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राजधानी में सफर कर रहे व्यवसायी की पत्नी का ट्रैक पर मिला शव
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:19 PM IST
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नेहा (फाइल फोटो)
- फोटो : ब्यूरो
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हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12301) में सवार बिजनेसमैन की पत्नी का शव क्षतविक्षत हालत में खुर्जा जंक्शन के पास रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। मामला हादसा, हत्या और आत्महत्या में उलझा हुआ है। परिवार सदमे में है और फिलहाल कुछ भी बताने की हालत में नहीं है। जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए अलीगढ़ भेजा है।
जीआरपी प्रभारी सत्यप्रकाश ने बताया कि दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12301) में पंजाब के मोहाली शहर के कुटवाह थाना, खरड़ फेस नाइन निवासी पत्नी नेहा कौशल (31) अपने पति विकास राणा, सास उर्मिला देवी, देवर मोहित, दो बच्चों और परिवार के एक अन्य सदस्य मोहित के साथ कोलकाता से पंजाब लौट रही थी।
इनकी कोच बी में 17,18,19 और 20 नंबर सीट रिजर्व थी। पति विकास राणा ने बताया कि वह मोहाली में फायर प्रोटेक्शन का निजी व्यापार करते हैं। अलीगढ़ स्टेशन गुजरने के बाद नेहा टॉयलेट जाने के लिए कहकर गई। विकास के अनुसार लगभग 25-30 मिनट तक नेहा नहीं लौटी तो वह परेशान हो गया। वह कोच में टॉयलेट के बाहर जाकर खड़ा हो गया, लेकिन उसकी पत्नी नहीं मिली।
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इसके बाद परेशान विकास ने आसपास के कोचों के टॉयलेट में भी तलाश किया और टीटी को सूचना दी। विकास के अनुसार तकरीबन 11.30-12 बजे दोपहर राजधानी अजायबपुर स्टेशन पर सिग्नल नहीं मिलने के कारण 10-15 मिनट रुकी।
विकास ने बताया कि वहां उसने दादरी रेलवे स्टेशन मास्टर को पूरी जानकारी दी। स्टेशन मास्टर ने टूडंला कंट्रोल रूम पर जानकारी की तो पता चला कि खुर्जा जंक्शन पर किसी महिला का शव पड़ा मिला है। विकास के परिवार ने वहां जाकर शव देखा तो वह नेहा का ही निकला।
नेहा का शव क्षत-विक्षत था लेकिन उसके जेवर शरीर पर ही मिले। नेहा की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। जीआरपी ने नेहा का शव पोस्टमार्टम के लिए अलीगढ़ भेज दिया है।
हत्या-आत्महत्या और हादसे में उलझी नेहा की मौत
पंजाब निवासी नेहा कौशल की मौत कई सवाल खड़े कर गई है। उसकी मौत हत्या-आत्महत्या और हादसे के बीच उलझ गई है। वीवीआईपी ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस से नेहा कैसे बाहर पहुंची? यह रेलवे की सुरक्षा पर सवाल उठाता है। नेहा ट्रेन से गिरी या गिराई गई, जीआरपी अभी जांच कर रही है।
अब जीआरपी को नेहा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। उसके सभी जेवरात भी बॉडी पर सुरक्षित मिले हैं। इससे जीआरपी मान रही है कि यह घटना लूट के लिए नहीं की गई है। हालांकि उसके साथ रेप की आशंका जताई जा रही है।
चलती राजधानी एक्सप्रेस में दरवाजे खोलना बहुत मुश्किल होता है। खास बात यह है कि राजधानी के कोच में सब सुविधाएं मौजूद होती है। तो नेहा को ट्रेन का दरवाजा खोलने की क्या जरूरत पड़ी। उधर, रेलवे अधिकारियों की माने तो हर कोच में एक अंटेडेट होता है। उसे भी उसके िगरने का पता नहीं है।
आशंका जताई जा रही है कि कही नेहा के साथ कुछ गलत तो नहीं हुआ है। शायद उसे ट्रेन से धकेला गया हो। राजधानी ट्रेन में आरपीएफ-जीआरपी के जवान होते हैं, इसके बाद भी नेहा का ट्रेन से गायब हो जाना बड़ा मामला है। गौर करने वाली बात है कि विकास की पत्नी नेहा अलीगढ़ के पास ट्रेन में टॉयलेट के लिए कहकर गई थी। उसका शव जंक्शन पर पड़ा मिला।
