उधारी चुकाने के लिए धड़ाधड धन ट्रांसफर किए गए। आवास विकास निवासी सुशील कुमार का पीएनबी में करंट एकाउंट है। दो दिन पहले सुशील करंट एकाउंट से रुपये निकालने के लिए बैंक में पहुंचे थे।
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उन्होंने कैश काउंटर पर विड्राल फार्म जमा किया। कैशियर ने उनको बताया कि आप के खाते में ट्रांजेक्शन पर रोक लगी हुई है। ऐसे में आप न रुपये निकाल पाएंगे और न ही रुपये जमा कर सकेंगे। यह सुनकर सुशील के होश उड़ गए। संजय निवासी डीएम रोड का आईडीबीआई में खाता है। उनका खाता भी फ्रिज कर दिया गया है।

इलाहाबाद, एक्सिस, एचडीएफसी, ओबीसी, एसबीआई, सिंडिकेट, बैंक ऑफ आंध्रा आदि में करंट एकाउंटस में ट्रांजेक्शन रोक लगा दी गई। दिलचस्प बात यह है कि मामला आसकर से जुड़ा होने के कारण बैंक और आयकर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

आयकर अफसरों का कहना है कि ऐसे मामले नोएडा और गाजियाबाद के आयकर अफसर डील करते हैं। इसलिए उनको इस संबंध में पक्की जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने खाते फ्रीज होना स्वीकार किया।

50 हजार से अधिक वाले जनधन खाते फ्रीज
 जिन जनधन बैंक खातों में 50 हजार से अधिक धनराशि जमा की गई है उन सभी एकाउंटस को फ्रीज कर दिया गया है। ऐसे जनधन खातों की संख्या हजारों में बताई जा रही है।
लीड बैंक अफसर सताल मेहता ने बताया कि जनधन खातों में रुपये जमा करने की लिमिट 50 हजार रुपये है।

नोट बंदी के बाद 5.42 लाख जनधन एकाउंटस में 476 करोड़ रुपये जमा कर दिया गया। हजारों जनधन खातों में 50 हजार से अधिक जमा किया गया। ऐसे सभी जनधन खातों को फ्रीज कर दिया गया है। एकाएक फ्रीजिंग की कार्रवाई होने से जनधन एकाउंट होल्डर्स में हड़कंप मचा हुआ है।

एलडीएम सतपाल मेहता ने बताया कि जवाब देने के बाद ही ऐसे जनधन खातों में ट्रांजेक्शन की अनुमति मिलेगी।

इलाहाबाद बैंक के 57 खातों में लेनदेन पर रेक
इलाहाबाद बैंक के कई खातों पर लेनदेन पर पूरी तरह से रोक लग गई हैं। ऐसे खातेधारक अब अपने खातों में न तो कोई धनराशि जमा कर पाएंगे और न ही जमा धनराशि को निकाल पाएंगे। सूत्रों के अनुसार 57 खातों पर रोक लगाई गई है।

इस बारे में बैंक मैनेजर राजवीर सिंह का कहना है कि ऐसे खाते ऊपर से सीज किए गए हैं जिन्होंने कभी लेनदेन नहीं किया लेकिन वर्तमान में मोटी धनराशि डालने के बाद मनी ट्रांसफर की है।

नोटबंदी के दौरान जिन खातों में एकाएक धन पहुंचा उनपर कार्रवाई की गई है। ऐसे बैंक एकाउंट कितने हें इसका जानकारी नहीं है। ऐसे खाते सैकड़ों में होने की उम्मीद है। -सतपाल मेहता, लीड बैंक मैनेजर

 

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