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जनपद में 32 गांव बने मनरेगा ग्राम, लगेंगे विकास के चार चांद
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जनपद में 32 गांव बने मनरेगा ग्राम, तेज होगा विकास
बुलंदशहर। जनपद के 32 गांवों का मनरेगा ग्राम के रूप में चयन हुआ है। अब इन गांवों में तेजी से विकास होगा। इनमें जनपद के 16 ब्लॉकों में से दो-दो गांवों शामिल हैं। इन गांवों के चयन पर विभागीय अधिकारियों ने मुहर लगाई है।
गांवों का विकास और शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकने के लिए शासन ने अब प्लान तैयार कर लिया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में जनपद के प्रत्येक ब्लॉक से दो-दो गांवों को मनरेगा ग्राम के रूप में चयनित किया गया है। चयनित गांवों में रहने वाले परिवारों की आजीविका में वृद्धि की जाएगी। शासन के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि विभिन्न विभागों के तालमेल से आवास, स्वच्छता, सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल, कृषि और जल संरक्षण, मजदूरी रोजगार, कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। मनरेगा ग्राम विकसित करने का उद्देश्य शहरों की तरफ पलायन को रोकना है। पंचायतों में ऐसी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादनों और अन्य विपणन योग्य सामानों को बाजार तक पहुंचाना, ग्राम पंचायत में समाज के सभी वर्गों को शामिल कर सामाजिक सशिक्तकरण की दिशा में योगदान देना, ग्राम पंचायतों को समावेशी विकास प्रदान करना है। इसमें जनप्रतिनिधियाें से लेकर स्वयं सहायता समूह और कई अन्य विभागों का भी सहयोग रहेगा।
जीआईएस से हुआ मनरेगा ग्राम के लिए गांवों का चयन
विभागीय अधिकारियोें ने बताया कि मनरेगा ग्राम के लिए जिन 32 गांवों का चयन किया गया है। उनका चयन जीआइएस यानि सेटेलाइट से किया गया है। बताया गया कि यह कार्य काफी दिन पहले ही पूरा कर लिया गया था। इस योजना पर पिछले काफी समय से काम चल रहा था।
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मनरेगा ग्राम में होंगे यह कार्य
चयनित किए गए मनरेगा ग्रामों को विकसित करने के लिए प्रत्येक गांव में रोड का निर्माण, खेल का मैदान, स्कूलों की बाउंड्री, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन का निर्माण, स्कूलों में छात्र-छात्राओं के अलग-अलग शौचालय, सोलर लाइट, स्वच्छ पेयजल की सुविधा आदि कार्य होंगे। इसके अलावा प्रत्येक गांवों में रोजगार दिवस भी लगेंगे। इसके तहत ग्रामीणों को मनरेगा से मिलने वाले काम के लिए नियमानुसार मजदूरी भी दी जाएगी।
16 ब्लॉकों से इन गांवों का हुआ चयन
अगौता ब्लॉक से सीही और बागवाला, अनूपशहर से जटपुरा और सुनाई, अरनिया से घटाल और रुदरी, बीबीनगर से ढकोली और सहरा, बुलंदशहर से मचकौली और हीरापुर, दानपुर से बरारी और औखद, डिबाई से गंगागढ़ और चिरौरी ता0 जरगवां, गुलावठी से इसेपुर और सेंगरा, जहांगीराबाद से इलना और सीकरी, खुर्जा से भादवां और नगला रूमी, लखावटी से अडोली और पालीबेगमपुर, पहासू से बान और बाद, शिकारपुर से जखैता और हिरनोट, सिकंदराबाद से हृदयपुर और सावंली, स्याना से बिगराऊ और देहरा एवं ब्लॉक ऊंचागांव से दुलखड़ा और करियारी गांवों को शामिल किया गया है।
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मनरेगा के अंतर्गत जनपद के सभी 16 ब्लॉकों से 32 गांवों का चयन मनरेगा ग्राम के लिए कर लिया गया है। इन गांवों में अनेक विकास कार्य सहित जरूरी काम होंगे। शासन के आदेश पर योजना में गांवों का चयन कर आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - सर्वेश चंद्र, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग एवं नोडल अधिकारी, मनरेगा, बुलंदशहर।
