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फर्जी दस्तावेजों पर नगर पालिका में पा ली नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:12 PM IST
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फर्जी दस्तावेज
- फोटो : ब्यूरो
कोतवाली देहात क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज पर नगर पालिका में पंप चालक की नौकरी पा ली। सूचना के अधिकार कानून के तहत खुलासा हुआ कि पंप ड्राइवर के शैक्षिक दस्तावेज फर्जी हैं। पालिका अधिकारियों ने उसे नौकरी से तो निकाल दिया, लेकिन उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई।
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आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर नगर कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली देहात के गांव मैथना जगतपुर निवासी नीरज (35) ने सीजेएम कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह एक आरटीआई कार्यकर्ता है।
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तीन अक्टूबर 2012 को सूचना के अधिकार के तहत अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बुलंदशहर द्वारा अवगत कराया गया था कि जगत स्वरूप शर्मा पुत्र रामफल शर्मा निवासी मैथना जगतपुर में पंप ड्राइवर के पद पर कार्यरत है। उसकी नियुक्ति बीए इलेक्ट्रीशियन आईटीआई से प्रशिक्षु(अप्रेटिंस) किए जाने के लिए 25 मार्च 1982 को पंजीकरण हुआ था।
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उस समय सभी प्रमाण पत्रों की जांच करा ली गई थी जो बाद में फर्जी पाए गए है। नगर कोतवाल राजवर्धन गौड़ ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर जगत स्वरूप के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।