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कोर्ट ने गुर्दा चोरी की झूठी रिपोर्ट पर लगाया जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 24 Oct 2016 11:40 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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जिले के बहुचर्चित गुर्दा चोरी मामले में अब अदालत ने मरीज पर जुर्माना ठोका है। डॉक्टर पर मरीज द्वारा लगाया गया आरोप बहुत पहले ही फर्जी साबित हो चुका था। डॉक्टर द्वारा मरीज पर दायर मानहानी के मामले में कोर्ट ने 12 साल बाद फैसला सुनाया है।
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अधिवक्ता मदन मोहन गर्ग ने बताया कि क्षेत्र के गांव कौराला निवासी तस्लीम पत्नी मीनुद्दीन का बायां गुर्दा खराब होने के कारण उसे 30 सितंबर 2004 को नगर के मोहन अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल में ऑपरेशन कर गुर्दा निकाल दिया गया था और छह अक्तू बर को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था।
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इसके कुछ दिनों बाद मीनुद्दीन ग्रामीणों के साथ अस्पताल पहुंचा और आरोप लगाया कि पेट की गांठ निकालने के बहाने डॉक्टरों ने धोखे से तस्लीम का गुर्दा निकालकर बेच दिया। मामले में काफी हंगामा होने के बाद नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। डॉक्टर द्वारा तमाम साक्ष्य और निकाला गया गुर्दा फोर्मलिन में सुरक्षित होने के कारण पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी थी।
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बाद में कोर्ट से धारा 156 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में अदालत के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद मामला निरस्त कर दिया था। इसके बाद मोहन अस्पताल के संचालक द्वारा मरीज के खिलाफ जिला न्यायालय में मानहानि का केस दर्ज कराया गया था।