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अफसरों के वेतन से होगी रिकवरी
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Wed, 04 Jan 2017 11:28 PM IST
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घोटाला
- फोटो : ब्यूरो
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पावर कारपोरेशन में आए दिन हो रहे घोटालों को रोकने के लिए अफसरों ने अब रिकवरी के लिए सख्ती शुरू कर दी है। घोटालों के बाद निलंबन और एफआईआर की कार्रवाई कराके बच निकलने वाले अफसरों की जवाबदेही अब तय की गई है। चीफ इंजीनियर ने घोटाले की रिकवरी संबंधित एक्सईएन-एकाउंटेंट के वेतन से करने के आदेश दिए हैं।
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रिकवरी करने के आदेश एसई को दिए हैं। स्याना के पवसरा बिजलीघर पर तैनात टीजीटू मनोज कुमार को जारी रसीद बुकों पर करीब 17 लाख रुपये का गबन कर लिया गया। मामला खुलने पर टीजीटू को सस्पेंड कर एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके अलावा ककोड़ उपखंड में तैनात बाबू पंकज कुमार पर पीडी के नाम पर 75 लाख रुपये के घोटाले का आरोप है।
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बाबू को सस्पेंड कर कोतवाली में तहरीर दी गई, हालांकि अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इसके अलावा डिबाई खंड में तैनात कैशियर विजयप्रताप ने करीब 88 लाख रुपये के विभागीय राजस्व का गबन कर लिया। कैशियर को निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराई गई।
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इसके अलावा डिबाई में ही तैनात रहे कैशियर विनीत कुमार पर करीब 37 लाख रुपये के विभागीय राजस्व गबन का आरोप लगा। वर्तमान में बाबू सहारनपुर में तैनात है। एसई द्वारा आरोपी बाबू के खिलाफ चार्जशीट जारी कर निलंबन की संस्तुति की गई, हालांकि अभी तक वह निलंबित नहीं हुआ है।
सभी मामलों में संबंधित एक्सईएन ने निलंबन और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई कर इतिश्री कर ली। अब चीफ इंजीनियर ने सभी फर्जीवाड़ों को गंभीरता से लेते हुए रिकवरी के आदेश दिए हैं।
चीफ इंजीनियर एसके गुप्ता ने एसई को जारी आदेशों में कहा गया है कि जहां विभागीय राजस्व का गबन हुआ है, वहां के संबंधित एक्सईएन और एकाउंटेंट के वेतन से रिकवरी की जाए।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चीफ इंजीनियर के आदेश मिल चुके हैं। जिन खंड में गबन हुआ है, उनके एक्सईएन को जल्द रिकवरी करने के आदेश दिए जा रहे हैं। यदि तय समय में आरोपी कर्मियों से रिकवरी नहीं हुई तो चीफ इंजीनियर के आदेशों का अनुपालन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित एक्सईएन की होगी। - राजेश सिंह, अधीक्षण अभियंता