बुलंदशहर सड़क हादसा: कैसे हुई पांच लोगों की मौत, सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट; अस्पताल में अब भी भर्ती 25 घायल
हादसे के लिए एक बड़ा कारण सड़क पर बने टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर भी माना जा रहा है। लोगों का आरोप है कि मानकों के विपरीत बनाए गए इन ब्रेकर के कारण ही इतना बड़ा हादसा हुआ।
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यूपी के बुलंदशहर स्थित जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव रौंडा में शुक्रवार तड़के चार बजे मजदूरों से भरा टैंकर आगे चल रहे ट्रक में जा घुसा था। इसमें सवार करीब 34 लोगों में से पांच लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 29 लोग घायल हो गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्टर में मृतकों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने और अधिक खून बहने से मौत के कारणों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि 34 घायलों को अस्पताल लाया गया था। जिसमें से तीन की मौत हो गई थी। चार को छोड़कर बाकी को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। मेरठ में दो और लोगों की मौत हो गई थी। शनिवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि सभी के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें थीं। खून ज्यादा बहने के कारण उन लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर जिला अस्पताल में भर्ती चार लोगों को शुक्रवार शाम को ही छुट्टी दे दी गई थी।
हादसों से बचाने वाले टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर ही लील गए पांच लोगों का जीवन
हादसे के लिए एक बड़ा कारण सड़क पर बने टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर भी माना जा रहा है। लोगों का आरोप है कि मानकों के विपरीत बनाए गए इन ब्रेकर के कारण ही इतना बड़ा हादसा हुआ। वहीं, अब ट्रक ड्राइवर की तलाश पुलिस कर रही है।
ट्रक ड्राइवर की हुई पहचान
पुलिस ने ट्रक के ड्राइवर की पहचान उसके ड्राइवर लाइसेंस के आधार पर नौशाद के रूप में की है। वहीं पुलिस अब भी इस हादसे की सटीक वजह जानने के लिए आस पास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
स्पीड ब्रेकर हादसे का अहम कारण
कस्बा निवासी रमेश कुमार ने बताया कि जहांगीराबाद-बुलन्दशहर मार्ग पर लगे स्पीड ब्रेकर भी हादसे का एक अहम कारण है। शासन ने टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने इसके मानकों के विपरीत ऊंचे और छोटे ब्रेकर बना दिए। साथ ही इन ब्रेकर पर रेडियम पट्टी तक नहीं लगाई गई है, जिससे वाहन चालकों को इन ब्रेकर का अंदाजा नहीं लग पाता है। लोगों ने स्पीड ब्रेकर को नियमानुसार बनवाने की मांग की है।