रेलवे अधिकारियों की माने तो अलीगढ़ से खुर्जा जंक्शन की दूरी करीब 35 किमी की है और तेज रफ्तार राजधानी मात्र 20-25 मिनट के भीतर यह सफर तय कर लेती है। अगर उसे ट्रेन से धकेला गया है तो कहा जा सकता है कि नेहा की मौत की स्क्रिप्ट मात्र 30 मिनट और 35 किमी के बीच लिखी गई।
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जीआरपी प्रभारी सत्यप्रकाश ने बताया कि दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12301) में पंजाब के मोहाली शहर के कुटवाह थाना, खरड़ फेस नाइन निवासी पत्नी नेहा कौशल (31) अपने पति विकास राणा, सास उर्मिला देवी, देवर मोहित, दो बच्चों और परिवार के एक अन्य सदस्य मोहित के साथ कोलकाता से पंजाब लौट रही थी।
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इनकी कोच बी में 17,18,19 और 20 नंबर सीट रिजर्व थी। पति विकास राणा ने बताया कि वह मोहाली में फायर प्रोटेक्शन का निजी व्यापार करते हैं। अलीगढ़ स्टेशन गुजरने के बाद नेहा टॉयलेट जाने के लिए कहकर गई। विकास के अनुसार लगभग 25-30 मिनट तक नेहा नहीं लौटी तो वह परेशान हो गया। वह कोच में टॉयलेट के बाहर जाकर खड़ा हो गया, लेकिन उसकी पत्नी नहीं मिली।
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इसके बाद परेशान विकास ने आसपास के कोचों के टॉयलेट में भी तलाश किया और टीटी को सूचना दी। विकास के अनुसार तकरीबन 11.30-12 बजे दोपहर राजधानी अजायबपुर स्टेशन पर सिग्नल नहीं मिलने के कारण 10-15 मिनट रुकी।
विकास ने बताया कि वहां उसने दादरी रेलवे स्टेशन मास्टर को पूरी जानकारी दी। स्टेशन मास्टर ने टूडंला कंट्रोल रूम पर जानकारी की तो पता चला कि खुर्जा जंक्शन पर किसी महिला का शव पड़ा मिला है। विकास के परिवार ने वहां जाकर शव देखा तो वह नेहा का ही निकला।
नेहा का शव क्षत-विक्षत था लेकिन उसके जेवर शरीर पर ही मिले। नेहा की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। जीआरपी ने नेहा का शव पोस्टमार्टम के लिए अलीगढ़ भेज दिया है।
हत्या-आत्महत्या और हादसे में उलझी नेहा की मौत
पंजाब निवासी नेहा कौशल की मौत कई सवाल खड़े कर गई है। उसकी मौत हत्या-आत्महत्या और हादसे के बीच उलझ गई है। वीवीआईपी ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस से नेहा कैसे बाहर पहुंची? यह रेलवे की सुरक्षा पर सवाल उठाता है। नेहा ट्रेन से गिरी या गिराई गई, जीआरपी अभी जांच कर रही है।
अब जीआरपी को नेहा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। उसके सभी जेवरात भी बॉडी पर सुरक्षित मिले हैं। इससे जीआरपी मान रही है कि यह घटना लूट के लिए नहीं की गई है। हालांकि उसके साथ रेप की आशंका जताई जा रही है।
चलती राजधानी एक्सप्रेस में दरवाजे खोलना बहुत मुश्किल होता है। खास बात यह है कि राजधानी के कोच में सब सुविधाएं मौजूद होती है। तो नेहा को ट्रेन का दरवाजा खोलने की क्या जरूरत पड़ी। उधर, रेलवे अधिकारियों की माने तो हर कोच में एक अंटेडेट होता है। उसे भी उसके िगरने का पता नहीं है।
आशंका जताई जा रही है कि कही नेहा के साथ कुछ गलत तो नहीं हुआ है। शायद उसे ट्रेन से धकेला गया हो। राजधानी ट्रेन में आरपीएफ-जीआरपी के जवान होते हैं, इसके बाद भी नेहा का ट्रेन से गायब हो जाना बड़ा मामला है। गौर करने वाली बात है कि विकास की पत्नी नेहा अलीगढ़ के पास ट्रेन में टॉयलेट के लिए कहकर गई थी। उसका शव जंक्शन पर पड़ा मिला।
रेलवे अधिकारियों की माने तो अलीगढ़ से खुर्जा जंक्शन की दूरी करीब 35 किमी की है और तेज रफ्तार राजधानी मात्र 20-25 मिनट के भीतर यह सफर तय कर लेती है। अगर उसे ट्रेन से धकेला गया है तो कहा जा सकता है कि नेहा की मौत की स्क्रिप्ट मात्र 30 मिनट और 35 किमी के बीच लिखी गई।