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‘डस्टबिन’ में रिचार्ज योजना गर्मी में कैसे बुझेगी प्यास
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:35 AM IST
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cold watere
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गरीबोें के लिए इस बार गर्मी आफत बनकर आएगी। आलम यह है कि भीषण जलदोहन के चलते डार्क ब्लाकों की संख्या अब छह से बढ़कर 10 तक पहुंच गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिले के अफसरों की ओर से भेजी गई रिचार्ज योजना को भी अधिकारियों ने डस्टबिन के हवाले कर दिया।
जिले में सात ब्लॉक क्रिटिकल और तीन ब्लाक सेमी क्रिटिकल हैं। सात ब्लाको में पानी मानदंड से बेहद नीचे पहुंच चुका है। हालात इतने नाजुक हैं कि क्रिटिकल सात ब्लाकों में किसानों को नलकूप का कनेक्शन तक नहीं दिया जा रहा है।
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पिछले दिनों भूमि संरक्षण विभाग की ओर से डार्क ब्लाकों में भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने के लिए रिचार्ज योजना का खाका तैयार कर भेजा गया था। शासन ने इस योजना पर विचार तक करना जरूरी नहीं समझा। इस बेरुखी के चलते अबकी गर्मी में आम आदमी की परेशानी बढ़ सकती है।
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भूगर्भ का जलस्तर बढ़ाने को ये है रिचार्ज योजना
डार्क ब्लाकों में भूगर्भ का जलस्तर बढ़ाने के लिए रिचार्ज योजना बनाई गई थी। योजना के तहत ऐसे डार्क ब्लाकों में तालाब और खाई आदि खोदे जाने थे। उबड़ खाबड़ जमीन की लेवलिंग भी होनी थी, ताकि तालाब में बारिश के पानी को संरक्षित किया जा सके। इस कदम भूगर्भ का जल स्तर बढ़ाया जाना था।
क्रिटिकल एवं सेमी क्रिटिकल ब्लाक
सिकंदराबाद, गुलावठी, खुर्जा, जहांगीराबाद, अरनिया, दानपुर, शिकारपुर, लखावटी, अगौता और बीबीनगर
1500 हैंडपंप भी खराब
जिले में 1500 हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। गर्मी दस्तक दे चुकी है। जलनिगम ने खराब हैंडपंपों को सुधारने के लिए कदम नहीं उठाए हैं।
डार्क ब्लाकों के लिए रिचार्ज योजना बनाकर शासन के पास भेजी गई थी। योजना के तहत धनराशि शासन से नहीं मिली। इसलिए भूगर्भ जलस्तरबढ़ानके प्रयास शुरू नहीं हो पाए। -डा. घनश्याम वर्माभूमि संरक्षण अधिकारी