{"_id":"613282388ebc3e137b6426a4","slug":"bulandshahar-news-bulandshahr-news-gbd225268950","type":"story","status":"publish","title_hn":"1.15 लाख रुपये के गबन के मामले में लिपिक को किया निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1.15 लाख रुपये के गबन के मामले में लिपिक को किया निलंबित
विज्ञापन
1.15 लाख रुपये के गबन के मामले में लिपिक को किया निलंबित
बुुलंदशहर। दिव्यांगों के हित में शासन की ओर से चलाई गई योजनाओं के प्रचार-प्रसार के बजट में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी पर 1.15 लाख रुपये के गबन के मामले में सीडीओं ने कार्रवाई के लिए शासन को फिर से पत्र लिखा है। बताया गया कि पूर्व में शासन को भेजे गए पत्र के बाद अधिकारी को राहत मिल गई, जबकि विभाग के एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया।
शासन ने दिव्यांगों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई हैं। ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रचार-प्रसार को बजट जारी किया जाता है। सीडीओ के अनुसार विभाग के पास भी करीब 1.15 लाख रुपये का बजट था। इसका प्रचार-प्रसार कराने के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को आदेश दिए थे, मगर प्रचार न कराकर उक्त बजट का जिला दिव्यांग अधिकारी ने गबन कर लिया था। मामले में जांच कराई गई थी सभी आरोप सही पाए गए। पूरे मामले विभाग के बाबू को प्रतिकूल प्रवष्टि दी गई और जिला दिव्यांग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई को शासन के लिखा गया था, लेकिन वहां से एक लिपिक को तो सस्पेंड कर दिया, लेकिन अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीडीओ ने बताया कि पूरे मामले में फिर से जिला दिव्यांग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है। वहीं, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने आरोप निराधार बताते हुए शासन को अपना पक्ष भेजने की बात कही है।
मुख्य विकास अधिकारी = जिला दिव्यांगजप सशक्तिकरण अधिकारी ने 1.15 लाख का गबन का किया था। प्रकरण में जांच के बाद शासन को कार्रवाई के लिए लिखा गया था। अधिकारी पर कार्यवाही के लिए फिर से शासन को लिखा जा रहा है और पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
जिला दिव्यांगजन जनसशक्तिकरण अधिकारी = मेरे पर जो आरोप लगाए गए थे वह सभी निराधार हैं। योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया गया था। सीडीओ औरं शासन को अपना पक्ष भेजा है। पूरे बजट के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
विज्ञापन
बुुलंदशहर। दिव्यांगों के हित में शासन की ओर से चलाई गई योजनाओं के प्रचार-प्रसार के बजट में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी पर 1.15 लाख रुपये के गबन के मामले में सीडीओं ने कार्रवाई के लिए शासन को फिर से पत्र लिखा है। बताया गया कि पूर्व में शासन को भेजे गए पत्र के बाद अधिकारी को राहत मिल गई, जबकि विभाग के एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया।
शासन ने दिव्यांगों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई हैं। ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रचार-प्रसार को बजट जारी किया जाता है। सीडीओ के अनुसार विभाग के पास भी करीब 1.15 लाख रुपये का बजट था। इसका प्रचार-प्रसार कराने के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को आदेश दिए थे, मगर प्रचार न कराकर उक्त बजट का जिला दिव्यांग अधिकारी ने गबन कर लिया था। मामले में जांच कराई गई थी सभी आरोप सही पाए गए। पूरे मामले विभाग के बाबू को प्रतिकूल प्रवष्टि दी गई और जिला दिव्यांग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई को शासन के लिखा गया था, लेकिन वहां से एक लिपिक को तो सस्पेंड कर दिया, लेकिन अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीडीओ ने बताया कि पूरे मामले में फिर से जिला दिव्यांग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है। वहीं, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने आरोप निराधार बताते हुए शासन को अपना पक्ष भेजने की बात कही है।
विज्ञापन
मुख्य विकास अधिकारी = जिला दिव्यांगजप सशक्तिकरण अधिकारी ने 1.15 लाख का गबन का किया था। प्रकरण में जांच के बाद शासन को कार्रवाई के लिए लिखा गया था। अधिकारी पर कार्यवाही के लिए फिर से शासन को लिखा जा रहा है और पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
जिला दिव्यांगजन जनसशक्तिकरण अधिकारी = मेरे पर जो आरोप लगाए गए थे वह सभी निराधार हैं। योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया गया था। सीडीओ औरं शासन को अपना पक्ष भेजा है। पूरे बजट के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया गया है।