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पोस्टमार्टम के बाद ‘पता’ चला, वो बारहसिंगा था
अमर उजाला ब्यूरो, बुगरासी
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:43 PM IST
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तस्करों ने दुर्लभ बारहसिंगा का किया शिकार
- फोटो : अमर उजाला
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वन विभाग के अधिकारी निजामपुर-बसीबांगर में जंगल में जिसे पहाड़ी जानवर बताते हुए उसे कुत्ता का शिकार बता रहे थे, वही पोस्टमॉर्टम के बाद उसे बारहसिंगा बताने लगे। चिकित्सक की रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद उन्होंने बताया कि उसकी हत्या धारदार हथियार से बताई है।
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बता दें कि मंगलवार रात अज्ञात तस्करों ने निजामपुर-बसीबांगर के जंगल में दुर्लभ प्रजाति के बारहसिंगा का शिकार किया था। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचने पर तस्कर बारहसिंगा का शव छोड़कर भाग गए थे।
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बारहसिंगा के मरने के बाद वन रक्षक सुरेंद्र भाटी और डिप्टी रेंजर प्रेमपाल सिंह तस्करों के बचाव में उतर आए थे। मामला मीडिया में आने पर वन अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं।
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बारहसिंगा का बृहस्पतिवार सुबह ऊंचागांव पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप ने बताया कि बारहसिंगा को कई स्थानों से धारदार हथियारों से काटा गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद वन रक्षक सुरेंद्र भाटी ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सुरेंद्र भाटी बारहसिंगा के विषय में पूछे जाने पर झल्ला रहे हैं वहीं डिप्टी रेंजर ने सवालों से बचने के लिए अपना मोबाइल ही स्विच ऑफ कर दिया है।
वन विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार पर आमादा हैं। वन्य जीवों के रक्षक ही भक्षक बन बैठे हैं। जिन्हें तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए, वही तस्करों को बचा रहे हैं। यह निंदनीय है। - गौरी मोलेखी, ट्रस्टी पीपल फॉर एनिमल (मेनका गांधी की संस्था)