{"_id":"587e5a544f1c1b3403efff73","slug":"3-80-million-contracts-in-the-name-of-common","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेके में साझे के नाम पर 3.80 लाख रुपये हड़पे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ठेके में साझे के नाम पर 3.80 लाख रुपये हड़पे
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 17 Jan 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
रुपये
विज्ञापन
नगर कोतवाली क्षेत्र निवसी ठेकेदार से ठेके में साझेदारी के नाम पर 3.80 लाख रुपये हड़प लिए। भुगतान के लिए दिए दो चेक भी बैंक में बाउंस हो गए। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ठेकेदार ने तहरीर दी है।
राधानगर निवासी वीएस भास्कर पुत्र परसादी सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पंजीकृत ठेकेदार होने के चलते सिकंदराबाद निवासी तीन ठेकेदारों से उसकी जान पहचान है। 24 फरवरी 2016 को तीनों ने उसे राजेबाबू पार्क में बुलाया। वहां तीनों ने आईटीआई सहकारी नगर में दो करोड़ रुपये का मेंटीनेंस कार्य का ठेका जल्द मिलने की बात कही।
विज्ञापन
साथ ही रुपये की व्यवस्था नहीं होने के चलते उसे ठेके में साझीदार बनने का झांसा दिया। सहमति जताते हुए पीड़ित ने 26 फरवरी 2016 को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया से 3,80,000 रुपये निकालकर ठेकेदारों को दे दिए। मार्च 2016 में पता किया तो आरोपियों ने कहा कि इस काम का ठेका किसी और को मिल गया है।
विज्ञापन
रुपये वापस मांगने तो आरोपियों ने दो लाख और 1.80 लाख के दो चेक दे दिए लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने की जानकारी जब आरोपियों को दी तो आरोपियों ने धमकी दी। कोतवाल पोसीराम शर्मा ने बताया कि मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
नकद में चुकाया उधार, अब चेक वापसी पर टरकाया
नगर कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति को रुपये उधार लेने के बाद चेक देना भारी पड़ गया। पीड़ित ने चेक बाउंस होने पर नकद में और ट्रांजेक्शन के माध्यम से भुगतान कर दिया। अब आरोपी चेक वापस नहीं कर रहा है। इससे आरोपी की नीयत पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और और चेक वापस दिलाने की मांग की है।
रामा एंकलेव निवासी रविंद्र चोपड़ा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपने निजी काम के लिए 78 हजार रुपये की आवश्यकता थी। जिसके चलते यमुनापुरम निवासी एक व्यक्ति से 78 हजार रुपये उधार लिए थे।
रुपये उधार लेने के कुछ माह बाद एमसीसीए खाते से सात दिसंबर 2016 को एनईएफटी के माध्यम से 70 हजार रुपये स्टेट बैंक ऑफ पटियाला कालाआम के माध्यम से आरोपी के कैनरा बैंक में ट्रांसफर करा दिए। आठ हजार रुपये का नकद भुगतान कर दिया गया।
रविंद्र ने बताया कि उधार रुपये लेते समय आरोपी को 78 हजार रुपये का चैक काटकर दिया था। उसने चेक को भुगतान के लिए बैंक में लगाया था। हस्ताक्षर मेल नहीं होने के कारण चेक वापस कर दिया था। अब भुगतान होने के बाद भी उसने चेक वापस नहीं किया है।