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गंगा पार्क आश्रम का आधा हिस्सा गंगा में विलीन
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ganga ghat
- फोटो : amarujala
गंगा पार्क आश्रम का आधा हिस्सा गंगा में विलीन
नरौरा। गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ नदी की अप स्ट्रीम के राजघाट में तेज बहाव के कारण गंगा के किनारों पर जबरदस्त कटान हो रहा है। जिससे लोग चिंतित है। गंगा किनारे बने गंगा पार्क की दीवार कटान के कारण गिर गई। भारी कटान के कारण गंगा पार्क के लेंटर के शेड की भी गिरने की आशंका है। गंगा नदी का जल स्तर लो फ्लड की श्रेणी में पहुंच गया है। राजघाट पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा किनारे लगी दुकानों व गंगा पार्क शेड से पीछे रहने के निर्देश दिए।
गंगा नदी के बढे जलस्तर के कारण नरौरा बैराज की अप स्ट्रीम के राजघाट में गंगा के तेज बहाव के कारण नदी गांव की ओर कटान कर रही है। कुछ एक मकान कटान की जद में हैं। राजघाट में गंगा किनारे बना गंगा पार्क आश्रम पूरी तरह कटान की जद में आ गया है। बीती रात एक ओर की पूरी दीवार व एक कमरा गिर गया। जबकि आश्रम के नीचे कटान जा रही है। एडीएम वित्त्त एवं राजस्व मनोज सिंघल व तहसीलदार धर्मेन्द्र सिंह ने तहसील टीम के साथ कटान की स्थिति का निरीक्षण किया। तहसीलदार धर्मेन्द्र कुमार ने लोगों से गंगा किनारे लगी दुकानों को हटाने व गंगा पार्क आश्रम के शेड से अलग रहने की हिदायत दी। अधिकारियों ने ड्रैनेज प्रथम मेरठ के अधिकारियों को कटान रोकने की दिशा में तुरंत कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
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कटान के स्थाई समाधान को बनाई गई बाढ़ नियंत्रण परियोजना लंबित
नरौरा। राजघाट में गंगा नदी का कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के ड्रेनेज प्रथम मेरठ द्वारा जगह जगह लगाए गए बांस व रेत से भरे कटटे लगाए गए। ग्राम प्रधान पति ओमवीर सिंह ने बताया कि इसका अधिक लाभ नहीं हो पा रहा है। गत वर्ष कटान के स्थाई समाधान के लिए ड्रेनेज प्रथम मेरठ द्वारा 11 करोड़ 27 लाख की अनुमानित लागत वाली बाढ़ नियंत्रण परियोजना बनाई थी। जो तकनीकी सलाहकार समिति से पास होने के बाद स्थाई संचालन समिति में लंबित है। गंगा पार्क के गिरने के बाद गंगा के कटान से नमामि गंगा के तहत बनाए गए शवदाह गृह के भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।
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नरौरा बैराज पर लो फ्लड की श्रेणी में गंगा का जलस्तर
नरौरा। नरौरा गंगा बैराज पर नदी का जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में पहुंच गया है। हरिद्वार व बिजनौर बैराज से नदी में छोड़ी जा रही जलराशि के कारण नरौरा बैराज पर गंगा के जलस्तर में वृद्धि के साथ नरौरा बैराज पर जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में पहुंच गया। बैराज नियंत्रण कक्ष के प्रवक्ता देवेश कुमार ने बताया कि बैराज कुल पानी की उपलब्धता 125840 क्यूसेक बनी हुई है। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 112285 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7039 व पीएलजीसी नहर में 6516 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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नरौरा। गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ नदी की अप स्ट्रीम के राजघाट में तेज बहाव के कारण गंगा के किनारों पर जबरदस्त कटान हो रहा है। जिससे लोग चिंतित है। गंगा किनारे बने गंगा पार्क की दीवार कटान के कारण गिर गई। भारी कटान के कारण गंगा पार्क के लेंटर के शेड की भी गिरने की आशंका है। गंगा नदी का जल स्तर लो फ्लड की श्रेणी में पहुंच गया है। राजघाट पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा किनारे लगी दुकानों व गंगा पार्क शेड से पीछे रहने के निर्देश दिए।
गंगा नदी के बढे जलस्तर के कारण नरौरा बैराज की अप स्ट्रीम के राजघाट में गंगा के तेज बहाव के कारण नदी गांव की ओर कटान कर रही है। कुछ एक मकान कटान की जद में हैं। राजघाट में गंगा किनारे बना गंगा पार्क आश्रम पूरी तरह कटान की जद में आ गया है। बीती रात एक ओर की पूरी दीवार व एक कमरा गिर गया। जबकि आश्रम के नीचे कटान जा रही है। एडीएम वित्त्त एवं राजस्व मनोज सिंघल व तहसीलदार धर्मेन्द्र सिंह ने तहसील टीम के साथ कटान की स्थिति का निरीक्षण किया। तहसीलदार धर्मेन्द्र कुमार ने लोगों से गंगा किनारे लगी दुकानों को हटाने व गंगा पार्क आश्रम के शेड से अलग रहने की हिदायत दी। अधिकारियों ने ड्रैनेज प्रथम मेरठ के अधिकारियों को कटान रोकने की दिशा में तुरंत कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
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कटान के स्थाई समाधान को बनाई गई बाढ़ नियंत्रण परियोजना लंबित
नरौरा। राजघाट में गंगा नदी का कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के ड्रेनेज प्रथम मेरठ द्वारा जगह जगह लगाए गए बांस व रेत से भरे कटटे लगाए गए। ग्राम प्रधान पति ओमवीर सिंह ने बताया कि इसका अधिक लाभ नहीं हो पा रहा है। गत वर्ष कटान के स्थाई समाधान के लिए ड्रेनेज प्रथम मेरठ द्वारा 11 करोड़ 27 लाख की अनुमानित लागत वाली बाढ़ नियंत्रण परियोजना बनाई थी। जो तकनीकी सलाहकार समिति से पास होने के बाद स्थाई संचालन समिति में लंबित है। गंगा पार्क के गिरने के बाद गंगा के कटान से नमामि गंगा के तहत बनाए गए शवदाह गृह के भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।
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नरौरा बैराज पर लो फ्लड की श्रेणी में गंगा का जलस्तर
नरौरा। नरौरा गंगा बैराज पर नदी का जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में पहुंच गया है। हरिद्वार व बिजनौर बैराज से नदी में छोड़ी जा रही जलराशि के कारण नरौरा बैराज पर गंगा के जलस्तर में वृद्धि के साथ नरौरा बैराज पर जलस्तर लो फ्लड की श्रेणी में पहुंच गया। बैराज नियंत्रण कक्ष के प्रवक्ता देवेश कुमार ने बताया कि बैराज कुल पानी की उपलब्धता 125840 क्यूसेक बनी हुई है। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 112285 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7039 व पीएलजीसी नहर में 6516 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।