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खुर्जा एक्सईएन पर गिरी गाज, वेतन रोका
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
Updated Fri, 14 Apr 2017 11:23 PM IST
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पेंशन फर्जीवाड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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पेंशनर्स को लाखों रुपये अतिरिक्त पेंशन बांटने के आरोपी अफसरों और बाबुओं को बचाने में जुटे एक्सईएन पर कार्रवाई की गई है। चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन का वेतन रोकने के साथ ही एसई से स्पष्टीकरण तलब किया है। एसई को स्वयं के स्तर से आरोपी अफसर-बाबुओं की लिस्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
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पावर कारपोरेशन के खुर्जा खंड में पेंशनर्स को करीब 97 लाख रुपये की अतिरिक्त पेंशन बांट दी गई थी। मामला खुला तो कारपोरेशन में बुलंदशहर से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। कारपोरेशन अफसरों ने पेंशनर्स से रिकवरी के प्रयास किए, लेकिन महज 10 से 15 लाख रुपये की रिकवरी ही हो सकी।
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इसके बाद पेंशनरों की पेंशन रोक दी गई, जिसके बाद पेंशनर्स हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट के आदेश पर पेंशनर्स की पेंशन दोबारा चालू कर दी गई। चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन खुर्जा से फर्जीवाड़े के कार्यकाल के दौरान तैनात रहे दोषी अफसरों, बाबुओं और अकाउंटेंट के नाम सौंपने के आदेश दिए थे, लेकिन चीफ इंजीनियर तक यह सूची आज तक नहीं पहुंची।
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फर्जीवाड़े की जांच दबा रहे एक्सईएन को फटकार
फर्जीवाड़े की जांच को दबाए बैठे एक्सईएन को चीफ ने कड़ी फटकार लगाते हुए पत्र लिखा है। जांच अधिकारी एक्सईएन टेस्ट को जल्द जांच पूरी करने के आदेश देते हुए एक्सईएन सिकंदराबाद को फर्जीवाड़े में लाभ लेने वाले 349 उपभोक्ताओं के खिलाफ सेक्शन पांच के तहत जल्द कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
सिकंदराबाद के ककोड़ उपखंड में पीडी के नाम पर करीब 75 लाख रुपये के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। एसडीओ ककोड़ की रिपोर्ट पर तत्कालीन अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा ने आरोपी बाबू पंकज कुमार को निलंबित कर जांच के आदेश दिए थे। चीफ के निर्देश पर एक्सईएन टेस्ट वीके शर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था।
एक्सईएन टेस्ट को जांच सौंपे हुए करीब छह माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। एक्सईएन टेस्ट वीके शर्मा ने कहा कि राजस्व वसूली और चेकिंग अभियान में व्यस्तता के कारण जांच में देरी हुई है।
वहीं अधीक्षण अभियंता ओपी यादव ने कहा कि चीफ के निर्देश पर जांच अधिकारी को जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। समय से जांच रिपोर्ट नहीं देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मेरे द्वारा पूर्व में ही लिस्ट अधीक्षण अभियंता को सौंप दी गई थी। अधीक्षण अभियंता का तबादला होने के कारण हो सकता है कि लिस्ट चीफ इंजीनियर तक नहीं पहुंच सकी हो। आरोपी अफसर-बाबुओं के नामों की लिस्ट को दोबारा भेज दिया जाएगा। - रामबाबू, एक्सईएन
चीफ के आदेश मिल चुके हैं। फर्जीवाड़ा मेरे कार्यकाल से पहले का है। मैं संबंधित एक्सईएन से इस बाबत रिपोर्ट तलब कर चीफ इंजीनियर को भेजूंगा। पूरे मामले की रिपोर्ट जल्द ही चीफ इंजीनियर को भेज दी जाएगी। - संजीव राना, अधीक्षण अभियंता