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तबस्सुम हत्याकांड: आरोपी पति दोषी करार, आजीवन कारावास
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तबस्सुम हत्याकांड: आरोपी पति दोषी करार, आजीवन कारावास
बुलंदशहर। डिबाई थाना क्षेत्र में सितंबर 2014 को अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में मंगलवार को सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश राजेश पाराशर ने आरोपी पति को दोषी माना है, साथ ही उसे आजीवन कारावास व 15 हजार का अर्थदंड भी सुनाया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रताप सिंह अंबा ने बताया कि वादी अय्यूब खां ने थाना डिबाई में 15 सितंबर 2014 को तहरीर देकर दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया था कि उसने अपनी दो बेटियों की शादी क्षेत्र के गांव दानगढ़ निवासी दो युवकों के साथ की थी। बड़ी पुत्री तबस्सुम का निकाह कुर्बान उर्फ पप्पू के साथ वर्ष 2008 में किया था। निकाह में काफी दान दहेज भी दिया था। आरोप है कि शादी में मिले दान दहेज से आरोपी पति कुर्बान उर्फ पप्पू खुश नहीं था। वह अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहा था। मांगे पूरी न होने पर उनकी पुत्री का उत्पीड़न किया जा रहा था। आरोप है कि 15 सितंबर को वादी व मुकीम अपनी पुत्री तबस्सुम के घर गए थे। जहां उन्होंने दामाद कुर्बान को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आरोपी नहीं माना। इस दौरान आरोपी ने तबस्सुम के साथ मारपीट की और तमंचे से उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद आरोपी पति के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और अधिवक्ताओं के बीच हुई जिरह को सुनने के बाद आरोपी पति को दोषी माना है। साथ ही उसे आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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बुलंदशहर। डिबाई थाना क्षेत्र में सितंबर 2014 को अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में मंगलवार को सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश राजेश पाराशर ने आरोपी पति को दोषी माना है, साथ ही उसे आजीवन कारावास व 15 हजार का अर्थदंड भी सुनाया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रताप सिंह अंबा ने बताया कि वादी अय्यूब खां ने थाना डिबाई में 15 सितंबर 2014 को तहरीर देकर दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया था कि उसने अपनी दो बेटियों की शादी क्षेत्र के गांव दानगढ़ निवासी दो युवकों के साथ की थी। बड़ी पुत्री तबस्सुम का निकाह कुर्बान उर्फ पप्पू के साथ वर्ष 2008 में किया था। निकाह में काफी दान दहेज भी दिया था। आरोप है कि शादी में मिले दान दहेज से आरोपी पति कुर्बान उर्फ पप्पू खुश नहीं था। वह अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहा था। मांगे पूरी न होने पर उनकी पुत्री का उत्पीड़न किया जा रहा था। आरोप है कि 15 सितंबर को वादी व मुकीम अपनी पुत्री तबस्सुम के घर गए थे। जहां उन्होंने दामाद कुर्बान को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आरोपी नहीं माना। इस दौरान आरोपी ने तबस्सुम के साथ मारपीट की और तमंचे से उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद आरोपी पति के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और अधिवक्ताओं के बीच हुई जिरह को सुनने के बाद आरोपी पति को दोषी माना है। साथ ही उसे आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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