{"_id":"58a5ec5f4f1c1b1d5cd84ac6","slug":"son-to-father-seven-years-imprisonment-in-the-murder-attempt","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुत्र पर जानलेवा हमले में पिता को सात साल कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुत्र पर जानलेवा हमले में पिता को सात साल कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 16 Feb 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
jail shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संपत्ति के बंटवारे के विवाद में पिता द्वारा पुत्र पर जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायाधीश ने दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि पीड़ित के भाई को न्यायाधीश ने बरी कर दिया। यह निर्णय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश अनूपशहर उमेश कुमार सिंह की कोर्ट ने दिया है।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जुगेंद्र सिंह सेजवार ने बताया कि पांच नवंबर 2013 को नरौरा थाना क्षेत्र के गांव निवाड़ी बांगर निवासी गुड्डी पत्नी अशोक कुमार ने नरौरा थाने में अपने सुसर व देवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। वादिया ने रिपोर्ट में बताया था कि उसके पति अशोक कुमार का अपने पिता जवाहरलाल व छोटे भाई कृष्णा से संपत्ति बंटवारे का विवाद चल रहा था।
विज्ञापन
रंजिश की वजह से पांच नवंबर की सुबह करीब 7.30 बजे सुसर जवाहर व देवर कृष्णा व उसकी पत्नी ने घेरकर गाली गलौंच शुरू कर दी। सुसर जवाहरलाल ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से पति अशोक कुमार को जानबूझकर गोली मारी। जिससे अशोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने जवाहरलाल और कृष्णा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
विज्ञापन
साथ ही विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी। एडीजे कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाह व सबूत पेश किए गए। जिसके बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई। बस को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सुसर जवाहरलाल को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया जबकि वादिया के देवर कृष्णा को बरी कर दिया।