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बुलंदशहर। जनपद के 32 गांवों का मनरेगा ग्राम के रूप में चयन हुआ है। अब इन गांवों में तेजी से विकास होगा। इनमें जनपद के 16 ब्लॉकों में से दो-दो गांवों शामिल हैं। इन गांवों के चयन पर विभागीय अधिकारियों ने मुहर लगाई है।
गांवों का विकास और शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकने के लिए शासन ने अब प्लान तैयार कर लिया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में जनपद के प्रत्येक ब्लॉक से दो-दो गांवों को मनरेगा ग्राम के रूप में चयनित किया गया है। चयनित गांवों में रहने वाले परिवारों की आजीविका में वृद्धि की जाएगी। शासन के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि विभिन्न विभागों के तालमेल से आवास, स्वच्छता, सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल, कृषि और जल संरक्षण, मजदूरी रोजगार, कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। मनरेगा ग्राम विकसित करने का उद्देश्य शहरों की तरफ पलायन को रोकना है। पंचायतों में ऐसी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादनों और अन्य विपणन योग्य सामानों को बाजार तक पहुंचाना, ग्राम पंचायत में समाज के सभी वर्गों को शामिल कर सामाजिक सशिक्तकरण की दिशा में योगदान देना, ग्राम पंचायतों को समावेशी विकास प्रदान करना है। इसमें जनप्रतिनिधियाें से लेकर स्वयं सहायता समूह और कई अन्य विभागों का भी सहयोग रहेगा।
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जीआईएस से हुआ मनरेगा ग्राम के लिए गांवों का चयन
विभागीय अधिकारियोें ने बताया कि मनरेगा ग्राम के लिए जिन 32 गांवों का चयन किया गया है। उनका चयन जीआइएस यानि सेटेलाइट से किया गया है। बताया गया कि यह कार्य काफी दिन पहले ही पूरा कर लिया गया था। इस योजना पर पिछले काफी समय से काम चल रहा था।
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मनरेगा ग्राम में होंगे यह कार्य
चयनित किए गए मनरेगा ग्रामों को विकसित करने के लिए प्रत्येक गांव में रोड का निर्माण, खेल का मैदान, स्कूलों की बाउंड्री, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन का निर्माण, स्कूलों में छात्र-छात्राओं के अलग-अलग शौचालय, सोलर लाइट, स्वच्छ पेयजल की सुविधा आदि कार्य होंगे। इसके अलावा प्रत्येक गांवों में रोजगार दिवस भी लगेंगे। इसके तहत ग्रामीणों को मनरेगा से मिलने वाले काम के लिए नियमानुसार मजदूरी भी दी जाएगी।
16 ब्लॉकों से इन गांवों का हुआ चयन
अगौता ब्लॉक से सीही और बागवाला, अनूपशहर से जटपुरा और सुनाई, अरनिया से घटाल और रुदरी, बीबीनगर से ढकोली और सहरा, बुलंदशहर से मचकौली और हीरापुर, दानपुर से बरारी और औखद, डिबाई से गंगागढ़ और चिरौरी ता0 जरगवां, गुलावठी से इसेपुर और सेंगरा, जहांगीराबाद से इलना और सीकरी, खुर्जा से भादवां और नगला रूमी, लखावटी से अडोली और पालीबेगमपुर, पहासू से बान और बाद, शिकारपुर से जखैता और हिरनोट, सिकंदराबाद से हृदयपुर और सावंली, स्याना से बिगराऊ और देहरा एवं ब्लॉक ऊंचागांव से दुलखड़ा और करियारी गांवों को शामिल किया गया है।
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मनरेगा के अंतर्गत जनपद के सभी 16 ब्लॉकों से 32 गांवों का चयन मनरेगा ग्राम के लिए कर लिया गया है। इन गांवों में अनेक विकास कार्य सहित जरूरी काम होंगे। शासन के आदेश पर योजना में गांवों का चयन कर आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - सर्वेश चंद्र, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग एवं नोडल अधिकारी, मनरेगा, बुलंदशहर।