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शीशराम हत्याकांड: आरोपी पत्नी दोषी करार, सश्रम आजीवन कारावास
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:54 AM IST
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शीशराम हत्याकांड: आरोपी पत्नी दोषी करार, सश्रम आजीवन कारावास
बुलंदशहर। गुलावठी थाना क्षेत्र निवासी शीशराम हत्याकांड में बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार सिंह ने आरोपी पत्नी को दोषी माना है। न्यायाधीश ने मृतक की पत्नी को सश्रम आजीवन कारावास व अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि हापुड़ के पिलखुवा थाना क्षेत्र के गांव पीपला बंदपुर निवासी शीशपाल पुत्र रामस्वरुप ने 30 सितंबर 2013 को अपने भाई की हत्या की रिपोर्ट गुलावठी थाने में दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके भाई शीशराम की शादी सीमा पुत्री प्रकाश जाटव के साथ गांव बराल थाना गुलावठी के साथ करीब नौ वर्ष पूर्व हुई थी। शादी के बाद जानकारी हुई कि सीमा विधवा नहीं थी बल्कि उसका पति शातिर अपराधी था और लंबे समय से जेल में बंद था। शीशराम अपनी पत्नी सीमा के साथ गुलावठी स्थित एक मकान में किराए पर रहता था। 24 सितंबर 2013 को सीमा ने शीशपाल को फोन कर देर रात सूचना दी थी कि शीशराम की शराब पीने के कारण मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे तो शीशराम का शव कमरे में पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि शीशराम की मौत शराब पीने के कारण नहीं हुई थी, बल्कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सीमा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी कर ली थी। सीमा ने बताया था कि शीशराम शराब पीकर उसके व उसके बच्चों के साथ मारपीट करता था। इस कारण उसने सोते समय शीशराम की गला दबाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मामले में चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सीमा को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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बुलंदशहर। गुलावठी थाना क्षेत्र निवासी शीशराम हत्याकांड में बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार सिंह ने आरोपी पत्नी को दोषी माना है। न्यायाधीश ने मृतक की पत्नी को सश्रम आजीवन कारावास व अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि हापुड़ के पिलखुवा थाना क्षेत्र के गांव पीपला बंदपुर निवासी शीशपाल पुत्र रामस्वरुप ने 30 सितंबर 2013 को अपने भाई की हत्या की रिपोर्ट गुलावठी थाने में दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके भाई शीशराम की शादी सीमा पुत्री प्रकाश जाटव के साथ गांव बराल थाना गुलावठी के साथ करीब नौ वर्ष पूर्व हुई थी। शादी के बाद जानकारी हुई कि सीमा विधवा नहीं थी बल्कि उसका पति शातिर अपराधी था और लंबे समय से जेल में बंद था। शीशराम अपनी पत्नी सीमा के साथ गुलावठी स्थित एक मकान में किराए पर रहता था। 24 सितंबर 2013 को सीमा ने शीशपाल को फोन कर देर रात सूचना दी थी कि शीशराम की शराब पीने के कारण मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे तो शीशराम का शव कमरे में पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि शीशराम की मौत शराब पीने के कारण नहीं हुई थी, बल्कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सीमा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी कर ली थी। सीमा ने बताया था कि शीशराम शराब पीकर उसके व उसके बच्चों के साथ मारपीट करता था। इस कारण उसने सोते समय शीशराम की गला दबाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मामले में चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सीमा को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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