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अब अपना आम देश-विदेश में बनेगा ‘खास’
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अब अपना आम देश-विदेश में बनेगा ‘खास’
बुलंदशहर। प्रदेश सरकार की ओर से एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) में आम को शामिल किए जाने के बाद उत्पादकों के चेहरे खिल गए हैं। उत्पादकों को देश-विदेश में आम की खास पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि अभी तक फल पट्टी क्षेत्र में सुविधाएं शून्य हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की इस पहल से व्यवस्थाएं सुधरने की उम्मीद है।
जनपद में 14 हजार हेक्टेयर में आम के बाग हैं। स्याना क्षेत्र को आम के लिए फल पट्टी के नाम से जाना जाता है। यहां पर दशहरी, लंगड़ा, चौसा जैसी आम की कई प्रजातियों का उत्पादन होता है। यहां का आम दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब आदि राज्यों में भेजा जाता है। आम को सुरक्षित रखने और उसे बेचने के लिए अलग से कोई व्यवस्था न होने के कारण उत्पादकों को काफी परेशानी होती है। अब प्रदेश सरकार ने आम को एक जनपद-एक उत्पाद में शामिल कर लिया है। इससे आम उत्पादकों को काफी लाभ मिलने की संभावना है। आम को उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। देश-विदेश में निर्यात से आम की कीमत भी बढ़ेगी। इससे आम उत्पादक किसानों में उत्साह है।
डॉ. धीरेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी - शासन की एक जिला-एक उत्पाद के तहत उत्पादों के लिए सामान्य बुनियादी ढांचे, ब्रांडिंग और विपणन के लिए बाजार उपलब्ध करवाने की योजना है। इससे आम उत्पादकों को लाभ मिलेगा। जल्द इस योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
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बुलंदशहर। प्रदेश सरकार की ओर से एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) में आम को शामिल किए जाने के बाद उत्पादकों के चेहरे खिल गए हैं। उत्पादकों को देश-विदेश में आम की खास पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि अभी तक फल पट्टी क्षेत्र में सुविधाएं शून्य हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की इस पहल से व्यवस्थाएं सुधरने की उम्मीद है।
जनपद में 14 हजार हेक्टेयर में आम के बाग हैं। स्याना क्षेत्र को आम के लिए फल पट्टी के नाम से जाना जाता है। यहां पर दशहरी, लंगड़ा, चौसा जैसी आम की कई प्रजातियों का उत्पादन होता है। यहां का आम दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब आदि राज्यों में भेजा जाता है। आम को सुरक्षित रखने और उसे बेचने के लिए अलग से कोई व्यवस्था न होने के कारण उत्पादकों को काफी परेशानी होती है। अब प्रदेश सरकार ने आम को एक जनपद-एक उत्पाद में शामिल कर लिया है। इससे आम उत्पादकों को काफी लाभ मिलने की संभावना है। आम को उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। देश-विदेश में निर्यात से आम की कीमत भी बढ़ेगी। इससे आम उत्पादक किसानों में उत्साह है।
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डॉ. धीरेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी - शासन की एक जिला-एक उत्पाद के तहत उत्पादों के लिए सामान्य बुनियादी ढांचे, ब्रांडिंग और विपणन के लिए बाजार उपलब्ध करवाने की योजना है। इससे आम उत्पादकों को लाभ मिलेगा। जल्द इस योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
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